किसानों की आय बढ़े, तभी सच्ची सफलता — BAU के 46वें स्थापना दिवस पर राज्यपाल गंगवार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के राज्यपाल एवं कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को रांची स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के 46वें स्थापना दिवस समारोह में स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृषि अनुसंधान की सफलता का असली पैमाना शोधपत्रों की संख्या नहीं, बल्कि किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि और उनके जीवन में आया ठोस बदलाव होना चाहिए। उन्होंने वैज्ञानिकों से 'लैब टू लैंड' की अवधारणा को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने का आह्वान किया।
मुख्य संदेश: प्रयोगशाला से खेत तक
राज्यपाल गंगवार ने कहा कि प्रयोगशाला में विकसित कोई भी तकनीक तभी सार्थक मानी जाएगी, जब उसका लाभ सीधे खेतों तक पहुँचे। उन्होंने जोर दिया कि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय महज एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि झारखंड के किसानों की आशाओं और ग्रामीण विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। विश्वविद्यालय और किसानों के बीच जितना मज़बूत संवाद होगा, कृषि विकास की गति उतनी ही तेज़ होगी।
जलवायु परिवर्तन और नई प्राथमिकताएँ
राज्यपाल ने रेखांकित किया कि झारखंड की बड़ी आबादी कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर निर्भर है। बदलते जलवायु परिदृश्य को देखते हुए उन्होंने जैविक खेती, श्री अन्न (मिलेट्स), बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के विकास को समय की ज़रूरत बताया। उनके अनुसार, कृषि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि नवाचार, कृषि उद्यमिता और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाना भी है।
झारखंड की कृषि संभावनाएँ
स्वयं को एक कृषक परिवार से जुड़ा बताते हुए गंगवार ने कहा कि वे किसानों की समस्याओं और अपेक्षाओं को निकट से समझते हैं। उन्होंने झारखंड में बागवानी, वानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और लाख उत्पादन की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए इन क्षेत्रों में अनुसंधान, मूल्य संवर्धन और आधुनिक विपणन व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि को केवल आजीविका नहीं, बल्कि उद्यमिता और समृद्धि का माध्यम बनाया जाना चाहिए।
छात्रों से आह्वान: नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बनें
छात्रों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कृषि शिक्षा आज स्टार्टअप, खाद्य प्रसंस्करण और रोज़गार सृजन के नए अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोज़गार सृजित करने वाले बनने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
स्वर्ण जयंती तक अग्रणी संस्थान बनने का लक्ष्य
राज्यपाल गंगवार ने विश्वास व्यक्त किया कि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय अपनी स्वर्ण जयंती तक देश के अग्रणी कृषि विश्वविद्यालयों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। स्थापना दिवस का यह समारोह विश्वविद्यालय के उस सफर की याद दिलाता है जिसमें शिक्षा, अनुसंधान और कृषि प्रसार कार्यक्रमों के ज़रिए किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई गई है।