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पश्चिम बंगाल में जनगणना-2027 के लिए ₹197.20 करोड़ मंजूर, 22 जिलों के कर्मचारियों को मिलेगा मानदेय

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पश्चिम बंगाल में जनगणना-2027 के लिए ₹197.20 करोड़ मंजूर, 22 जिलों के कर्मचारियों को मिलेगा मानदेय

सारांश

पश्चिम बंगाल सरकार ने जनगणना-2027 के दूसरे चरण के लिए ₹197.20 करोड़ मंजूर किए हैं — जो 22 जिलों और 7 नगर निगमों के सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों को मानदेय के रूप में मिलेंगे। फरवरी 2027 में शुरू होने वाले इस चरण में जनसंख्या के साथ जाति आधारित गणना भी होगी।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार ने जनगणना-2027 के दूसरे चरण के लिए ₹197.20 करोड़ के मानदेय की मंजूरी दी।
यह राशि राज्य के 22 जिलों और 7 नगर निगमों के मुख्य जनगणना अधिकारियों के खातों में इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजी जाएगी।
दूसरे चरण में जनसंख्या गणना और जाति आधारित गणना दोनों होंगी; यह चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद जनगणना ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों को 'ऑन ड्यूटी' दर्जा दिया गया।
जनगणना कार्य में लगे सरकारी स्कूलों के शिक्षक और राज्य सरकारी कर्मचारी नियमित ड्यूटी के साथ यह ज़िम्मेदारी निभाएंगे।

पश्चिम बंगाल सरकार ने जनगणना-2027 के दूसरे चरण में तैनात किए जाने वाले राज्य सरकारी कर्मचारियों और सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के मानदेय के लिए ₹197.20 करोड़ की राशि मंजूर की है। अधिकारियों ने 7 अक्टूबर 2026, बुधवार को यह जानकारी दी। यह राशि राज्य के 22 जिलों और 7 नगर निगमों में वितरित की जाएगी।

आवंटन की प्रक्रिया और वितरण तंत्र

राज्य सचिवालय नबन्ना के सूत्रों के अनुसार, यह मानदेय राशि संबंधित जिलों और नगर निगमों के मुख्य जनगणना अधिकारियों के बैंक खातों में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों और शिक्षकों के बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाएगा।

राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग की जनगणना शाखा ने इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य में लगाए गए कर्मचारी और शिक्षक अपनी नियमित ज़िम्मेदारियों के साथ-साथ जनगणना का काम भी करेंगे।

जनगणना के दो चरण: क्या-क्या होगा

पश्चिम बंगाल में जनगणना दो चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में मकानों की सूची बनाने और आवास संबंधी जनगणना का काम पहले ही पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना के साथ जाति आधारित गणना भी की जाएगी, जो फरवरी 2027 में शुरू होने वाली है।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में जाति जनगणना को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है, और पश्चिम बंगाल उन राज्यों में शामिल है जो केंद्रीय जनगणना ढाँचे के तहत इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।

कलकत्ता हाईकोर्ट का हस्तक्षेप और शिक्षकों का विवाद

गौरतलब है कि जनगणना कार्य में शिक्षकों की तैनाती का मामला पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय तक पहुँचा था। शिक्षकों के एक वर्ग ने राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें सप्ताहांत और छुट्टियों के दिन भी जनगणना कार्य करने का निर्देश दिया गया था।

लंबी सुनवाई के बाद राज्य सरकार ने अपना संबंधित नोटिफिकेशन वापस ले लिया था। अदालत के निर्देशों को स्वीकार करते हुए यह तय किया गया कि जनगणना ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों को उस अवधि के दौरान 'ऑन ड्यूटी' माना जाएगा — यही कारण है कि अब उन्हें अलग से मानदेय देने की व्यवस्था की गई है।

आम कर्मचारियों और शिक्षकों पर असर

इस आवंटन से राज्य के हज़ारों सरकारी कर्मचारियों और सरकारी स्कूल के शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा। मानदेय सीधे बैंक खाते में जमा होने की व्यवस्था से पारदर्शिता सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

अधिकारियों के अनुसार, 22 जिलों और 7 नगर निगमों के कर्मचारी इस योजना के दायरे में आएंगे। फरवरी 2027 में दूसरे चरण की शुरुआत के साथ राज्य सरकार की तैयारियों की असल परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जनगणना की दोहरी ड्यूटी — नियमित शिक्षण और जनगणना कार्य — शिक्षा की गुणवत्ता पर क्या असर डालती है। कलकत्ता उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप इसी तनाव का प्रतिबिंब था। मानदेय की व्यवस्था एक समझौता है, लेकिन यह मूल शिकायत — शिक्षकों को अतिरिक्त प्रशासनिक भार से बचाना — का समाधान नहीं है। जाति जनगणना के इस चरण की राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए, डेटा संग्रह की गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना राज्य के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में जनगणना-2027 के लिए ₹197.20 करोड़ किस काम के लिए मंजूर हुए?
यह राशि जनगणना-2027 के दूसरे चरण में तैनात किए जाने वाले राज्य सरकारी कर्मचारियों और सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के मानदेय के लिए मंजूर की गई है। यह 22 जिलों और 7 नगर निगमों में वितरित होगी।
जनगणना-2027 का दूसरा चरण कब शुरू होगा और इसमें क्या होगा?
दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होने वाला है। इसमें जनसंख्या की गणना के साथ-साथ जाति आधारित गणना भी की जाएगी।
मानदेय राशि कर्मचारियों तक कैसे पहुँचेगी?
राशि पहले संबंधित जिलों और नगर निगमों के मुख्य जनगणना अधिकारियों के बैंक खातों में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजी जाएगी, और फिर कर्मचारियों व शिक्षकों के खातों में सीधे जमा की जाएगी।
कलकत्ता हाईकोर्ट का जनगणना और शिक्षकों के मामले से क्या संबंध है?
शिक्षकों के एक वर्ग ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सप्ताहांत और छुट्टियों पर जनगणना कार्य का निर्देश था। लंबी सुनवाई के बाद राज्य सरकार ने नोटिफिकेशन वापस लिया और अदालत ने तय किया कि जनगणना ड्यूटी के दौरान शिक्षकों को 'ऑन ड्यूटी' माना जाएगा।
पहले चरण की जनगणना में क्या काम हुआ था?
पहले चरण में मकानों की सूची बनाने और आवास संबंधी जनगणना का काम पूरा किया जा चुका है। दूसरे चरण में जनसंख्या और जाति की गणना होगी।
राष्ट्र प्रेस
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