बंगाल BJP ने बसीरहाट लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर जल्द उपचुनाव की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल इकाई ने 27 जून 2026 को माँग की कि राज्य की बसीरहाट लोकसभा सीट और नंदीग्राम तथा रेजिनगर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव एक साथ और जल्द से जल्द कराए जाएँ। पार्टी का कहना है कि बसीरहाट सीट लगभग दो वर्षों से प्रतिनिधि-विहीन है, जो लोकतांत्रिक दृष्टि से अस्वीकार्य है।
बसीरहाट सीट क्यों है खाली
2024 के लोकसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के हाजी नूरुल इस्लाम ने बसीरहाट से 37 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। हालाँकि, 25 सितंबर 2024 को उनके अचानक निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई। तब से अब तक उत्तर 24 परगना जिले की यह महत्वपूर्ण सीट बिना सांसद के है।
गौरतलब है कि संविधान के अनुसार किसी भी रिक्त लोकसभा सीट पर छह महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य है, फिर भी यह सीट अपवाद-स्वरूप लंबे समय से खाली पड़ी है।
BJP का संगठनात्मक कदम
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने हाल ही में बसीरहाट का दौरा किया और वहाँ पार्टी के स्थानीय संगठनात्मक जिले के प्रतिनिधियों से बैठक की। इस बैठक में भट्टाचार्य ने तीनों सीटों पर एक साथ उपचुनाव कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने बसीरहाट संगठनात्मक जिले को तैयारियाँ शुरू करने और संभावित उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया आरंभ करने का निर्देश भी दिया।
BJP प्रवक्ता की माँग
BJP के राज्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि बसीरहाट लोकसभा सीट लगभग दो वर्षों से रिक्त है। उन्होंने कहा, 'लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह स्वीकार्य नहीं है कि कोई लोकसभा सीट इतने लंबे समय तक प्रतिनिधि के बिना रहे। इसलिए हम भारत निर्वाचन आयोग से अनुरोध करते हैं कि वह बिना किसी देरी के उपचुनाव की तारीख की घोषणा करे।'
दो विधानसभा सीटें क्यों हैं रिक्त
पूर्वी मिदनापुर जिले का नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र इसलिए रिक्त हुआ क्योंकि हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से एक साथ चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत हासिल की। भवानीपुर में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिससे नंदीग्राम में उपचुनाव अनिवार्य हो गया।
इसी प्रकार, मुर्शिदाबाद जिले के अल्पसंख्यक-बहुल रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की स्थिति तब बनी जब आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक और TMC के पूर्व विधायक हुमायूँ कबीर ने नाओदा और रेजिनगर दोनों सीटों से चुनाव जीता, और बाद में नाओदा सीट बरकरार रखी।
आगे क्या होगा
BJP की यह माँग ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक इन तीनों सीटों पर उपचुनाव की कोई तारीख घोषित नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसीरहाट, नंदीग्राम और रेजिनगर — तीनों ही सीटें — राज्य की बदलती राजनीतिक तस्वीर की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं।