बंगाल में ऐतिहासिक मतदान: 92%25 वोटिंग से भाजपा उत्साहित, प्रतुल शाहदेव बोले — जनता ने मांगा बदलाव
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज, जो दशकों का रिकॉर्ड है।
- तमिलनाडु में भी 85 प्रतिशत से अधिक मतदान, भाजपा ने बताया ऐतिहासिक।
- भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि ममता सरकार अब सत्ता में नहीं लौटेगी।
- जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने एनडीए की स्पष्ट बहुमत से जीत का दावा किया।
- महाराष्ट्र मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 91.46%25 मतदान को जनाक्रोश का प्रतीक बताया।
- भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने पप्पू यादव की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा की।
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 92 प्रतिशत से अधिक और तमिलनाडु में 85 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जो अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा है। उन्होंने इस उच्च मतदान को जनता की बदलाव की आकांक्षा और ममता बनर्जी सरकार के प्रति असंतोष का प्रतीक बताया।
मतदान प्रतिशत और चुनाव आयोग की भूमिका
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान पिछले 30 से 40 वर्षों में सबसे शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि इस बार मतदाताओं ने बिना किसी दबाव या भय के अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
हालांकि, शाहदेव ने यह भी आरोप लगाया कि उनके एक उम्मीदवार पर कुछ असामाजिक तत्वों ने हमला करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर उम्मीदवार की रक्षा की।
ममता बनर्जी और हुमायूं कबीर पर भाजपा के आरोप
प्रतुल शाहदेव ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधा और उनके करीबी सहयोगी हुमायूं कबीर को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से ठीक पहले वोट बैंक की राजनीति के तहत विवादास्पद मुद्दों को जानबूझकर हवा देने की कोशिश की गई, जो लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध है।
शाहदेव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ममता सरकार अब सत्ता में वापस नहीं लौटेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने मन बना लिया था और पहले चरण के मतदान आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। दूसरे चरण में भी यही रुझान देखने को मिलेगा।
एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया और दावे
जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने भी इस उच्च मतदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दोनों राज्यों में जनता का मौजूदा सरकारों से मोहभंग साफ दिख रहा है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) दोनों राज्यों में स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगा, क्योंकि जनता बेरोजगारी, महंगाई और शासन व्यवस्था की विफलता से त्रस्त है।
भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने भी कहा कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने इस बार निर्भय होकर वोट डाला, जो परिवर्तन की स्पष्ट आकांक्षा को दर्शाता है। उन्होंने निर्दलीय विधायक पप्पू यादव के एक बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जो पूरी तरह निंदनीय और अस्वीकार्य है।
महाराष्ट्र मंत्री ने बताया जनाक्रोश का प्रतीक
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पश्चिम बंगाल में 91.46 प्रतिशत मतदान को जनता के संचित आक्रोश की अभिव्यक्ति करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार तानाशाही और मुगलशाही ढंग से शासन कर रही है, और यही कारण है कि मतदाता बड़ी संख्या में बदलाव के पक्ष में मतदान करने निकले।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पिछले कई विधानसभा चुनावों में भी मतदान प्रतिशत ऊंचा रहा है, लेकिन इस बार का आंकड़ा असाधारण रूप से अधिक है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उच्च मतदान हमेशा सत्ताधारी दल के विरुद्ध नहीं होता। अब सभी की नजरें दूसरे चरण के मतदान और अंततः मतगणना के दिन पर टिकी हैं।