नीतीश के रास्ते पर अटल रहेगा NDA: विजय चौधरी का विश्वास मत पर बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 24 अप्रैल: बिहार विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में शुक्रवार को नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव पर सदन में जोरदार बहस जारी रही और एनडीए खेमे से एक के बाद एक नेता अपना समर्थन जताते रहे। यह सत्र बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
विजय चौधरी का ऐतिहासिक बयान
विश्वास मत के समर्थन में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "हम नीतीश के रास्ते से विचलित नहीं होने वाले।" उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सत्ता का जो सहज हस्तांतरण इस महीने हुआ है, वह लोकतांत्रिक परंपरा में एक मिसाल बन गया है।
उन्होंने कहा कि एनडीए की दूसरी पीढ़ी आज सत्ता में आई है और इसे भी जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त है। विजय चौधरी ने जोर देकर कहा कि पीढ़ियां बदलती हैं, लेकिन बिहार की जनता का एनडीए पर भरोसा अटूट बना हुआ है।
तेजस्वी यादव पर सीधा निशाना
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के उस बयान का जवाब देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि '25 से 30, फिर से नीतीश के नाम' पर सरकार बनी और फिर मुख्यमंत्री बदल दिए गए, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि 2025 से 2030 तक नीतीश कुमार का ही काम और उनकी नीतियां आगे बढ़ती रहेंगी।
विजय चौधरी ने तेजस्वी यादव को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष को मलाल इस बात का है कि एनडीए की एक के बाद एक सरकारें बनती जा रही हैं, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि यह मौका केवल बिहार की जनता दे सकती है और इसके लिए विपक्ष को पहले जनता का विश्वास जीतना होगा।
नीतीश कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को याद करते हुए भावुक होकर कहा कि हम सभी को इस बात का मलाल जरूर है कि नीतीश कुमार जैसा दूरदर्शी नेता इस सदन से दूर चला गया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब राज्यसभा यानी दूसरे सदन में चले गए हैं।
विजय चौधरी ने कहा कि विधानसभा में तो अब केवल उनकी यादें, भावनाएं और स्मृतियां शेष हैं। लेकिन उन्हें याद करते हुए भी एनडीए सरकार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नीतीश कुमार के सपनों का बिहार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद बिहार की मुख्यमंत्री की कुर्सी सम्राट चौधरी को सौंपी गई। यह सत्ता हस्तांतरण बिहार की राजनीति में अप्रत्याशित था, क्योंकि 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए ने नीतीश कुमार के नाम पर ही जनादेश मांगा था।
विजय चौधरी ने यह भी कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं होगी जब एनडीए की तीसरी पीढ़ी भी बिहार में सरकार बनाएगी। इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक बिहार 2030 के चुनावों को लेकर एनडीए की दीर्घकालिक रणनीति के संकेत के रूप में देख रहे हैं। विश्वास मत के नतीजे आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि नई सरकार के पास कितना जनप्रतिनिधियों का समर्थन है।