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भागलपुर में कायाकल्प अभियान समीक्षा: 4,857 कार्यों में तेज़ी के निर्देश, ₹2,012 लाख का बजट

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भागलपुर में कायाकल्प अभियान समीक्षा: 4,857 कार्यों में तेज़ी के निर्देश, ₹2,012 लाख का बजट

सारांश

भागलपुर में कायाकल्प अभियान की समीक्षा में बड़ी तस्वीर सामने आई — 4,857 कार्यों में से 4,350 से अधिक अभी भी स्वीकृति के इंतज़ार में हैं। ₹2,012 लाख के बजट के बावजूद महज 68 कार्य पूर्ण हुए। जिला पदाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन की माँग की।

मुख्य बातें

भागलपुर जिला पदाधिकारी ने 24 अक्टूबर को कायाकल्प अभियान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
9 विभागों के कुल 4,857 कार्यों के लिए ₹2,012.07 लाख से अधिक का बजट निर्धारित है।
1,604 कार्य तकनीकी स्वीकृति और 2,746 कार्य प्रशासनिक स्वीकृति के लिए लंबित हैं।
अब तक केवल 91 कार्यों को स्वीकृति मिली; 267 कार्य प्रगति पर और 68 कार्य पूर्ण।
जिला पदाधिकारी ने स्वीकृति प्रक्रिया में तेज़ी, गुणवत्ता निगरानी और नियमित प्रगति रिपोर्ट के निर्देश दिए।

बिहार के भागलपुर जिले की जिला पदाधिकारी ने शनिवार, 24 अक्टूबर को कायाकल्प अभियान के तहत चल रहे विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में 9 विभागों के कुल 4,857 कार्यों की प्रगति का जायज़ा लिया गया, जिनके लिए ₹2,012.07 लाख से अधिक का बजट निर्धारित है। लंबित स्वीकृतियों की बड़ी संख्या को देखते हुए अधिकारियों को प्रक्रिया में तत्काल तेज़ी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

बैठक में कौन-कौन शामिल रहे

जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा में उप विकास आयुक्त (डीडीसी), अपर समाहर्ता (एडीएम), नगर आयुक्त, डीआरडीए निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, सिविल सर्जन और पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति, बजट उपयोग और निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यों की मौजूदा स्थिति

समीक्षा के दौरान सामने आए आँकड़ों के अनुसार, 1,604 कार्य अभी तकनीकी स्वीकृति की प्रतीक्षा में हैं, जबकि 2,746 कार्य प्रशासनिक स्वीकृति के लिए लंबित हैं। अब तक केवल 91 कार्यों को स्वीकृति प्राप्त हो सकी है। इसके अतिरिक्त, 267 कार्य फिलहाल प्रगति पर हैं और 68 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। यह आँकड़े स्पष्ट करते हैं कि स्वीकृति प्रक्रिया में व्यापक अवरोध बना हुआ है।

जिला पदाधिकारी के निर्देश

जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया में बिना विलंब तेज़ी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 'स्वीकृतियों में देरी के कारण विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए।' अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने को कहा गया।

इसके अलावा, जीर्णोद्धार और नवनिर्माण कार्यों की नियमित निगरानी, निर्माण गुणवत्ता बनाए रखने और परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को कार्यों की अद्यतन स्थिति की नियमित समीक्षा करने और प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

कायाकल्प अभियान का महत्त्व

गौरतलब है कि कायाकल्प अभियान बिहार सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य जिला स्तर पर बुनियादी ढाँचे और सार्वजनिक सुविधाओं के जीर्णोद्धार एवं नवनिर्माण को गति देना है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में विकास कार्यों की गति और पारदर्शिता को लेकर प्रशासनिक दबाव बढ़ा है। 9 विभागों की एक साथ समीक्षा यह संकेत देती है कि ज़िला प्रशासन इस अभियान को प्राथमिकता के रूप में देख रहा है।

आगे की राह

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। आने वाले हफ्तों में स्वीकृति प्रक्रिया में तेज़ी और प्रगति रिपोर्टों की नियमित समीक्षा से यह तय होगा कि कायाकल्प अभियान ज़मीन पर अपेक्षित बदलाव ला पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

857 कार्यों में से केवल 68 का पूरा होना और 4,350 से अधिक का स्वीकृति के लिए अटके रहना यह दर्शाता है कि बजट आवंटन और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई अभी भी चिंताजनक रूप से चौड़ी है। कायाकल्प जैसे अभियानों की असल परीक्षा समीक्षा बैठकों में नहीं, बल्कि स्वीकृति से लेकर पूर्णता तक की औसत समय-सीमा में होती है — जो इस रिपोर्ट में अनुपस्थित है। बिहार में विकास परियोजनाओं में प्रशासनिक अड़चनें कोई नई बात नहीं, लेकिन जब तक स्वीकृति प्रक्रिया का डिजिटल और समयबद्ध ढाँचा नहीं बनता, ऐसी समीक्षाएँ केवल कागज़ी कवायद बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भागलपुर में कायाकल्प अभियान क्या है?
कायाकल्प अभियान बिहार सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य जिला स्तर पर बुनियादी ढाँचे और सार्वजनिक सुविधाओं का जीर्णोद्धार एवं नवनिर्माण करना है। भागलपुर में इस अभियान के तहत 9 विभागों के 4,857 कार्य शामिल हैं और इनके लिए ₹2,012.07 लाख से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है।
भागलपुर में कायाकल्प अभियान के कितने कार्य अभी लंबित हैं?
आँकड़ों के अनुसार, 1,604 कार्य तकनीकी स्वीकृति और 2,746 कार्य प्रशासनिक स्वीकृति के लिए लंबित हैं। कुल 4,857 कार्यों में से अब तक केवल 68 कार्य पूर्ण हो सके हैं और 267 कार्य प्रगति पर हैं।
24 अक्टूबर की समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी ने क्या निर्देश दिए?
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति प्रक्रिया में तत्काल तेज़ी लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण गुणवत्ता बनाए रखने, निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरे करने और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
इस समीक्षा बैठक में कौन-से अधिकारी शामिल थे?
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, नगर आयुक्त, डीआरडीए निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, सिविल सर्जन और पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कायाकल्प अभियान के तहत भागलपुर में कुल कितना बजट है?
भागलपुर में कायाकल्प अभियान के तहत 9 विभागों के 4,857 कार्यों के लिए ₹2,012.07 लाख से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है। बजट उपयोग की स्थिति भी समीक्षा बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल थी।
राष्ट्र प्रेस
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