बिहार में 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' लॉन्च, CM सम्राट चौधरी ने 30 नवंबर की डेडलाइन तय की
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 18 सितंबर 2026 को पटना में 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' की औपचारिक शुरुआत की, जिसके तहत राज्य में पंचायत स्तर की सार्वजनिक संपत्तियों का उन्नयन और नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मौजूदा परिसंपत्तियों की मरम्मत और सुधार से जुड़े छोटे विकास कार्यों को 30 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है।
अभियान की संरचना और दो चरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान के दो प्रमुख हिस्से हैं। पहले चरण में पहले से मौजूद सार्वजनिक परिसंपत्तियों — जैसे विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों — की मरम्मत, रंगाई-पुताई और सुदृढ़ीकरण शामिल है। इन कार्यों की समय-सीमा 30 नवंबर 2026 तय की गई है, और मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर दिया कि अधिक से अधिक काम दीपावली से पहले ही निपटाए जाएं।
दूसरे चरण में नई आधारभूत संरचनाओं और परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जिसके लिए 31 मार्च 2027 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने अंबेडकर छात्रावास, कर्पूरी ठाकुर छात्रावास और अन्य छात्रावासों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को भी प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए।
'कायाकल्प' पोर्टल और मोबाइल ऐप का लोकार्पण
लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 'कायाकल्प' पोर्टल का भी लोकार्पण किया। इस पोर्टल पर ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पंचायती राज, नगर विकास एवं आवास, शिक्षा, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं की जानकारी एकीकृत रूप से उपलब्ध होगी।
पोर्टल पर योजनाओं की प्रगति, पूर्ण हो चुके और लंबित कार्यों का विवरण दर्ज होगा। 'कायाकल्प' मोबाइल ऐप के ज़रिए भी आम नागरिक और अधिकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोर्टल की कार्यप्रणाली विस्तार से समझाई।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि तय समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने मंत्रियों को भी अभियान के तहत हो रहे कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा। पंचायती राज संस्थाओं, नगर निकायों और अन्य जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग लेने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत विकास दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में भी इस अभियान से जुड़े कार्यों को शामिल किया जाए, ताकि जमीनी स्तर पर जागरूकता और भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख हस्तियाँ
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी भी इस कार्यक्रम से जुड़े।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब बिहार में ग्रामीण बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि पंचायत स्तर पर कई योजनाएं अधूरी पड़ी रहती हैं और निगरानी तंत्र कमज़ोर होने के कारण वे समय पर पूरी नहीं हो पातीं। 'कायाकल्प' पोर्टल इसी खामी को दूर करने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अभियान का मूल उद्देश्य उन स्थानों को प्राथमिकता देना है जहाँ लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। यदि समय-सीमाएं पूरी होती हैं, तो आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य केंद्र, साफ-सुथरे स्कूल और उन्नत सामुदायिक सुविधाएं मिल सकेंगी।