भागलपुर में भूमि माफिया के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई: आठ गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- भागलपुर पुलिस ने आठ भूमि माफिया सदस्यों को गिरफ्तार किया।
- यह अभियान आनंद मार्ग क्षेत्र में चला गया।
- गिरफ्तारी के दौरान महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए गए।
- मुख्य आरोपी सत्यम कुमार यादव पहले से वांछित था।
- पुलिस अवैध भूमि रैकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
पटना, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भागलपुर पुलिस ने भूमि माफियाओं के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में एक संगठित भूमि हड़पने वाले गिरोह के आठ सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह अभियान आनंद मार्ग क्षेत्र में चलाया गया, जहां से आरोपियों को पकड़ा गया। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
इस अभियान को भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव के निर्देश पर संचालित किया गया, जिसने जिले के आपराधिक तत्वों में हड़कंप मचाया है।
एसपी प्रमोद कुमार यादव के अनुसार, 9 अप्रैल, 2026 को पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि बंदूक
तत्काल कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने क्षेत्र को घेर लिया और अवैध कब्जे के प्रयास के दौरान आठ आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि गिरोह ने पकड़े जाने से बचने के लिए एक सुनियोजित रणनीति अपनाई थी।
नियमित जांच के दौरान, कम संदिग्ध माने जाने वाले ऑटो-रिक्शा में हथियार घटनास्थल तक पहुंचाए गए, जबकि गिरोह के सदस्य बिना हथियारों के अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर पहुंचे ताकि किसी का ध्यान न जाए।
इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आरोपियों से आठ स्मार्टफोन भी बरामद किए।
प्रारंभिक फोरेंसिक विश्लेषण में भूमि के दस्तावेज, संपत्ति के नक्शे, और विवादित भूखंडों की सूची सहित महत्वपूर्ण सबूत प्राप्त हुए हैं।
जांचकर्ताओं का मानना है कि इससे यह पुष्टि होती है कि शहर में एक सुसंगठित भूमि हड़पने वाला गिरोह लंबे समय से सक्रिय है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य आरोपी सत्यम कुमार यादव भी शामिल है, जो पहले से ही कई गंभीर मामलों में वांछित था।
उसके पास से एक देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
पुलिस ने अपराध के दौरान आरोपी द्वारा पहने गए कपड़े भी जब्त किए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कई लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है और उनके खिलाफ पहले से ही लूट और जबरन वसूली से संबंधित मामले दर्ज हैं।
कड़ी चेतावनी देते हुए एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि अवैध भूमि रैकेट को किसी भी हालत में संचालित नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। गिरोह के कई सदस्य अभी भी फरार हैं, लेकिन उनकी पहचान कर ली गई है। मोबाइल फोन से बरामद डिजिटल सबूतों के आधार पर, हम उन सफेदपोश लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं जो इन अपराधियों को संरक्षण दे रहे हो सकते हैं।
यह अभियान संगठित भूमि माफिया नेटवर्क को समाप्त करने और कानून व्यवस्था बहाल करने की दिशा में जिला पुलिस के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है।