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NDTV वर्ल्ड समिट 2026: PM मोदी बोले — भारत अब दुनिया का 'ब्रेन ऑफिस', टॉप 3 अर्थव्यवस्था की राह पर

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NDTV वर्ल्ड समिट 2026: PM मोदी बोले — भारत अब दुनिया का 'ब्रेन ऑफिस', टॉप 3 अर्थव्यवस्था की राह पर

सारांश

NDTV वर्ल्ड समिट के मंच से PM मोदी ने भारत को सिर्फ 'बैक ऑफिस' नहीं, 'ब्रेन ऑफिस' घोषित किया — 300 GW हरित ऊर्जा, 1.5 लाख पेटेंट, 70 लाख नए रोज़गार और 20% वैश्विक चिप विशेषज्ञों के साथ। यह भाषण बदलती विश्व व्यवस्था में भारत की नई महत्वाकांक्षा का घोषणापत्र है।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 22 अक्टूबर 2026 को NDTV वर्ल्ड समिट 2026 , नई दिल्ली को संबोधित किया।
भारत दुनिया के आधे से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर का घर, अब एआई और उत्पाद विकास में भी अग्रणी।
दुनिया के 20% चिप डिज़ाइन विशेषज्ञ भारत में; छात्रों ने 325 से अधिक चिप डिज़ाइन तैयार किए।
गैर जीवाश्म बिजली क्षमता ने पहली बार 300 गीगावाट का आँकड़ा पार किया।
गाँवों में 3.5 करोड़ लखपति दीदियाँ; 70 लाख नए रोज़गार और ₹12 लाख तक आय करमुक्त।
एशियाई खेलों में भारत के 85 पदक ; फार्मा क्षेत्र में ₹5,000 करोड़ से अधिक का निवेश।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित NDTV वर्ल्ड समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अब दुनिया के लिए केवल 'बैक ऑफिस' नहीं, बल्कि 'ब्रेन ऑफिस' भी बन चुका है। समिट का विषय 'द वर्ल्ड बिटवीन ऑर्डर्स' था, जिसमें वैश्विक व्यवस्था के बदलाव और उसमें भारत की भूमिका पर गहन चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बढ़ती क्षमता सीधे वैश्विक कल्याण से जुड़ी है।

वैश्विक व्यवस्था और भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना शक्ति के बजाय संवाद और सहयोग को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से हुई थी। उन्होंने कहा कि नई अर्थव्यवस्थाओं, नई तकनीकों और नए देशों के उभरने के बावजूद वैश्विक संस्थाएं अपने ढाँचे में आवश्यक बदलाव नहीं कर सकीं।

मोदी ने आगाह किया कि व्यापार, तकनीक और समुद्री मार्ग जैसे माध्यम — जो पहले देशों को जोड़ने का काम करते थे — अब कई जगह भू राजनीतिक तनाव और हथियारीकरण के केंद्र बन गए हैं। उन्होंने कहा, "यदि सदी बदल जाए और हम न बदलें, तो परिवर्तन लाने की हमारी क्षमता भी कमजोर हो जाती है।"

चाणक्य के अर्थशास्त्र का संदर्भ देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कमजोर व्यवस्था 'मत्स्य न्याय' को जन्म देती है, जहाँ बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है। उन्होंने कहा कि भारत की मूल सोच ऐसी व्यवस्था बनाने की है जिसमें यह स्थिति पैदा ही न हो।

विश्वबंधु की भूमिका और बहुपक्षीय मंच

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने स्वयं को विश्वबंधु के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने याद दिलाया कि जी 20 और ब्रिक्स सम्मेलनों के दौरान जब कई लोगों को सर्वसम्मति की संभावना पर संदेह था, तब भारत ने विभिन्न पक्षों के बीच सेतु की भूमिका निभाते हुए सर्वसम्मत दिल्ली घोषणापत्र तैयार करवाया।

कोविड 19 महामारी के दौरान भारत द्वारा 100 से अधिक देशों को वैक्सीन और दवाइयाँ उपलब्ध कराने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह उसी सोच का व्यावहारिक प्रमाण है। उन्होंने 2020 में जी 20 मंच से मानवता केंद्रित नई विश्व व्यवस्था बनाने के अपने आह्वान को भी दोहराया।

भारत की आर्थिक और तकनीकी उपलब्धियाँ

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत लगातार दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

तकनीकी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "रियल टाइम डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत दुनिया में नंबर एक है।" देश में पहली बार हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हुआ है और गैर जीवाश्म बिजली क्षमता 300 गीगावाट का आँकड़ा पार कर चुकी है।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उन्होंने बताया कि दुनिया के 20 प्रतिशत चिप डिज़ाइन विशेषज्ञ भारत में हैं और भारतीय इंजीनियर अत्याधुनिक 2 से 3 नैनोमीटर चिप डिज़ाइन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमारे छात्रों ने अब तक 325 से अधिक चिप डिज़ाइन तैयार किए हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया के आधे से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर भारत में हैं जो अब एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स और उत्पाद विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

अनुसंधान और नवाचार पर उन्होंने बताया कि भारत शोध प्रकाशनों में विश्व में तीसरे स्थान पर है और केवल 2025 में लगभग 1.5 लाख पेटेंट आवेदन दाखिल किए गए।

सामाजिक आर्थिक मोर्चे पर प्रगति

प्रधानमंत्री ने बताया कि सितंबर में वस्तुओं के निर्यात में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है और पिछले 12 वर्षों में समुद्री उत्पादों का निर्यात दोगुने से अधिक हो गया है। गाँवों में 3.5 करोड़ से अधिक लखपति दीदियाँ बनाई जा चुकी हैं, और सरकार 6 करोड़ लखपति दीदियाँ बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना के तहत 70 लाख नए रोज़गार सृजित किए गए हैं। साथ ही मध्यम वर्ग के लिए ₹12 लाख तक की आय को करमुक्त किया गया है।

फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में उन्होंने बताया कि पीएलआई योजना के तहत आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में वर्षों बाद पेनिसिलिन जी का घरेलू उत्पादन फिर शुरू हुआ है और सक्रिय औषधीय घटकों की आपूर्ति शृंखला विकास में ₹5,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है।

खेल और युवा शक्ति

हाल के एशियाई खेलों में भारतीय दल के 85 पदक जीतने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला रिकर्व तीरंदाज़ी टीम और मुक्केबाज़ों समेत कई खेलों में भारत ने पहली बार ऐतिहासिक सफलता हासिल की। सेपक टकरॉ में भी भारत ने पुरुष क्वाड्रेंट स्पर्धा में पहली बार पदक जीता।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दोहराते हुए कहा, "हम बड़े सपने देखेंगे, हर चुनौती को अवसर में बदलेंगे और हर संकल्प को पूरा करेंगे।" भारत की वैश्विक भूमिका का यह विस्तृत रोडमैप दर्शाता है कि आने वाले वर्षों में नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों की बढ़ती संख्या का लाभ क्या व्यापक कार्यबल तक पहुँच रहा है या केवल उच्च कुशल तकनीकी अभिजात वर्ग तक सीमित है। 70 लाख रोज़गार और 3.5 करोड़ लखपति दीदियों के आँकड़े प्रभावशाली लगते हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र सत्यापन योग्य पद्धति अभी भी स्पष्ट नहीं है। बहुपक्षीय सुधारों पर जोर देना सही दिशा है, पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता जैसे ठोस लक्ष्यों के बिना 'विश्वबंधु' की भूमिका कूटनीतिक बयानबाज़ी बन सकती है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NDTV वर्ल्ड समिट 2026 में PM मोदी ने 'ब्रेन ऑफिस' से क्या मतलब बताया?
PM मोदी ने कहा कि भारत अब केवल बैक ऑफिस सेवाओं तक सीमित नहीं, बल्कि एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स और उत्पाद विकास जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। दुनिया के आधे से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर भारत में होना इसका प्रमाण है।
PM मोदी ने भारत की किन प्रमुख तकनीकी उपलब्धियों का जिक्र किया?
उन्होंने बताया कि भारत रियल टाइम डिजिटल भुगतान में दुनिया में नंबर एक है, गैर जीवाश्म बिजली क्षमता 300 गीगावाट पार कर चुकी है और देश में पहली बार हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हुआ है। साथ ही 2025 में 1.5 लाख पेटेंट आवेदन दाखिल हुए और भारत शोध प्रकाशनों में विश्व में तीसरे स्थान पर है।
मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की भूमिका के बारे में क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने बताया कि दुनिया के 20 प्रतिशत चिप डिज़ाइन विशेषज्ञ भारत में हैं और भारतीय इंजीनियर 2 से 3 नैनोमीटर की अत्याधुनिक चिप डिज़ाइन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अब तक 325 से अधिक चिप डिज़ाइन तैयार किए हैं।
NDTV वर्ल्ड समिट में मोदी ने वैश्विक व्यवस्था पर क्या संदेश दिया?
मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संस्थाएं बदलती वास्तविकताओं के साथ तालमेल नहीं बैठा पाई हैं और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और ग्लोबल साउथ की आवाज़ को उचित महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने चाणक्य के 'मत्स्य न्याय' का हवाला देते हुए समावेशी विश्व व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया।
लखपति दीदी योजना और रोज़गार के क्षेत्र में क्या प्रगति बताई गई?
PM मोदी ने बताया कि गाँवों में 3.5 करोड़ से अधिक लखपति दीदियाँ बनाई जा चुकी हैं और सरकार 6 करोड़ का लक्ष्य लेकर चल रही है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना के तहत 70 लाख नए रोज़गार सृजित हुए हैं और मध्यम वर्ग के लिए ₹12 लाख तक की आय करमुक्त की गई है।
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