भारतमाला परियोजना: गुजरात में ₹65,000 करोड़ से 1,068 किमी आधुनिक सड़कें, मोदी के 12 वर्षों की उपलब्धि
सारांश
मुख्य बातें
भारतमाला परियोजना के तहत गुजरात में ₹65,000 करोड़ की लागत से 1,557 किलोमीटर के 45 सड़क प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,068 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 26 मई 2014 को पदभार संभालने के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर यह उपलब्धि राज्य के सड़क अवसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने जो सड़क आधुनिकीकरण का अभियान शुरू किया था, वह अब राष्ट्रीय स्तर पर भारतमाला के रूप में साकार हो रहा है।
भारतमाला परियोजना: उद्देश्य और दायरा
वर्ष 2017 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई भारतमाला परियोजना देशभर में राजमार्ग विकास की एक व्यापक योजना है। इसका मुख्य लक्ष्य कार्गो आवाजाही को सुगम बनाना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना और आर्थिक कॉरिडोर, सीमावर्ती सड़कों, समुद्र तटीय मार्गों तथा एक्सप्रेसवे के जरिए देशभर में कनेक्टिविटी बढ़ाना है। इस परियोजना के अंतर्गत देशभर में 50 आर्थिक कॉरिडोर विकसित करने, 550 जिलों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने तथा सड़क यात्रा के औसत समय में उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह परियोजना उत्तरी राज्यों को पूर्वी क्षेत्रों से जोड़ने के साथ-साथ जामनगर, कंडला और मुंद्रा जैसे बंदरगाहों के माध्यम से उत्तरी राज्यों को वैश्विक आयात-निर्यात सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है।
गुजरात की रणनीतिक भूमिका
1,600 किलोमीटर से अधिक के समुद्र तट, प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर और मुंद्रा, कंडला तथा हजीरा जैसे बड़े बंदरगाहों के कारण भारतमाला परियोजना में गुजरात को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में शामिल किया गया। विकसित सड़क नेटवर्क ने इन बंदरगाहों को राज्य के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से अधिक तेज और कुशल तरीके से जोड़ा है। अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे औद्योगिक केंद्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि गुजरात भारत के सबसे व्यस्त फ्रेट कॉरिडोरों में से एक है। बेहतर और यातायात-मुक्त परिवहन के चलते लॉजिस्टिक्स खर्च में भी कमी आई है, जिससे स्थानीय उद्योगों और व्यवसायों को सीधा लाभ मिला है।
प्रमुख परियोजनाएँ और उपलब्धियाँ
भारतमाला के अंतर्गत गुजरात में कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएँ साकार हुई हैं। राजस्थान के सांचौर से गुजरात के पाटण जिले के सांतलपुर तक 125 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे निर्मित किया गया है। इसके अतिरिक्त, अमृतसर-जामनगर के बीच 1,256 किलोमीटर के आर्थिक कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है।
अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भी इस परियोजना के अहम मार्ग हैं, जो राज्य के आर्थिक विकास को गति दे रहे हैं। समुद्र तट और बंदरगाहों को जोड़ने वाले सड़क मार्गों पर विशेष ध्यान देने से बंदरगाह-राजमार्ग कनेक्टिविटी और मजबूत हुई है।
राज्य सरकार की भूमिका और रोज़गार
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ मिलकर भूमि अधिग्रहण में तेजी, समय पर अनुमोदन और परियोजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया है। इसी समन्वय के कारण गुजरात में भारतमाला के कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो सके हैं।
राजमार्ग निर्माण से निर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र में रोज़गार के अवसर भी उत्पन्न हुए हैं। स्थानीय व्यवसायों को बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिला है, जिससे सुदूर क्षेत्रों तक विकास की पहुँच संभव हुई है।
विकसित भारत 2047 का आधार
भारत जब वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, तब भारतमाला परियोजना उस दिशा में एक ठोस अवसंरचनात्मक आधार प्रदान कर रही है। आने वाले वर्षों में शेष स्वीकृत परियोजनाओं के पूर्ण होने के साथ गुजरात की लॉजिस्टिक्स दक्षता और औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता में और वृद्धि अपेक्षित है।