पश्चिम बंगाल में 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजाएँ: मंत्री भास्कर भट्टाचार्य का दावा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने 11 अक्टूबर 2026 को हुगली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि इस बार राज्य में 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजा कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। उन्होंने इसे सनातन धर्म के पुनरुत्थान से जोड़ा और कहा कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट घोषणा के बाद पूजा के प्रति वातावरण बेहतर हुआ है।
सनातन धर्म के पुनरुत्थान का दावा
भट्टाचार्य ने कहा, 'सनातन धर्म जाग गया है; इस बार बंगाल में 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजाएँ आयोजित की गई हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि पहले जो लोग सनातन धर्म के अनुष्ठान करना चाहते थे, उन्हें उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़ता था, लेकिन अब वह स्थिति नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर पूजा को 'उत्सव' में बदलने की कोशिश की, ताकि लोग धार्मिक अनुष्ठान से दूर हो जाएँ। उनके अनुसार, 'पूजा को पूजा की तरह किया जाएगा — पूजा को लेकर उत्सव हो सकता है, लेकिन उत्सव को लेकर पूजा नहीं हो सकती।' इस बयान को भाजपा की धार्मिक पहचान की राजनीति के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।
रेजीनगर उपचुनाव पर टिप्पणी
मंत्री भट्टाचार्य ने रेजीनगर उपचुनाव के परिणामों की चर्चा करते हुए कथित तौर पर कहा कि जहाँ एक समुदाय विशेष की बहुसंख्यक आबादी (64 प्रतिशत) है, वहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 70,000 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि उस समुदाय के एक बड़े हिस्से ने भाजपा को समर्थन दिया।
उन्होंने पूर्व में की गई उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि '70 प्रतिशत लोग 30 प्रतिशत को नदी में बहा देंगे', और यह दावा किया कि ऐसा वक्तव्य देने वाले अब 'जेल जाने की तैयारी' में हैं। इन बयानों को संवेदनशील माना जा रहा है और विपक्षी दल इन पर तीखी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
ममता बनर्जी और सीजेपी पर निशाना
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी भट्टाचार्य ने आलोचना की। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ममता बनर्जी का सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) से जुड़ाव प्रधानमंत्री के विरुद्ध एक विफल कोशिश है।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है और उपचुनाव परिणाम दोनों पक्षों के लिए महत्त्वपूर्ण संकेत माने जा रहे हैं।
गणपति पूजा का उल्लेख और सरकारी दावा
भट्टाचार्य ने इस वर्ष गणपति पूजा की भव्यता का भी उल्लेख किया और दावा किया कि इससे पहले बंगाल में ऐसा आयोजन नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक आयोजनों में कोई बाधा नहीं डालती और सनातनी समाज अब खुलकर सामने आ रहा है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में इन बयानों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और राज्य की राजनीतिक दिशा पर इनका असर देखने योग्य होगा।