11 अक्टूबर 2026
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पश्चिम बंगाल में 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजाएँ: मंत्री भास्कर भट्टाचार्य का दावा

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पश्चिम बंगाल में 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजाएँ: मंत्री भास्कर भट्टाचार्य का दावा

सारांश

पश्चिम बंगाल के मंत्री भास्कर भट्टाचार्य का दावा है कि सनातन धर्म के पुनरुत्थान के चलते बंगाल में इस बार 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजाएँ हो रही हैं। रेजीनगर उपचुनाव में 64% अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र में BJP की 70,000 मतों की जीत और ममता बनर्जी की दिल्ली गतिविधियों पर उनका निशाना भाजपा की आक्रामक राजनीतिक रणनीति की झलक देता है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने 11 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि इस बार बंगाल में 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजा कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
उन्होंने इसे सनातन धर्म के पुनरुत्थान से जोड़ा और पिछली सरकार पर पूजा को 'उत्सव' में बदलने का आरोप लगाया।
रेजीनगर उपचुनाव में 64% अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र में भाजपा की कथित 70,000 मतों से जीत का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दिल्ली गतिविधियों और CJP से कथित जुड़ाव की आलोचना की।
इस वर्ष गणपति पूजा की अभूतपूर्व भव्यता का उल्लेख करते हुए धार्मिक जागरूकता का श्रेय वर्तमान सरकार को दिया।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने 11 अक्टूबर 2026 को हुगली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि इस बार राज्य में 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजा कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। उन्होंने इसे सनातन धर्म के पुनरुत्थान से जोड़ा और कहा कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट घोषणा के बाद पूजा के प्रति वातावरण बेहतर हुआ है।

सनातन धर्म के पुनरुत्थान का दावा

भट्टाचार्य ने कहा, 'सनातन धर्म जाग गया है; इस बार बंगाल में 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजाएँ आयोजित की गई हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि पहले जो लोग सनातन धर्म के अनुष्ठान करना चाहते थे, उन्हें उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़ता था, लेकिन अब वह स्थिति नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर पूजा को 'उत्सव' में बदलने की कोशिश की, ताकि लोग धार्मिक अनुष्ठान से दूर हो जाएँ। उनके अनुसार, 'पूजा को पूजा की तरह किया जाएगा — पूजा को लेकर उत्सव हो सकता है, लेकिन उत्सव को लेकर पूजा नहीं हो सकती।' इस बयान को भाजपा की धार्मिक पहचान की राजनीति के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।

रेजीनगर उपचुनाव पर टिप्पणी

मंत्री भट्टाचार्य ने रेजीनगर उपचुनाव के परिणामों की चर्चा करते हुए कथित तौर पर कहा कि जहाँ एक समुदाय विशेष की बहुसंख्यक आबादी (64 प्रतिशत) है, वहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 70,000 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि उस समुदाय के एक बड़े हिस्से ने भाजपा को समर्थन दिया।

उन्होंने पूर्व में की गई उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि '70 प्रतिशत लोग 30 प्रतिशत को नदी में बहा देंगे', और यह दावा किया कि ऐसा वक्तव्य देने वाले अब 'जेल जाने की तैयारी' में हैं। इन बयानों को संवेदनशील माना जा रहा है और विपक्षी दल इन पर तीखी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

ममता बनर्जी और सीजेपी पर निशाना

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी भट्टाचार्य ने आलोचना की। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ममता बनर्जी का सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) से जुड़ाव प्रधानमंत्री के विरुद्ध एक विफल कोशिश है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है और उपचुनाव परिणाम दोनों पक्षों के लिए महत्त्वपूर्ण संकेत माने जा रहे हैं।

गणपति पूजा का उल्लेख और सरकारी दावा

भट्टाचार्य ने इस वर्ष गणपति पूजा की भव्यता का भी उल्लेख किया और दावा किया कि इससे पहले बंगाल में ऐसा आयोजन नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार धार्मिक आयोजनों में कोई बाधा नहीं डालती और सनातनी समाज अब खुलकर सामने आ रहा है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में इन बयानों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और राज्य की राजनीतिक दिशा पर इनका असर देखने योग्य होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ दुर्गा पूजा को सत्ता-संघर्ष के केंद्र में रखा जा रहा है। रेजीनगर उपचुनाव के आँकड़ों की उनकी व्याख्या — कि अल्पसंख्यक समुदाय ने भाजपा को वोट दिया — को स्वतंत्र चुनावी विश्लेषण से सत्यापित किए जाने की ज़रूरत है, क्योंकि यह दावा राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ऐसे बयानों में निहित सामाजिक ध्रुवीकरण की संभावना को नज़रअंदाज़ कर देती है, जबकि '70 प्रतिशत बनाम 30 प्रतिशत' जैसे संदर्भों का उल्लेख सार्वजनिक विमर्श में जवाबदेही की माँग करता है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भास्कर भट्टाचार्य ने 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजाओं का दावा क्यों किया?
मंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने 11 अक्टूबर 2026 को हुगली में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि सनातन धर्म के पुनरुत्थान और वर्तमान सरकार की अनुकूल नीतियों के कारण बंगाल में इस बार 12,500 अतिरिक्त दुर्गा पूजा कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ती थी, अब ऐसा नहीं है।
रेजीनगर उपचुनाव को लेकर भट्टाचार्य ने क्या कहा?
भट्टाचार्य ने दावा किया कि रेजीनगर में जहाँ 64 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी है, वहाँ भाजपा ने 70,000 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने इसे इस बात का संकेत बताया कि उस समुदाय के एक बड़े हिस्से ने भाजपा को समर्थन दिया। यह दावा राजनीतिक रूप से विवादास्पद है और स्वतंत्र सत्यापन की आवश्यकता है।
ममता बनर्जी और CJP विवाद क्या है?
मंत्री भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) से कथित जुड़ाव और दिल्ली में उनकी राजनीतिक गतिविधियाँ प्रधानमंत्री के खिलाफ एक असफल प्रयास हैं। यह आरोप भाजपा और TMC के बीच जारी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है।
पूजा और उत्सव के बीच अंतर को लेकर भट्टाचार्य ने क्या कहा?
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर दुर्गा पूजा को 'उत्सव' में बदलने की कोशिश की ताकि लोग धार्मिक अनुष्ठान से दूर हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'पूजा को लेकर उत्सव हो सकता है, लेकिन उत्सव को लेकर पूजा नहीं हो सकती।'
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा राजनीतिक रूप से इतनी महत्त्वपूर्ण क्यों है?
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा सबसे बड़ा सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन है, जो लाखों लोगों की आस्था और पहचान से जुड़ा है। भाजपा और TMC दोनों इसे अपने-अपने तरीके से राजनीतिक प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करते आए हैं, जिससे यह विषय हर चुनावी मौसम में केंद्रीय बन जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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