दुर्गा विसर्जन विवाद पर TMC नेता कुणाल घोष का पलटवार — 'मां का आशीर्वाद सिर्फ सनातनियों तक सीमित नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कुणाल घोष ने 22 अक्टूबर 2026 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान केवल सनातनी लोगों को प्रतिमा छूने देने संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा का आशीर्वाद सभी वर्गों के लोगों के लिए है और हिंदू धर्म का मूल संदेश समावेश का है, न कि बहिष्कार का। इसके साथ ही घोष ने मालदा में भाजपा कार्यकर्ता की मौत, संभावित फ्लोर टेस्ट और विपक्ष की भूमिका पर भी अपनी बात रखी।
विसर्जन विवाद — घोष ने उठाए सवाल
कुणाल घोष ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री की ओर से इस प्रकार का बयान देना कितना उचित है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार दुर्गा पूजा में पुरोहित द्वारा विसर्जन की धार्मिक प्रक्रिया पंडाल में ही पूर्ण हो जाती है। नदी किनारे प्रतिमा का विसर्जन उस प्रक्रिया का अंतिम भौतिक चरण है।
घोष ने कहा, 'मां दुर्गा हिंदुओं की देवी हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद किसी एक वर्ग तक नहीं बाँधा जा सकता।' उन्होंने यह भी पूछा कि इस तरह की टिप्पणी किस प्रकार के हिंदुत्व और सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व करती है।
समावेशी दुर्गा पूजा — घोष का तर्क
TMC नेता ने दुर्गा पूजा की बहु-समुदायिक प्रकृति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिमा बनाने के लिए मिट्टी कौन लाता है, पूजा में चढ़ाए जाने वाले फूल किसके बगीचे में उगते हैं, और उत्सव में पहने जाने वाले वस्त्र कौन तैयार करता है — ये सब अलग-अलग समुदायों के लोग करते हैं। घोष के अनुसार इस आधार पर लोगों को वर्गों में बाँटना उत्सव की भावना के विरुद्ध है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि एक सामाजिक उत्सव भी है जिसमें विभिन्न वर्गों का योगदान अविभाज्य है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में धार्मिक आयोजनों में समावेश बनाम बहिष्कार की बहस राजनीतिक रंग ले रही है।
मालदा में भाजपा कार्यकर्ता की मौत पर प्रतिक्रिया
मालदा में भाजपा कार्यकर्ता की मौत के मामले पर घोष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का TMC पर आरोप लगाना एक स्थायी रणनीति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है और TMC भी इस मामले की जानकारी एकत्र कर रही है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच कार्यकर्ता-स्तरीय हिंसा के आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बने हुए हैं।
फ्लोर टेस्ट विवाद — TMC तैयार, विपक्ष पर निशाना
संभावित फ्लोर टेस्ट के मुद्दे पर घोष ने कहा कि जब सरकार के खिलाफ कोई अविश्वास प्रस्ताव लाया ही नहीं गया है तो इस चर्चा के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का एक हिस्सा BJP के इशारे पर काम कर रहा है।
घोष ने मुख्यमंत्री के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि फ्लोर टेस्ट होने पर विपक्ष के कुछ सदस्य भी उनके पक्ष में मतदान कर सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच आंतरिक मतभेद भी इस चर्चा की एक वजह हो सकते हैं। TMC नेता ने स्पष्ट किया कि यदि फ्लोर टेस्ट होता है तो उनकी पार्टी इसके लिए पूरी तरह तैयार है।