22 अक्टूबर 2026
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दुर्गा विसर्जन विवाद पर TMC नेता कुणाल घोष का पलटवार — 'मां का आशीर्वाद सिर्फ सनातनियों तक सीमित नहीं'

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दुर्गा विसर्जन विवाद पर TMC नेता कुणाल घोष का पलटवार — 'मां का आशीर्वाद सिर्फ सनातनियों तक सीमित नहीं'

सारांश

दुर्गा विसर्जन में केवल सनातनियों को प्रतिमा छूने देने के बयान पर TMC नेता कुणाल घोष ने पलटवार किया। कहा — पूजा में मिट्टी, फूल और वस्त्र सभी समुदाय देते हैं, तो भेद कहाँ से? साथ ही मालदा विवाद और फ्लोर टेस्ट पर भी BJP को घेरा।

मुख्य बातें

TMC नेता कुणाल घोष ने 22 अक्टूबर 2026 को दुर्गा विसर्जन में केवल सनातनियों को प्रतिमा छूने देने संबंधी बयान को चुनौती दी।
घोष ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार विसर्जन की धार्मिक प्रक्रिया पंडाल में ही पूर्ण होती है; नदी किनारे का विसर्जन उसका अंतिम चरण है।
उन्होंने तर्क दिया कि दुर्गा पूजा में मिट्टी, फूल और वस्त्र — अनेक समुदायों का योगदान है, इसलिए वर्गीकरण उचित नहीं।
मालदा में BJP कार्यकर्ता की मौत पर TMC पर आरोप लगाने को घोष ने 'BJP की आदत' बताया।
संभावित फ्लोर टेस्ट पर घोष ने कहा — TMC तैयार है; विपक्ष के एक हिस्से पर BJP के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कुणाल घोष ने 22 अक्टूबर 2026 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान केवल सनातनी लोगों को प्रतिमा छूने देने संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा का आशीर्वाद सभी वर्गों के लोगों के लिए है और हिंदू धर्म का मूल संदेश समावेश का है, न कि बहिष्कार का। इसके साथ ही घोष ने मालदा में भाजपा कार्यकर्ता की मौत, संभावित फ्लोर टेस्ट और विपक्ष की भूमिका पर भी अपनी बात रखी।

विसर्जन विवाद — घोष ने उठाए सवाल

कुणाल घोष ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री की ओर से इस प्रकार का बयान देना कितना उचित है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार दुर्गा पूजा में पुरोहित द्वारा विसर्जन की धार्मिक प्रक्रिया पंडाल में ही पूर्ण हो जाती है। नदी किनारे प्रतिमा का विसर्जन उस प्रक्रिया का अंतिम भौतिक चरण है।

घोष ने कहा, 'मां दुर्गा हिंदुओं की देवी हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद किसी एक वर्ग तक नहीं बाँधा जा सकता।' उन्होंने यह भी पूछा कि इस तरह की टिप्पणी किस प्रकार के हिंदुत्व और सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व करती है।

समावेशी दुर्गा पूजा — घोष का तर्क

TMC नेता ने दुर्गा पूजा की बहु-समुदायिक प्रकृति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिमा बनाने के लिए मिट्टी कौन लाता है, पूजा में चढ़ाए जाने वाले फूल किसके बगीचे में उगते हैं, और उत्सव में पहने जाने वाले वस्त्र कौन तैयार करता है — ये सब अलग-अलग समुदायों के लोग करते हैं। घोष के अनुसार इस आधार पर लोगों को वर्गों में बाँटना उत्सव की भावना के विरुद्ध है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि एक सामाजिक उत्सव भी है जिसमें विभिन्न वर्गों का योगदान अविभाज्य है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में धार्मिक आयोजनों में समावेश बनाम बहिष्कार की बहस राजनीतिक रंग ले रही है।

मालदा में भाजपा कार्यकर्ता की मौत पर प्रतिक्रिया

मालदा में भाजपा कार्यकर्ता की मौत के मामले पर घोष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का TMC पर आरोप लगाना एक स्थायी रणनीति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है और TMC भी इस मामले की जानकारी एकत्र कर रही है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच कार्यकर्ता-स्तरीय हिंसा के आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बने हुए हैं।

फ्लोर टेस्ट विवाद — TMC तैयार, विपक्ष पर निशाना

संभावित फ्लोर टेस्ट के मुद्दे पर घोष ने कहा कि जब सरकार के खिलाफ कोई अविश्वास प्रस्ताव लाया ही नहीं गया है तो इस चर्चा के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का एक हिस्सा BJP के इशारे पर काम कर रहा है।

घोष ने मुख्यमंत्री के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि फ्लोर टेस्ट होने पर विपक्ष के कुछ सदस्य भी उनके पक्ष में मतदान कर सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच आंतरिक मतभेद भी इस चर्चा की एक वजह हो सकते हैं। TMC नेता ने स्पष्ट किया कि यदि फ्लोर टेस्ट होता है तो उनकी पार्टी इसके लिए पूरी तरह तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके केंद्र में एक असली सवाल है — क्या सार्वजनिक धार्मिक उत्सवों में समावेश और बहिष्कार की भाषा भारतीय राज्य के नेताओं को शोभा देती है? पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की परंपरा बहु-समुदायिक रही है, और उसे विभाजनकारी बनाना राजनीतिक लाभ की रणनीति से अधिक नहीं। साथ ही, फ्लोर टेस्ट की बहस बिना किसी अविश्वास प्रस्ताव के चल रही है — जो संकेत देती है कि बंगाल की राजनीति में वास्तविक विधायी मुद्दों से ज़्यादा मनोवैज्ञानिक युद्ध का बोलबाला है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुणाल घोष ने दुर्गा विसर्जन संबंधी किस बयान पर आपत्ति जताई?
TMC नेता कुणाल घोष ने उस बयान पर सवाल उठाया जिसमें दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान केवल सनातनी लोगों को प्रतिमा छूने देने की बात कही गई थी। घोष ने इसे हिंदू धर्म के समावेशी संदेश के विपरीत बताया।
घोष ने दुर्गा पूजा की समावेशी प्रकृति के बारे में क्या तर्क दिया?
उन्होंने कहा कि दुर्गा प्रतिमा के लिए मिट्टी, पूजा में फूल और उत्सव के वस्त्र — सभी अलग-अलग समुदायों के लोग तैयार करते हैं। इसलिए यह पर्व केवल एक वर्ग का नहीं बल्कि पूरे समाज का है।
मालदा में BJP कार्यकर्ता की मौत पर TMC का क्या रुख है?
कुणाल घोष ने कहा कि TMC पर आरोप लगाना BJP की रणनीति है और पार्टी घटना की वास्तविक जानकारी एकत्र कर रही है। उन्होंने फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से परहेज किया।
पश्चिम बंगाल में फ्लोर टेस्ट की चर्चा क्यों हो रही है?
TMC नेता कुणाल घोष के अनुसार सरकार के खिलाफ कोई अविश्वास प्रस्ताव नहीं है, फिर भी यह चर्चा राजनीतिक कारणों से चल रही है। उन्होंने दावा किया कि BJP और RSS के आंतरिक मतभेद भी इसकी पृष्ठभूमि हो सकते हैं।
क्या TMC फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है?
हाँ, कुणाल घोष ने स्पष्ट किया कि यदि फ्लोर टेस्ट होता है तो TMC इसके लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष का एक हिस्सा BJP के इशारे पर काम कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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