भोपाल रेल मंडल का 'वॉटर सैनिटेशन ड्राइव': 144 नमूनों की जांच, सभी परिणाम संतोषजनक
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल ने 28 से 30 सितंबर 2026 के बीच 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत एक विशेष वॉटर सैनिटेशन ड्राइव आयोजित किया, जिसमें मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और परिसरों पर उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता जाँचने के लिए कुल 144 नमूनों का परीक्षण किया गया। रेल प्रशासन के अनुसार, सभी परीक्षणों के परिणाम संतोषजनक पाए गए हैं।
अभियान का विवरण
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह विशेष जल स्वच्छता अभियान यात्रियों एवं रेल परिसरों में कार्यरत कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया। तीन दिनों तक चले इस अभियान में पेयजल स्रोतों की सघन निगरानी की गई और निर्धारित मानकों के अनुरूप नमूनों की जाँच की गई।
परीक्षण के आँकड़े
कुल 144 परीक्षणों में 125 क्लोरीन परीक्षण, 18 जीवाणु परीक्षण और 1 रासायनिक परीक्षण शामिल थे। इन परीक्षणों के माध्यम से पेयजल में क्लोरीन की मात्रा, जीवाणु संबंधी मानकों और रासायनिक गुणवत्ता की विस्तृत जाँच की गई। रेल प्रशासन का दावा है कि जाँचे गए सभी जल स्रोत निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने कहा कि रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें और रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।
आम यात्रियों पर असर
यह अभियान केवल जाँच तक सीमित नहीं रहा — इसके अंतर्गत स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयास भी किए गए। गौरतलब है कि रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की गुणवत्ता यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा रही है, और इस तरह की नियमित जाँच से यात्रा अनुभव बेहतर बनाने में मदद मिलती है। भोपाल मंडल द्वारा इस तरह के परीक्षण समय-समय पर किए जाते हैं, लेकिन 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत इसे विशेष अभियान के रूप में चलाया गया।
आगे की राह
रेल प्रशासन के अनुसार, पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। इस अभियान से मिले परिणाम यह सुनिश्चित करने में सहायक होंगे कि स्टेशनों पर उपलब्ध पेयजल स्वास्थ्य मानकों को पूरा करता रहे।