बिहार के 48 विभागों की डिजिटल निगरानी: सीएम सम्राट चौधरी ने लॉन्च किए 'संकल्प' डैशबोर्ड और 'समन्वय' पोर्टल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 अक्टूबर 2026 को पटना स्थित मुख्य सचिवालय के 'संवाद' सभागार में राज्य के 48 सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और परियोजनाओं की रियल टाइम निगरानी के लिए 'संकल्प' डैशबोर्ड और 'समन्वय' पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ किया। इन दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सरकारी कार्यों में गति, पारदर्शिता और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
संकल्प डैशबोर्ड: क्या है और कैसे काम करेगा
मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव संजय कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि 'संकल्प' डैशबोर्ड पर राज्य के सभी 48 विभागों के प्रमुख कार्यों और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। डैशबोर्ड में 6 प्रमुख मॉड्यूल तैयार किए गए हैं — मुख्यमंत्री स्तर पर निगरानी, परियोजना एवं निवेश, विभागीय प्रस्तुतीकरण, निष्पादन एवं रैंकिंग, समन्वय एवं एस्केलेशन, तथा क्षेत्र एवं जनसंपर्क।
इसके अतिरिक्त, 20 से अधिक सब मॉड्यूल के माध्यम से सरकारी योजनाओं, परियोजनाओं और विभागीय कामकाज की सतत निगरानी होगी। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों, घोषणाओं, मंत्रिपरिषद के निर्णयों और महत्वपूर्ण पत्रों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा भी इसी मंच के ज़रिए होगी।
समन्वय पोर्टल: केंद्र राज्य तालमेल की नई कड़ी
'समन्वय' पोर्टल बिहार सरकार और केंद्र सरकार के बीच प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने का माध्यम बनेगा। इसके जरिए केंद्रीय योजनाओं की निगरानी, केंद्र से प्राप्त राशि के समयबद्ध उपयोग, राष्ट्रीय रैंकिंग और विभिन्न लंबित मामलों के समाधान पर नज़र रखी जाएगी। दिल्ली में तैनात रेजिडेंट कमिश्नर इस समन्वय प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।
गौरतलब है कि केंद्रीय योजनाओं की राशि के उपयोग और राष्ट्रीय रैंकिंग में बिहार के प्रदर्शन को लेकर पूर्व में भी सवाल उठते रहे हैं — ऐसे में यह पोर्टल एक संरचनात्मक सुधार की दिशा में कदम माना जा रहा है।
सीसीटीवी निगरानी और नगरीय सुरक्षा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायती राज विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग को लक्ष्य के अनुरूप सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी एकीकृत डिजिटल निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि पटना में फिलहाल 2,500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और शहर में इनकी संख्या और बढ़ाने की आवश्यकता है।
सीएम की जवाबदेही पर स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि सरकार का मूल उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। उन्होंने कहा, "सभी विभागों को अपने कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर बेहतर तरीके से पूरे करने होंगे।" शासन में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ने से बिहार तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ेगा।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल, नीतीश मिश्रा, संतोष कुमार सुमन, सुनील कुमार, कुमार शैलेन्द्र, श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सुशासन और विकास परियोजनाओं की गति पर राजनीतिक बहस तेज़ है। डिजिटल निगरानी के इस ढाँचे की असली परीक्षा इस बात पर होगी कि क्या विभागीय रैंकिंग और प्रदर्शन डेटा को सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे नागरिक भी जवाबदेही की इस प्रक्रिया के भागीदार बन सकें।