बिहार विधानसभा का विशेष सत्र आज: CM सम्राट चौधरी करेंगे विश्वास मत हासिल
सारांश
Key Takeaways
- बिहार विधानसभा में 24 अप्रैल को विशेष सत्र आयोजित, जिसमें CM सम्राट चौधरी विश्वास मत हासिल करेंगे।
- NDA के पास 243 में से 202 विधायकों का बहुमत, विश्वास मत जीतना तय माना जा रहा है।
- सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को CM पद की शपथ ली — नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद।
- विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने सुचारू कार्यवाही का आश्वासन दिया।
- CM सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग, उप-CM विजय कुमार चौधरी के पास 10 और उप-CM बिजेंद्र प्रसाद यादव के पास 8 विभाग।
- बिहार मंत्रिमंडल विस्तार अभी शेष, विश्वास मत के बाद होने की उम्मीद।
पटना/नई दिल्ली, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में आज शुक्रवार, 24 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार विश्वास मत हासिल करने का प्रयास करेगी। विधानसभा की प्रधान सचिव पूनम सिन्हा द्वारा इस सत्र के संदर्भ में आधिकारिक अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है। यह बिहार विधानसभा के 18वें सत्र का दूसरा भाग होगा।
सर्वदलीय बैठक में सहयोग का आश्वासन
विशेष सत्र की शुरुआत से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी दलों के नेताओं से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील की। बैठक में शामिल सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव एवं विजय कुमार सिन्हा, तथा विनोद नारायण झा, आलोक कुमार मेहता, मनोहर प्रसाद सिंह, माधव आनंद, राजू तिवारी, इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता, सतीश कुमार सिंह यादव, कुमार सर्वजीत और प्रफुल्ल मांझी सहित कई वरिष्ठ विधायक उपस्थित रहे।
विश्वास प्रस्ताव पर होगा मतदान
उपमुख्यमंत्री एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि आज के सत्र में सदन नई बिहार सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले विश्वास प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करेगा और उस पर मतदान संपन्न होगा। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से विधानसभा की कार्यवाही को सफलतापूर्वक संचालित करने का भरोसा दिलाया।
विधानसभा सचिवालय ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्रिपरिषद के समस्त सदस्यों और सभी विधायकों को इस सत्र की औपचारिक सूचना भेज दी है।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर और सत्ता परिवर्तन
गौरतलब है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के पश्चात बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आया। इसके बाद सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। संवैधानिक प्रावधानों के तहत नए मुख्यमंत्री को निर्धारित समय-सीमा के भीतर विधानसभा में बहुमत सिद्ध करना अनिवार्य है।
नवंबर 2025 में संपन्न बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए ने 243 सदस्यीय सदन में 202 विधायकों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया था। इस मजबूत संख्या बल के साथ सरकार के लिए विश्वास मत प्राप्त करना महज औपचारिकता मानी जा रही है।
मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा
नई सरकार के गठन के तुरंत बाद मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामान्य प्रशासन, गृह, कैबिनेट सचिवालय, सतर्कता और चुनाव समेत कुल 29 विभागों का प्रभार अपने पास रखा है।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य सहित 10 विभाग सौंपे गए हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ऊर्जा तथा योजना एवं विकास सहित 8 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि, बिहार मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार अभी शेष है, जो विश्वास मत के बाद संभावित है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विश्वास मत न केवल सरकार की वैधानिकता सुनिश्चित करेगा, बल्कि एनडीए के घटक दलों — भाजपा, जदयू और हम — की एकजुटता का भी प्रमाण होगा। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार और नई सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं पर सबकी नजर रहेगी।