बांकीपुर उपचुनाव 2025: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का तीसरा पटना दौरा, 30 जुलाई को मतदान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को पटना पहुँचे, जहाँ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद यह उनका तीसरा पटना दौरा है, जिसे पार्टी की चुनावी रणनीति का केंद्रबिंदु माना जा रहा है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि भाजपा अपना यह परंपरागत गढ़ बचाए रख पाती है या नहीं।
दौरे का मकसद और कार्यक्रम
अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान नितिन नवीन पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें करेंगे। सूत्रों के अनुसार, बांकीपुर में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ हाल के छात्र आंदोलन और संगठनात्मक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। पार्टी की ओर से इस दौरे को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों से भी जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि नितिन नवीन 30 जुलाई को मतदान के दिन भी पटना में मौजूद रह सकते हैं।
बांकीपुर सीट का इतिहास और भाजपा का दबदबा
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 1995 से लगातार भाजपा का कब्जा रहा है। 1995, 2000 और 2005 के दोनों विधानसभा चुनावों में नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर ने यहाँ से जीत दर्ज की। उनके निधन के बाद 2006 के उपचुनाव से नितिन नवीन ने इस सीट की कमान संभाली और लगातार पाँच बार विधायक चुने गए। 2025 के विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने 50,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की — उन्हें 98,299 वोट मिले, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की रेखा गुप्ता को 46,363 और जन सुराज की वंदना कुमारी को 7,717 वोट मिले थे।
उम्मीदवार बदलाव और वर्तमान चुनौती
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन के राज्यसभा जाने से यह सीट रिक्त हुई। भाजपा ने शुरुआत में अभिषेक बंटी को उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन उनके परिवार का नाम चारा घोटाले से जुड़े मामलों में सामने आने के बाद नामांकन दाखिल होने के बावजूद पार्टी ने प्रत्याशी बदल दिया। इसके स्थान पर बूथ स्तर से संगठन में सक्रिय रहे नीरज सिन्हा को मैदान में उतारा गया। अब नीरज सिन्हा के सामने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर समर्थित प्रत्याशी और राजद की रेखा गुप्ता की चुनौती है।
विपक्ष की रणनीति और भाजपा का जवाब
विपक्षी दल नीरज सिन्हा को अपेक्षाकृत कमज़ोर उम्मीदवार बताकर चुनावी लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा संगठन की ताकत और केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता के दम पर अपनी परंपरागत बढ़त बरकरार रखने की रणनीति पर काम कर रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर उम्मीदवार बदलाव को लेकर कुछ असंतोष की भी खबरें रही हैं।
आगे क्या होगा
30 जुलाई को बांकीपुर में मतदान होना है और 3 अगस्त को मतगणना निर्धारित है। नितिन नवीन का लगातार तीसरा पटना दौरा और बांकीपुर पर विशेष फोकस यह दर्शाता है कि भाजपा इस सीट को किसी भी कीमत पर नहीं खोना चाहती। नतीजे न केवल बिहार की राजनीति, बल्कि राज्य में भाजपा के संगठनात्मक प्रभाव का भी आकलन करेंगे।