क्या बिहार: बीएसएससी अध्यक्ष आलोक राज के इस्तीफे ने मचाया बवाल, राजद ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की?
सारांश
Key Takeaways
- आलोक राज का इस्तीफा छह दिन बाद आया है।
- राजद ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
- यह मामला बिहार में भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।
- छात्र नेता दिलीप कुमार ने भी इस पर सवाल उठाए हैं।
- बिहार सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
पटना, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के अध्यक्ष आलोक राज ने 31 दिसंबर, 2025 को पदभार ग्रहण करने के केवल छह दिन बाद अचानक इस्तीफा दे दिया है। यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है। विपक्ष इस इस्तीफे को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है और स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहा है।
आलोक राज का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि आलोक राज का इस्तीफा केवल छह दिन के भीतर दिया जाना सामान्य नहीं है। बिहार में कई विभागों में बहाली की प्रक्रिया चल रही है, और इस बीच उनका इस्तीफा कई सवाल खड़े करता है।
राजद नेता ने कहा कि आलोक राज ने इस्तीफे का कारण व्यक्तिगत बताया है, लेकिन यदि ऐसा था तो वे पदभार ग्रहण ही क्यों करते? पदभार ग्रहण करने के पांच-छह दिन बाद इस्तीफा देना एक गंभीर प्रश्न है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में एनडीए शासनकाल में कई परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि कई प्रश्न हैं जो यहां के बच्चों के भविष्य से जुड़े हैं। बिहार सरकार को आलोक राज के इस्तीफे पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने भी इस मामले में सवाल उठाते हुए कहा कि उनका इस्तीफा भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ उनकी असहमति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष ने अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए इस्तीफा दिया।