8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर, जंगलराज इतिहास बना: बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर, जंगलराज इतिहास बना: बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी

सारांश

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी का दावा — जंगलराज इतिहास बना, एआई समिट से डिजिटल क्रांति की तैयारी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पाँच साल में एक लाख शिक्षक भर्ती का लक्ष्य और सड़क पर नमाज़ विवाद पर धामी के रुख का समर्थन — बिहार की राजनीति में कई मुद्दे एक साथ।

मुख्य बातें

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने 23 मई को दावा किया कि बिहार अब 'जंगलराज' से निकलकर डिजिटल क्रांति की राह पर है।
बिहार में एआई समिट का आयोजन प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य डिजिटल विकास और रोज़गार के नए अवसर सृजित करना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पाँच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है।
सरावगी ने उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी के सड़क पर नमाज़ विरोधी रुख का समर्थन किया।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की PM मोदी पर टिप्पणी को सरावगी ने 'गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया।

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने शनिवार, 23 मई को दावा किया कि बिहार अब डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नई क्रांति की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 15-20 वर्ष पहले के बिहार की तुलना में आज राज्य में बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण हो चुका है और 'जंगलराज' का दौर अब इतिहास बन चुका है।

एआई समिट और डिजिटल विकास

सरावगी ने एक विशेष बातचीत में बताया कि पूरे देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा दिया जा रहा है और बिहार में भी एआई समिट का आयोजन किया जा रहा है। उनके अनुसार इस समिट का उद्देश्य डिजिटल क्रांति को गति देना और नए क्षेत्रों में विकास के अवसर सृजित करना है। उन्होंने कहा, 'आज का बिहार वह बिहार नहीं है जिसे जंगलराज के नाम से जाना जाता था — यह राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।'

रोज़गार और शिक्षक भर्ती का लक्ष्य

रोज़गार के मुद्दे पर सरावगी ने कहा कि सरकार का ध्यान अधिकाधिक रोज़गार के अवसर पैदा करने पर केंद्रित है। प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी जा रही हैं और सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिवर्ष शिक्षक भर्ती करने और पाँच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें सशक्त करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।

सड़क पर नमाज़ विवाद पर सरावगी का रुख

सरावगी ने सड़कों पर नमाज़ पढ़ने के विरुद्ध उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चाहे किसी भी राज्य की सरकार हो, सड़कों पर नियमित रूप से धार्मिक गतिविधियाँ और प्रार्थनाएँ करना पूरी तरह गलत है, क्योंकि इससे यातायात बाधित होता है और आम नागरिकों को असुविधा होती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के लिए पहले से निर्धारित स्थान उपलब्ध हैं और सड़कों को अवरुद्ध करने की प्रवृत्ति को तत्काल रोका जाना चाहिए।

कांग्रेस पर तीखा प्रहार

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर सरावगी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे नेताओं को पहले ही नकार चुकी है और ये बयान केवल मीडिया का ध्यान खींचने के लिए दिए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब शीर्ष नेतृत्व इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करता है, तो अन्य नेता भी उसी राह पर चलते हैं। सरावगी ने कहा कि जनता सब देख रही है और उचित समय पर इसका जवाब देगी।

आगे की राह

बिहार में एआई समिट के आयोजन और शिक्षक भर्ती अभियान के साथ, राज्य सरकार की नीतियों का व्यावहारिक असर आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा। रोज़गार सृजन और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में निवेश की वास्तविक प्रगति ही यह तय करेगी कि सरावगी के दावे ज़मीन पर कितने सार्थक सिद्ध होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की ब्रांडिंग रणनीति से मेल खाती है। एआई समिट और एक लाख शिक्षक भर्ती जैसे दावे प्रभावशाली हैं, लेकिन इनकी समयसीमा और क्रियान्वयन ढाँचा अभी अस्पष्ट है। सड़क पर नमाज़ के मुद्दे पर धामी का समर्थन करना विकास की कथा से ध्यान हटाकर ध्रुवीकरण की राजनीति की ओर संकेत करता है — जो भाजपा की दोहरी रणनीति को उजागर करता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय सरावगी ने बिहार की डिजिटल क्रांति को लेकर क्या कहा?
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने 23 मई को दावा किया कि बिहार अब डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई क्रांति की दिशा में बढ़ रहा है और 15-20 साल पहले के 'जंगलराज' का दौर इतिहास बन चुका है। उन्होंने बिहार में एआई समिट के आयोजन का भी उल्लेख किया।
बिहार में एक लाख शिक्षकों की भर्ती का लक्ष्य किसने रखा है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पाँच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरावगी के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया जारी है और सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे हैं।
सड़क पर नमाज़ विवाद पर सरावगी का क्या रुख है?
सरावगी ने उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी के सड़क पर नमाज़ के विरुद्ध सख्त रुख का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में सड़कों पर नियमित धार्मिक गतिविधियाँ गलत हैं क्योंकि इससे यातायात बाधित होता है और नागरिकों को असुविधा होती है।
सरावगी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
सरावगी ने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की PM मोदी पर टिप्पणी को 'गैर-जिम्मेदाराना' बताया और कहा कि जनता ऐसे नेताओं को पहले ही नकार चुकी है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व की भाषा से ही पार्टी की दिशा तय होती है।
बिहार में डिजिटल विकास की मौजूदा स्थिति क्या है?
सरावगी के अनुसार बिहार में एआई समिट के आयोजन की योजना है और राज्य डिजिटल बुनियादी ढाँचे के विस्तार की दिशा में काम कर रहा है। हालाँकि समिट की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले