बिहार डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर, जंगलराज इतिहास बना: बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने शनिवार, 23 मई को दावा किया कि बिहार अब डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नई क्रांति की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 15-20 वर्ष पहले के बिहार की तुलना में आज राज्य में बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण हो चुका है और 'जंगलराज' का दौर अब इतिहास बन चुका है।
एआई समिट और डिजिटल विकास
सरावगी ने एक विशेष बातचीत में बताया कि पूरे देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा दिया जा रहा है और बिहार में भी एआई समिट का आयोजन किया जा रहा है। उनके अनुसार इस समिट का उद्देश्य डिजिटल क्रांति को गति देना और नए क्षेत्रों में विकास के अवसर सृजित करना है। उन्होंने कहा, 'आज का बिहार वह बिहार नहीं है जिसे जंगलराज के नाम से जाना जाता था — यह राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।'
रोज़गार और शिक्षक भर्ती का लक्ष्य
रोज़गार के मुद्दे पर सरावगी ने कहा कि सरकार का ध्यान अधिकाधिक रोज़गार के अवसर पैदा करने पर केंद्रित है। प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी जा रही हैं और सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिवर्ष शिक्षक भर्ती करने और पाँच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें सशक्त करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
सड़क पर नमाज़ विवाद पर सरावगी का रुख
सरावगी ने सड़कों पर नमाज़ पढ़ने के विरुद्ध उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चाहे किसी भी राज्य की सरकार हो, सड़कों पर नियमित रूप से धार्मिक गतिविधियाँ और प्रार्थनाएँ करना पूरी तरह गलत है, क्योंकि इससे यातायात बाधित होता है और आम नागरिकों को असुविधा होती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के लिए पहले से निर्धारित स्थान उपलब्ध हैं और सड़कों को अवरुद्ध करने की प्रवृत्ति को तत्काल रोका जाना चाहिए।
कांग्रेस पर तीखा प्रहार
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर सरावगी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे नेताओं को पहले ही नकार चुकी है और ये बयान केवल मीडिया का ध्यान खींचने के लिए दिए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब शीर्ष नेतृत्व इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करता है, तो अन्य नेता भी उसी राह पर चलते हैं। सरावगी ने कहा कि जनता सब देख रही है और उचित समय पर इसका जवाब देगी।
आगे की राह
बिहार में एआई समिट के आयोजन और शिक्षक भर्ती अभियान के साथ, राज्य सरकार की नीतियों का व्यावहारिक असर आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा। रोज़गार सृजन और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में निवेश की वास्तविक प्रगति ही यह तय करेगी कि सरावगी के दावे ज़मीन पर कितने सार्थक सिद्ध होते हैं।