26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार सरकार ने लॉन्च किया वैश्विक बिहारी डिजिटल पोर्टल, देश-विदेश के लोग जोड़ेंगे विकास में हाथ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार सरकार ने लॉन्च किया वैश्विक बिहारी डिजिटल पोर्टल, देश-विदेश के लोग जोड़ेंगे विकास में हाथ

सारांश

बिहार सरकार ने एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है जो देश-विदेश में बसे बिहारियों को राज्य की विकास प्रक्रिया से सीधे जोड़ेगा। IT मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यह मंच प्रवासी बिहारियों की प्रतिभा और निवेश को 'विकसित बिहार' के संकल्प की नई ऊर्जा देगा।

मुख्य बातें

बिहार सूचना प्रावैधिकी विभाग ने 9 जून को पटना में वैश्विक बिहारी डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ किया।
IT मंत्री नीतीश मिश्रा ने पोर्टल का उद्घाटन किया और इसकी निगरानी स्वयं करने की घोषणा की।
पोर्टल के ज़रिए प्रवासी बिहारी अपनी विशेषज्ञता, सुझाव और निवेश प्रस्ताव सीधे राज्य सरकार को भेज सकेंगे।
यह पहल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 'कर्मभूमि से जन्मभूमि के निर्माण' के आह्वान से प्रेरित है।
सरकार का लक्ष्य है कि वैश्विक बिहारी समुदाय केवल भावनात्मक रूप से नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार के रूप में राज्य से जुड़े।

बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग ने 9 जून को पटना में एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में बसे बिहार मूल के लोगों को राज्य की विकास प्रक्रिया, नवाचार और निवेश के अवसरों से सीधे जोड़ना है। सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने इस पोर्टल का उद्घाटन करते हुए इसे वैश्विक बिहारी समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।

पोर्टल की मुख्य विशेषताएँ

इस डिजिटल मंच के ज़रिए देश और विदेश में रह रहे बिहार मूल के लोग अपनी विशेषज्ञता, अनुभव, नवाचार, सुझाव और निवेश प्रस्ताव सीधे राज्य सरकार तक पहुँचा सकेंगे। मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि पोर्टल की निगरानी वे स्वयं करेंगे, ताकि प्राप्त प्रत्येक सुझाव और प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर उसे परिणामोन्मुखी बनाया जा सके।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि यह प्लेटफॉर्म केवल भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया में व्यावहारिक सहभागिता का एक सक्रिय साधन है।

मुख्यमंत्री के विज़न से जुड़ी पहल

मंत्री ने बताया कि यह पोर्टल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 'कर्मभूमि से जन्मभूमि के निर्माण' के आह्वान को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार डिजिटल परिवर्तन, नवाचार और निवेश आधारित विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और यह पोर्टल उसी सोच की अगली कड़ी है।

वैश्विक बिहारी समुदाय से अपील

नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी ताकत उसके लोग हैं। आज दुनिया के विभिन्न देशों, प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत में बिहार के लोग अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। ऐसे में उनकी विशेषज्ञता और अनुभव का लाभ राज्य के विकास में लिया जाना आवश्यक है।

मंत्री ने प्रवासी बिहारवासियों से अपील की कि वे इस डिजिटल मंच के माध्यम से अपने सुझाव, सहयोग, तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश संबंधी प्रस्ताव साझा करें और एक विकसित, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बिहार के निर्माण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

आम जनता और निवेशकों पर असर

यह पहल उन बिहारियों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है जो रोज़गार, तकनीकी प्रगति और निवेश के नए अवसरों की तलाश में राज्य से बाहर गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि दुनिया भर में फैले बिहारियों की प्रतिभा, ज्ञान और संसाधनों का उपयोग कर 'विकसित बिहार' के संकल्प को नई गति दी जाए।

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब बिहार में निवेश आकर्षित करने और डिजिटल बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने के प्रयास तेज़ हो रहे हैं। इस पोर्टल के माध्यम से सरकार प्रवासी समुदाय की क्षमता को राज्य-निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — क्या प्राप्त सुझाव और निवेश प्रस्ताव नीति-निर्माण में वास्तव में परिलक्षित होंगे, या यह मंच केवल एक डिजिटल सुझाव-पेटी बनकर रह जाएगा? गौरतलब है कि भारत के कई राज्य प्रवासी समुदाय को जोड़ने के ऐसे प्रयास पहले भी कर चुके हैं, जिनमें से अधिकांश की सक्रियता समय के साथ क्षीण हो गई। मंत्री का स्वयं निगरानी करने का वादा एक सकारात्मक संकेत है, परंतु पारदर्शी फीडबैक तंत्र और सार्वजनिक रिपोर्टिंग के बिना यह जवाबदेही अधूरी रहेगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार का नया वैश्विक डिजिटल पोर्टल क्या है?
यह बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा लॉन्च किया गया एक ऑनलाइन मंच है, जिसके ज़रिए देश-विदेश में रह रहे बिहार मूल के लोग अपनी विशेषज्ञता, सुझाव और निवेश प्रस्ताव सीधे राज्य सरकार तक पहुँचा सकते हैं। इसका उद्घाटन 9 जून को पटना में IT मंत्री नीतीश मिश्रा ने किया।
इस पोर्टल से किसे फायदा होगा?
यह पोर्टल विशेष रूप से उन प्रवासी बिहारियों के लिए है जो विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग जगत या अन्य देशों में कार्यरत हैं और राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं। इसके साथ ही निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ भी इस मंच का उपयोग कर सकते हैं।
यह पोर्टल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विज़न से कैसे जुड़ा है?
IT मंत्री नीतीश मिश्रा के अनुसार, यह पोर्टल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 'कर्मभूमि से जन्मभूमि के निर्माण' के आह्वान को साकार करने का एक माध्यम है। सरकार चाहती है कि वैश्विक बिहारी समुदाय 'विकसित बिहार' के संकल्प में सक्रिय भागीदार बने।
पोर्टल पर मिले सुझावों पर कार्रवाई कैसे होगी?
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा है कि वे स्वयं इस पोर्टल की निगरानी करेंगे, ताकि प्रत्येक सुझाव और प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर उसे परिणामोन्मुखी बनाया जा सके। हालाँकि, सार्वजनिक फीडबैक तंत्र का विस्तृत ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
बिहार में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में यह कदम कितना महत्वपूर्ण है?
यह पहल बिहार के डिजिटल बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने और निवेश आकर्षित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। सरकार का मानना है कि प्रवासी समुदाय की प्रतिभा और संसाधनों को राज्य-निर्माण से जोड़कर विकास को नई गति दी जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले