बिहार: जदयू मंत्रियों की 'जन सुनवाई' शुरू, पार्टी ने जारी किया रोस्टर; नीतीश पुत्र निशांत कुमार का भी नाम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार: जदयू मंत्रियों की 'जन सुनवाई' शुरू, पार्टी ने जारी किया रोस्टर; नीतीश पुत्र निशांत कुमार का भी नाम

सारांश

जदयू ने बिहार में एक नई जन सुनवाई पहल शुरू की है जिसमें पार्टी के सभी मंत्री सोमवार से शुक्रवार तक पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में आम नागरिकों की समस्याएँ सुनेंगे। नीतीश कुमार के निर्देश पर शुरू इस पहल में उनके पुत्र व स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का नाम भी रोस्टर में शामिल है।

मुख्य बातें

जदयू ने पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में सोमवार से शुक्रवार तक दैनिक जन सुनवाई की शुरुआत की है।
सभी मंत्री पूर्वाह्न 11:30 बजे से जनता की शिकायतें सुनेंगे और समाधान की कोशिश करेंगे।
यह पहल जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के निर्देश पर शुरू की गई है।
रोस्टर में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार — जो नीतीश कुमार के पुत्र हैं — का नाम बुधवार को शामिल है।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी (मंगलवार) और बिजेंद्र प्रसाद यादव (शुक्रवार) भी रोस्टर में हैं।

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। बिहार सरकार में जदयू कोटे के मंत्री अब सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन जदयू प्रदेश कार्यालय, पटना में जन सुनवाई करेंगे। पार्टी ने इसके लिए एक विस्तृत रोस्टर जारी किया है, जिसमें जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का नाम भी शामिल है।

जन सुनवाई की पहल क्यों की गई

बताया गया है कि यह पहल जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के निर्देश के बाद शुरू की गई है। पार्टी का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करना और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। सभी मंत्री पूर्वाह्न 11:30 बजे से शिकायतें एवं समस्याएँ सुनेंगे और उनके निराकरण की कोशिश करेंगे।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार स्वयं अपने मुख्यमंत्रित्व काल में जनता दरबार के माध्यम से लोगों की समस्याएँ सुनते थे। यह नई पहल उसी परंपरा की अगली कड़ी मानी जा रही है, जिसे अब पार्टी कार्यालय स्तर पर संस्थागत रूप दिया जा रहा है।

पूरा रोस्टर: कौन मंत्री किस दिन करेंगे जन सुनवाई

सोमवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह और ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार जन सुनवाई करेंगे। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल तथा ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल लोगों की समस्याएँ सुनेंगे।

बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, परिवहन मंत्री दामोदर रावत और आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा मौजूद रहेंगे। गुरुवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मद्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री मदन सहनी और समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता जन सुनवाई करेंगे।

शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, योजना विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान जनता की समस्याएँ सुनेंगे।

निशांत कुमार का नाम क्यों है चर्चा में

इस रोस्टर में सबसे ज़्यादा ध्यान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के नाम पर है, जो जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के पुत्र हैं। राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि इस पहल के ज़रिए निशांत को जनता के बीच सक्रिय रूप से स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। हालाँकि पार्टी ने इस पहल को पूरी तरह प्रशासनिक और जनसेवा-उन्मुख बताया है।

आगे क्या होगा

यह पहल बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच शुरू हुई है, जिससे इसे जदयू की जनसंपर्क रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। यदि यह कार्यक्रम नियमित रूप से चलता रहा, तो पार्टी इसे राज्यभर में विस्तार देने पर विचार कर सकती है। जनता की प्रतिक्रिया और समस्याओं के वास्तविक समाधान की दर ही इस पहल की सफलता का असली पैमाना होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों से मेल खाता है — जो इसे महज जनसेवा से कहीं अधिक एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बनाता है। नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को रोस्टर में शामिल करना यह संकेत देता है कि पार्टी उन्हें जनता के बीच सक्रिय रूप से स्थापित करना चाहती है। असली सवाल यह है कि क्या इन सुनवाइयों में उठाई गई समस्याओं का वास्तविक और समयबद्ध समाधान होगा, या यह महज एक जनसंपर्क अभ्यास बनकर रह जाएगा। नीतीश के जनता दरबार की विरासत को देखते हुए, इस पहल की साख इसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जदयू की 'जन सुनवाई' पहल क्या है?
यह बिहार सरकार में जदयू कोटे के मंत्रियों द्वारा पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन पूर्वाह्न 11:30 बजे से आयोजित की जाने वाली जन सुनवाई है। इसमें मंत्री आम नागरिकों की शिकायतें और समस्याएँ सुनकर उनके समाधान की कोशिश करेंगे।
जन सुनवाई रोस्टर में किन मंत्रियों के नाम हैं?
रोस्टर में सोमवार को श्रवण कुमार, लेसी सिंह और सुनील कुमार; मंगलवार को विजय कुमार चौधरी, शीला मंडल और बुलो मंडल; बुधवार को निशांत कुमार, दामोदर रावत और रत्नेश सदा; गुरुवार को अशोक चौधरी, मदन सहनी और श्वेता गुप्ता; तथा शुक्रवार को बिजेंद्र प्रसाद यादव, भगवान सिंह कुशवाहा और जमा खान शामिल हैं।
निशांत कुमार कौन हैं और उनका नाम क्यों चर्चा में है?
निशांत कुमार बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं। जन सुनवाई रोस्टर में उनका नाम शामिल होने से राजनीतिक हलकों में उनकी बढ़ती सक्रियता को लेकर चर्चा है।
यह पहल किसके निर्देश पर शुरू की गई?
यह पहल जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के निर्देश के बाद शुरू की गई है। पार्टी ने इसका उद्देश्य जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करना बताया है।
क्या बिहार में पहले भी ऐसी कोई पहल हुई है?
हाँ, नीतीश कुमार अपने मुख्यमंत्रित्व काल में 'जनता दरबार' के माध्यम से लोगों की समस्याएँ सुनते थे। यह नई जन सुनवाई पहल उसी परंपरा की अगली कड़ी मानी जा रही है, जिसे अब पार्टी कार्यालय स्तर पर संस्थागत रूप दिया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस