बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा, मोदी और अमित शाह से होने वाली मुलाकात

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा, मोदी और अमित शाह से होने वाली मुलाकात

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली दिल्ली यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह से मुलाकात होगी। ये मुलाकातें मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर बन सकती हैं।

Key Takeaways

  • सम्राट चौधरी की पहली दिल्ली यात्रा
  • प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की तैयारी
  • मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा संभव
  • बिहार में 33 मंत्रियों का प्रावधान
  • 24 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

पटना, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को दिल्ली के दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, मंगलवार शाम 4 बजे उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात होगी। यह मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी की पहली दिल्ली यात्रा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह मुलाकात शिष्टाचारिक मानी जा रही है, लेकिन इसके राजनीतिक महत्व को भी नकारा नहीं जा सकता। कहा जा रहा है कि इस दौरान बिहार में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की जा सकती है। इसके साथ ही, बाद में मुख्यमंत्री चौधरी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की संभावना है।

इन बैठकों के चलते यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा के मंत्रियों के नामों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। वर्तमान में, बिहार सरकार का मंत्रिमंडल अधूरा है, और इसे जल्द से जल्द विस्तार देने की बेहद आवश्यकता महसूस की जा रही है।

फिलहाल, राज्य में सिर्फ मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों ने ही शपथ ली है। जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है, जबकि भाजपा की ओर से किसी भी विधायक को मंत्री का पद नहीं दिया गया है। इस स्थिति में पूरी कैबिनेट लगभग खाली है, जिससे प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ सकता है।

बिहार में कुल 33 मंत्रियों का प्रावधान है, लेकिन अब तक पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है। नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे जल्दी से जल्दी कैबिनेट का विस्तार करें ताकि प्रशासन को गति मिले। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली इन बैठकों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया तेज हो सकती है और राज्य में शासन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इसके अतिरिक्त, 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे और अपनी सरकार के बहुमत को साबित करने का प्रयास करेंगे। बिहार में एनडीए की सरकार है, लेकिन यह पहली बार है जब भाजपा का मुख्यमंत्री और जदयू के दो उपमुख्यमंत्री बने हैं। पहले नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद पर थे, जबकि भाजपा के उपमुख्यमंत्री बनते रहे हैं।

विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, इस सत्र की अधिसूचना मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रियों समेत सभी मंत्रियों और विधायकों को भेज दी गई है। यह पत्र निदेशक राजीव कुमार, बिहार विधानसभा, पटना के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।

Point of View

सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा महत्वपूर्ण है। यह न केवल उनकी नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है, बल्कि बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में भी बदलाव की संभावना को उजागर करता है।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा कब है?
सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा 21 अप्रैल को है।
उनकी मुलाकात किससे होगी?
उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से होगी।
क्या यह यात्रा राजनीतिक महत्व रखती है?
हाँ, इस यात्रा के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की जा सकती है।
बिहार सरकार में कितने मंत्री हो सकते हैं?
बिहार में कुल 33 मंत्रियों का प्रावधान है।
बिहार विधानसभा का विशेष सत्र कब बुलाया गया है?
बिहार विधानसभा का विशेष सत्र 24 अप्रैल को बुलाया गया है।
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