क्या बिहार फिर से मैट्रिक और इंटर के परीक्षाफल देने में आगे रहेगा?: शिक्षा मंत्री सुनील कुमार
सारांश
Key Takeaways
- शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने नई योजनाएँ लागू की हैं।
- परीक्षा की तिथियाँ घोषित की गई हैं।
- 15 लाख से अधिक छात्रों ने मैट्रिक के लिए आवेदन किया है।
- इंटर की परीक्षा 2 फरवरी से शुरू होगी।
- बोर्ड मार्च और अप्रैल में परिणाम जारी करेगा।
पटना, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की नई सरकार के गठन के बाद, यह सरकार एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। शिक्षा विभाग ने शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस बीच, विभाग का दावा है कि इस बार भी मध्य प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी इंटर और मैट्रिक की परीक्षा को लेकर बिहार आगे रहेगा।
बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि बिहार में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं और सभी आवश्यक तैयारियाँ की जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उनका प्रयास रहेगा कि इंटरमीडिएट और मैट्रिक की परीक्षा का परिणाम सबसे पहले घोषित किया जाए।
बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा दो फरवरी और मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से आयोजित की जाने वाली है। इस परीक्षा के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने पूरी तैयारी कर ली है। बताया गया कि जो विद्यार्थी मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 के लिए आवेदन करने से चूक गए हैं, वे तीन दिसंबर तक विलंब शुल्क के साथ परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। किसी भी त्रुटि को सुधारने की अंतिम तिथि चार दिसंबर है। इस बार 15 लाख 2 हजार 21 विद्यार्थियों ने मैट्रिक परीक्षा का फॉर्म भरा है, जबकि 13 लाख 7 हजार 241 विद्यार्थियों ने इंटरमीडिएट के लिए आवेदन किया है।
बोर्ड ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट का परिणाम मार्च और अप्रैल में जारी करने की योजना बनाई है। इंटर की परीक्षा दो फरवरी से शुरू होगी, जिसमें पहले दिन पहली पाली में जीव विज्ञान और दर्शन शास्त्र के साथ-साथ दूसरी पाली में अर्थशास्त्र (कला और वाणिज्य संकाय) की परीक्षा होगी।
इंटर की परीक्षा 13 फरवरी को समाप्त होगी। मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक चलेगी। पहले दिन, 17 फरवरी को दोनों पालियों में मातृभाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी, जबकि 18 फरवरी को दोनों पालियों में गणित की परीक्षा होगी।