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क्या बिहार की पीएमएफएमई योजना से बसंती बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल?

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क्या बिहार की पीएमएफएमई योजना से बसंती बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल?

सारांश

बिहार की पीएमएफएमई योजना ने बसंती कुमारी और उनकी सास ललिता देवी को स्वरोजगार में सफलता दिलाई है। यह कहानी न केवल महिला सशक्तिकरण की है, बल्कि आत्मनिर्भरता की भी है। जानें कैसे इस योजना ने उनके जीवन को बदल दिया।

मुख्य बातें

पीएमएफएमई योजना ने महिलाओं को स्वरोजगार में सशक्त बनाया।
बसंती कुमारी और ललिता देवी ने परंपरागत व्यवसाय को आधुनिक रूप दिया।
यह योजना आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
उनका कारोबार 12 प्रकार की बरी उत्पादों तक पहुंच गया है।
लगभग 6 महिलाओं को रोजगार मिला है।

सहरसा, 20 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के निवासियों के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरी है। इस योजना का लाभ उठाकर लाभार्थी आत्मनिर्भर बनते हुए आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।

सहरसा नगर निगम के वार्ड-24 पटुआहा की बसंती कुमारी ने अपनी सास ललिता देवी से मिली परंपरागत शिक्षा को आधुनिकता से जोड़कर 'बरी व्यवसाय' में एक नई पहचान बनाई है। यह सास-बहू की जोड़ी महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार का एक आदर्श उदाहरण बन गई है।

बसंती कुमारी ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत उन्हें 10 लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई है, जिससे वे अपने व्यवसाय का और विस्तार कर रही हैं।

ललिता देवी ने 1980 से 2023 तक घर पर ही उड़द, मटर और मूंग की बरी बनाकर बेची थी। अक्टूबर 2024 से बहू के साथ मिलकर उन्होंने इसे संगठित रूप से विकसित किया और अब 12 प्रकार की बरी तैयार की जा रही है। इनमें मसूर बरी, उड़द बरी, मटर बरी, चना बरी, मूंग बरी, मिक्स दाल बरी, चना गरम मसाला मिक्स बरी, मसूर गरम मसाला मिक्स बरी, उड़द गरम मसाला मिक्स बरी, चुकंदर मिक्स बरी, अदरक मिक्स बरी और गाजर मिक्स बरी शामिल हैं।

इनके उत्पाद सहरसा से लेकर दक्षिण भारत तक पहुँच रहे हैं। इसके अलावा, बसंती और ललिता ने आसपास की 6 महिलाओं को भी रोजगार दिया है, जो दैनिक मजदूरी पर काम कर रही हैं। दैनिक लगभग 50 किलो सामग्री से 5 हजार रुपये का कारोबार होता है।

उद्यमी बसंती कुमारी ने कहा कि उनकी सास 1980 से बरी बनाने का काम कर रही हैं और उनसे ही उन्हें प्रेरणा मिली। परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर बरी बनाने के काम को विस्तार देने पर चर्चा हुई। इसके बाद मशीन खरीदी गई और उत्पाद बनने के बाद मार्केटिंग की गई।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना का लाभ लेकर कारोबार का विस्तार किया। इस योजना के अंतर्गत उन्होंने 10 लाख रुपये का लोन लिया। वे अपने उत्पादों की बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एमजॉन, फ्लिपकार्ट और मीशो के माध्यम से भी करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह कार्यक्रम उन महिलाओं के लिए एक मिसाल है जो अपने पैरों पर खड़े होकर समाज में बदलाव लाना चाहती हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमएफएमई योजना क्या है?
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) छोटे और सूक्ष्म खाद्य उद्योगों के विकास के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है।
बसंती कुमारी को इस योजना का लाभ कैसे मिला?
बसंती कुमारी ने पीएमएफएमई योजना के तहत 10 लाख रुपये की सहायता प्राप्त की, जिससे उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया।
इस योजना का लाभ किस प्रकार के व्यवसायों को होता है?
यह योजना खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, और विपणन से जुड़े सूक्ष्म और छोटे व्यवसायों को सहायता प्रदान करती है।
क्या इस योजना से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है?
हां, पीएमएफएमई योजना ने कई महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है और उन्हें व्यवसाय स्थापित करने में मदद की है।
बसंती कुमारी के उत्पाद कहां बिकते हैं?
बसंती कुमारी के उत्पाद सहरसा से लेकर दक्षिण भारत तक पहुंच रहे हैं और वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बिक्री कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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