8 अक्टूबर 2026
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बिहार में छूटे व युवा मतदाताओं के पंजीकरण का विशेष अभियान, एक माह में घर-घर सत्यापन पूरा करने का लक्ष्य

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बिहार में छूटे व युवा मतदाताओं के पंजीकरण का विशेष अभियान, एक माह में घर-घर सत्यापन पूरा करने का लक्ष्य

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बिहार में छूटे हुए और युवा मतदाताओं को जोड़ने का विशेष अभियान शुरू हुआ है। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और प्ररूप-6 भरेंगे। रात्रि आश्रय स्थलों व मजदूर कॉलोनियों तक भी पहुँच सुनिश्चित होगी। एक माह में पूरी प्रक्रिया पूरी की जानी है।

मुख्य बातें

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बिहार में छूटे हुए व युवा मतदाताओं के पंजीकरण का विशेष अभियान 8 अक्टूबर 2026 से शुरू।
बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे; अर्हता प्राप्त प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्ररूप-6 भरना अनिवार्य।
पूरी कार्रवाई एक माह के भीतर पूरी की जानी है।
रात्रि आश्रय स्थलों , मजदूर कॉलोनियों और गृहविहीन व्यक्तियों के लिए विशेष कैंप का प्रावधान।
तैयार सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए के साथ साझा होगी; अंतिम सूची भी सभी दलों को मिलेगी।
निगरानी राज्य, जिला और ईआरओ तीनों स्तरों पर नियमित रूप से की जाएगी।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बिहार में 8 अक्टूबर 2026 से छूटे हुए एवं युवा अर्हता प्राप्त मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और हितधारकों को प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह अभियान एक माह के भीतर पूरा किया जाना है।

अभियान की कार्यप्रणाली

इस अभियान के तहत मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। जो भी व्यक्ति मतदाता के रूप में अर्हता प्राप्त पाया जाएगा, उसका प्ररूप-6 के माध्यम से निर्वाचक सूची में पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी योग्य मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित नहीं रहना चाहिए।

बीएलओ द्वारा तैयार की गई सूचीबद्ध जानकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ भी साझा की जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। अभियान के समापन पर निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) द्वारा मतदान केंद्र-वार तैयार अंतिम सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी।

समाज के कमज़ोर वर्गों पर विशेष ध्यान

आयोग ने रात्रि आश्रय स्थलों, मजदूर कॉलोनियों, गृहविहीन व्यक्तियों और समाज के कमज़ोर तबके के लोगों के लिए अलग से विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया है। यह प्रावधान यह सुनिश्चित करने के लिए है कि समाज के सबसे हाशिए पर खड़े व्यक्ति को भी मताधिकार मिल सके। इसके साथ ही, मतदाताओं की सुविधा के अनुसार मतदान केंद्रों पर भी विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा।

निगरानी तंत्र

इस अभियान की निगरानी राज्य स्तर, जिला स्तर और ईआरओ स्तर पर नियमित रूप से की जाएगी। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब बिहार में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है और मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं।

अभियान का उद्देश्य और आगे की राह

निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि इस विशेष अभियान के ज़रिए बिहार में शत-प्रतिशत युवा और छूटे हुए मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित हो, जिससे आगामी चुनावों में मतदान में व्यापक भागीदारी संभव हो सके। यह Nवीं ऐसी मुहिम है जो आयोग ने राज्यों में समावेशी मतदाता सूची के लिए चलाई है — अब परीक्षा क्रियान्वयन की होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी सफलता पूरी तरह ज़मीनी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी — कागज़ पर जारी निर्देश और वास्तविक पंजीकरण के बीच का फ़र्क पिछले अभियानों में कई बार देखा गया है। रात्रि आश्रय स्थलों और मजदूर कॉलोनियों तक पहुँच की बात तो हुई है, लेकिन इन स्थानों पर बीएलओ की वास्तविक उपस्थिति और जवाबदेही का कोई सार्वजनिक ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक दलों के साथ सूची साझा करने का प्रावधान पारदर्शिता के लिहाज़ से सकारात्मक है, पर इससे सूची की राजनीतिक उपयोगिता को लेकर सवाल भी उठते हैं। असली कसौटी तब होगी जब एक माह बाद पंजीकृत मतदाताओं की संख्या सार्वजनिक हो।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में मतदाता पंजीकरण का यह विशेष अभियान क्या है?
यह भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बिहार में चलाया जा रहा विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य छूटे हुए और युवा अर्हता प्राप्त मतदाताओं को निर्वाचक सूची में जोड़ना है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और प्ररूप-6 के माध्यम से पंजीकरण करेंगे।
यह अभियान कब तक पूरा होगा?
प्रशासन के अनुसार यह पूरी कार्रवाई एक माह के भीतर पूरी की जानी है। अभियान 8 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुका है।
मतदाता पंजीकरण के लिए कौन पात्र है और प्रक्रिया क्या है?
जो भी व्यक्ति मतदाता के रूप में अर्हता प्राप्त करता है, उसका बीएलओ द्वारा प्ररूप-6 भरकर निर्वाचक सूची में पंजीकरण किया जाएगा। यह प्रक्रिया घर-घर सत्यापन के दौरान ही पूरी की जाएगी।
कमज़ोर वर्गों के लिए इस अभियान में क्या विशेष व्यवस्था है?
आयोग ने रात्रि आश्रय स्थलों, मजदूर कॉलोनियों और गृहविहीन व्यक्तियों के लिए अलग से विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य समाज के सबसे हाशिए पर खड़े व्यक्ति को भी मताधिकार से जोड़ना है।
राजनीतिक दलों की इस अभियान में क्या भूमिका होगी?
बीएलओ द्वारा तैयार सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ साझा की जाएगी। अभियान समाप्त होने के बाद निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा तैयार अंतिम सूची भी सभी मान्यता प्राप्त दलों को उपलब्ध कराई जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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