15 अक्टूबर 2026
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यौन शोषण मामला: कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम दिल्ली पुलिस के सामने पेश, बोले— 'पूरी तरह राजनीतिक'

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यौन शोषण मामला: कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम दिल्ली पुलिस के सामने पेश, बोले— 'पूरी तरह राजनीतिक'

सारांश

यौन शोषण के आरोपों में घिरे कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम दिल्ली पुलिस के सामने पेश हुए और मामले को राजनीति से प्रेरित बताया। JNU में 40 वर्ष बिताने वाले सांसद ने कहा— दिल्ली अब 'शत्रुतापूर्ण' लगती है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम 15 अक्टूबर 2026 को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में दिल्ली पुलिस के सामने पेश हुए।
सांसद ने यौन शोषण मामले को 'पूरी तरह राजनीतिक' करार दिया।
JNU में करीब 40 वर्षों के प्रवास के दौरान उन्होंने कभी ऐसी परिस्थिति न देखने का दावा किया।
अकोइजम ने कहा दिल्ली में उन्हें 'शत्रुतापूर्ण माहौल' का अहसास हो रहा है और वे अब खुद को मणिपुर से अधिक जुड़ा महसूस करते हैं।
सांसद ने कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की उम्मीद जताई।

यौन शोषण मामले में आरोपी कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम 15 अक्टूबर 2026 को जांच में सहयोग के लिए नई दिल्ली के वसंत कुंज नॉर्थ थाने पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस के बुलावे पर वे स्वेच्छा से पेश हुए हैं और पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित करार दिया।

थाने में पेशी और बयान

अकोइजम ने थाने के बाहर पत्रकारों से कहा कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल होने का नोटिस दिया था, जिसके बाद उन्होंने उपस्थित होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, 'मैं नहीं चाहता था कि मेरे नहीं आने पर यह कहा जाए कि मैं जांच में सहयोग नहीं कर रहा हूं।' सांसद ने यह भी जोड़ा कि उनका कार्यक्रम व्यस्त होने के बावजूद उन्होंने इस पेशी को प्राथमिकता दी।

राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप

अकोइजम ने इस पूरे मामले को 'पूरी तरह राजनीतिक' बताया। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में बिताए करीब 40 वर्षों के दौरान उन्होंने कभी ऐसी परिस्थिति का सामना नहीं किया। उनके अनुसार, वर्तमान घटनाक्रम उन्हें आश्चर्यचकित करता है और इससे वे खुद को दिल्ली की बजाय मणिपुर से अधिक जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं।

दिल्ली में 'शत्रुतापूर्ण माहौल' का अहसास

सांसद ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि दिल्ली में उन्हें अपनापन नहीं लग रहा, बल्कि ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे वे किसी शत्रुतापूर्ण स्थान पर आए हों। यह बयान उल्लेखनीय है क्योंकि अकोइजम दशकों से देश की राजधानी में रहते और पढ़ाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति ने उनकी मणिपुर से जुड़ाव की भावना को और गहरा किया है।

कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा

राजनीतिक आरोप लगाने के साथ ही अकोइजम ने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि कानून अपना काम करे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग देना उनकी प्राथमिकता है। गौरतलब है कि यह मामला संसदीय गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और सांसद की भूमिका पर सबकी नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे मूल आरोपों का जवाब नहीं मिलता। यह ऐसे समय में आया है जब महिला सांस्थानिक सुरक्षा को लेकर JNU जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की साख पर सवाल उठ रहे हैं। अकोइजम की 'मणिपुर से जुड़ाव' वाली टिप्पणी को क्षेत्रीय पहचान की राजनीति के चश्मे से देखा जाएगा, जो मामले को तथ्यात्मक जांच से भटका सकती है। असली कसौटी यह है कि क्या दिल्ली पुलिस की जांच निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ती है — राजनीतिक दबाव या सांसद की सार्वजनिक आख्यान से प्रभावित हुए बिना।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन शोषण मामला क्या है?
कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम पर यौन शोषण का मामला दर्ज है, जिसकी जांच दिल्ली पुलिस के वसंत कुंज नॉर्थ थाने में हो रही है। 15 अक्टूबर 2026 को उन्हें जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था।
बिमोल अकोइजम ने मामले को राजनीतिक क्यों बताया?
अकोइजम ने थाने के बाहर कहा कि मौजूदा घटनाक्रम राजनीति से प्रेरित है और JNU में 40 वर्षों के दौरान उन्होंने कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी। उन्होंने किसी विशेष राजनीतिक दल या व्यक्ति का नाम नहीं लिया।
क्या अकोइजम ने दिल्ली पुलिस की जांच में सहयोग किया?
हाँ, सांसद ने 15 अक्टूबर को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में स्वेच्छा से पेश होकर जांच में सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते थे कि उनकी अनुपस्थिति को असहयोग का संकेत माना जाए।
बिमोल अकोइजम कौन हैं?
बिमोल अकोइजम कांग्रेस के सांसद हैं जो मणिपुर से आते हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से करीब 40 वर्षों तक जुड़े रहे हैं। वे अकादमिक पृष्ठभूमि वाले राजनेता के रूप में जाने जाते हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
दिल्ली पुलिस जांच प्रक्रिया जारी रखेगी और सांसद के बयान दर्ज किए जाएंगे। अकोइजम ने उम्मीद जताई है कि कानून अपना काम करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
राष्ट्र प्रेस
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