यौन शोषण मामला: कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम दिल्ली पुलिस के सामने पेश, बोले— 'पूरी तरह राजनीतिक'
सारांश
मुख्य बातें
यौन शोषण मामले में आरोपी कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम 15 अक्टूबर 2026 को जांच में सहयोग के लिए नई दिल्ली के वसंत कुंज नॉर्थ थाने पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस के बुलावे पर वे स्वेच्छा से पेश हुए हैं और पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित करार दिया।
थाने में पेशी और बयान
अकोइजम ने थाने के बाहर पत्रकारों से कहा कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल होने का नोटिस दिया था, जिसके बाद उन्होंने उपस्थित होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, 'मैं नहीं चाहता था कि मेरे नहीं आने पर यह कहा जाए कि मैं जांच में सहयोग नहीं कर रहा हूं।' सांसद ने यह भी जोड़ा कि उनका कार्यक्रम व्यस्त होने के बावजूद उन्होंने इस पेशी को प्राथमिकता दी।
राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप
अकोइजम ने इस पूरे मामले को 'पूरी तरह राजनीतिक' बताया। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में बिताए करीब 40 वर्षों के दौरान उन्होंने कभी ऐसी परिस्थिति का सामना नहीं किया। उनके अनुसार, वर्तमान घटनाक्रम उन्हें आश्चर्यचकित करता है और इससे वे खुद को दिल्ली की बजाय मणिपुर से अधिक जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं।
दिल्ली में 'शत्रुतापूर्ण माहौल' का अहसास
सांसद ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि दिल्ली में उन्हें अपनापन नहीं लग रहा, बल्कि ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे वे किसी शत्रुतापूर्ण स्थान पर आए हों। यह बयान उल्लेखनीय है क्योंकि अकोइजम दशकों से देश की राजधानी में रहते और पढ़ाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति ने उनकी मणिपुर से जुड़ाव की भावना को और गहरा किया है।
कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा
राजनीतिक आरोप लगाने के साथ ही अकोइजम ने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि कानून अपना काम करे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग देना उनकी प्राथमिकता है। गौरतलब है कि यह मामला संसदीय गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और सांसद की भूमिका पर सबकी नज़र बनी रहेगी।