मिशन शक्ति वेबसाइट से नवीन पटनायक की तस्वीर हटाने पर बीजद का BJP सरकार पर 'राजनीतिक मकसद' का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने 13 जुलाई 2025 को भुवनेश्वर में आरोप लगाया कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने मिशन शक्ति की आधिकारिक वेबसाइट से पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तस्वीर और उनसे जुड़ी जानकारी हटाकर इस महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम की विरासत को मिटाने का 'व्यर्थ प्रयास' किया है। बीजद नेताओं ने इसे सरकार की 'असुरक्षा' और 'हीन भावना' का प्रतीक बताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ नेताओं के आरोप
शंख भवन स्थित बीजद मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की वरिष्ठ महिला नेताओं ने BJP सरकार पर सीधे निशाना साधा। ओडिशा विधानसभा की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक, राज्यसभा सांसद सुलता देव, पूर्व मंत्री तुकुनी साहू और ओडिशा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष लोपामुद्रा बक्सीपात्रा ने कहा कि यह कदम सरकार के अपने शासन में आत्मविश्वास की कमी को उजागर करता है।
नेताओं ने कहा कि मिशन शक्ति पोर्टल से पटनायक की तस्वीर और जानकारी हटाना इतिहास को फिर से लिखने और इस कार्यक्रम से जुड़ी लाखों महिलाओं के योगदान को कमतर आँकने का प्रयास है।
मिशन शक्ति — एक जन आंदोलन की पृष्ठभूमि
बीजद नेताओं ने स्पष्ट किया कि मिशन शक्ति कोई पार्टी कार्यक्रम नहीं, बल्कि नवीन पटनायक के नेतृत्व में महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों से खड़ा हुआ एक जन आंदोलन था। उनका तर्क था कि इस इतिहास को मिटाने का कोई भी प्रयास ओडिशा की महिलाओं के योगदान की अवहेलना के समान है।
गौरतलब है कि मिशन शक्ति की शुरुआत बीजद शासनकाल में हुई थी और यह ओडिशा में महिला सशक्तिकरण की एक प्रमुख पहचान बन चुका है। यह कार्यक्रम राज्य की लाखों महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित रहा है।
संवैधानिक जिम्मेदारी पर बीजद का तर्क
बीजद ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचित सरकार एक संवैधानिक संस्था होती है और उसका कार्य राज्य के संस्थागत इतिहास का अभिन्न हिस्सा बन जाता है। पार्टी ने यह भी कहा कि सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन शासन की निरंतरता बनी रहती है।
नेताओं ने जोर देकर कहा कि सरकारी विभाग और आधिकारिक मंच किसी भी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं — वे ओडिशा की जनता के हैं। उन्होंने कहा, 'इतिहास रचने की क्षमता रखने वाली सरकार उसे संरक्षित करती है, जबकि इतिहास रचने में असमर्थ सरकार उसे मिटाने का प्रयास करती है।'
BJP सरकार की स्थिति
इस मामले में BJP सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बीजद के आरोप ऐसे समय में आए हैं जब ओडिशा में सत्ता परिवर्तन के बाद से दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव बना हुआ है।
आगे क्या होगा
बीजद ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को आगे भी उठाती रहेगी। यह विवाद ओडिशा की राजनीति में सत्ता और विरासत के दावे को लेकर जारी खींचतान का नया अध्याय है। आने वाले दिनों में BJP का आधिकारिक रुख और मिशन शक्ति वेबसाइट में हुए बदलावों का विवरण इस विवाद की दिशा तय करेगा।