बीजद इंडिया ब्लॉक रैली से दूर, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कायम: मानस रंजन मंगराज
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद मानस रंजन मंगराज ने 30 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी 1 नवंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली में शामिल नहीं होगी, क्योंकि बीजद इस विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। हालाँकि, मंगराज ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग पर पूरी तरह कायम है, और इस मुद्दे पर बीजद के शीर्ष नेता नवीन पटनायक पहले ही अपना रुख सार्वजनिक कर चुके हैं।
इंडिया गठबंधन रैली में भागीदारी का सवाल
मंगराज ने साफ शब्दों में कहा कि 1 नवंबर की रैली इंडिया गठबंधन का कार्यक्रम है और बीजद उस गठबंधन का अंग नहीं है, इसलिए पार्टी के सांसद इसमें भाग नहीं लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले आयोजित संयुक्त विपक्षी मार्च में उन्होंने और बीजद सांसदों ने एक सांसद एवं विपक्षी नेता की हैसियत से हिस्सा लिया था, क्योंकि वह कार्यक्रम सभी विपक्षी दलों का साझा आयोजन था।
यह स्थिति उजागर करती है कि बीजद मुद्दे-दर-मुद्दे विपक्ष के साथ खड़ा होने की नीति अपना रहा है, लेकिन औपचारिक गठबंधन से दूरी बनाए रखता है। गौरतलब है कि 2024 के ओडिशा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से करारी हार के बाद बीजद अपनी पुनर्स्थापना की रणनीति तय कर रहा है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग
मंगराज ने दोहराया कि बीजद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता नवीन पटनायक यह सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद छोड़ना चाहिए। यह माँग उस व्यापक विपक्षी असंतोष का हिस्सा है जो चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों के बीच तेज हो गई है।
ईवीएम और बैलेट पेपर पर बीजद का रुख
मंगराज ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर भी चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने 2024 के ओडिशा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान कई संदिग्ध घटनाएँ सामने आई थीं, जिन पर बीजद ने चुनाव आयोग के समक्ष पहले ही शिकायतें दर्ज कराई थीं। मंगराज ने कहा कि उनकी पार्टी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग का पूरा समर्थन करती है, क्योंकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता अनिवार्य है।
भाजपा की दलील — कि बैलेट पेपर वाले चुनावों में भी विपक्ष को हार मिली है — का जवाब देते हुए मंगराज ने कहा कि विधान परिषद जैसे अप्रत्यक्ष चुनावों और आम चुनावों के बीच बुनियादी फर्क होता है, इसलिए दोनों की तुलना उचित नहीं है।
व्यापारियों की चिंता पर प्रतिक्रिया
दिल्ली के व्यापारी संगठनों की ओर से रैली स्थगित करने की अपील पर मंगराज ने कहा कि व्यापारियों की आपत्ति जायज़ है। रैली जिस भीड़भाड़ वाले इलाके में होने वाली है, वहाँ कारोबार प्रभावित हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि रैली दिवाली के बाद आयोजित होती तो व्यापारियों के लिए बेहतर होता। साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के समय और स्थान को लेकर अंतिम निर्णय इंडिया गठबंधन के नेताओं का होगा।
आगे क्या
1 नवंबर की रैली विपक्षी एकजुटता की बड़ी परीक्षा होगी। बीजद की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि इंडिया गठबंधन के बाहर के दल मुद्दों पर सहमति के बावजूद संगठनात्मक रूप से अलग बने रहना चाहते हैं। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग अब बहुदलीय विपक्षी एजेंडे का अहम हिस्सा बन चुकी है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद में भी गूँजने की संभावना है।