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बीजद नेता बिक्रम अरुख ने BJP में जाने की अफवाहें नकारीं, बोले— 'बीजद में था, हूं और रहूंगा'

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बीजद नेता बिक्रम अरुख ने BJP में जाने की अफवाहें नकारीं, बोले— 'बीजद में था, हूं और रहूंगा'

सारांश

बीजद के संस्थापक सदस्य और पूर्व मंत्री बिक्रम केशरी अरुख ने वीडियो जारी कर भाजपा में जाने की खबरों को अफवाह बताया। 2024 की हार के बाद से नेताओं के पलायन से जूझ रही बीजद के लिए यह बयान राहत है — लेकिन पार्टी की चुनौतियाँ अभी खत्म नहीं हुई हैं।

मुख्य बातें

बिक्रम केशरी अरुख ने 19 जुलाई 2026 को वीडियो संदेश में बीजद छोड़ने की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया।
अरुख ने नवीन पटनायक को अपना पसंदीदा नेता बताया और कहा— 'मैं बीजद में था, हूं और हमेशा रहूंगा।' PAC की एक-दो बैठकों में अनुपस्थिति को मीडिया ने दल-बदल की अटकलों का आधार बनाया था, जिसे अरुख ने निजी कारण बताया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा— उन्हें जानकारी नहीं, लेकिन 'पार्टी के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं।' 2024 विधानसभा चुनावों में हार के बाद से बीजद के कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ चुके हैं।

बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम केशरी अरुख ने 19 जुलाई 2026 को एक वीडियो संदेश जारी कर पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बीजद के संस्थापक सदस्य हैं और पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक के नेतृत्व में काम जारी रखेंगे।

क्या थी अटकलों की वजह

अरुख बीजद की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) के सदस्य हैं। मीडिया के कुछ वर्गों में उनके दल-बदल की खबरें तब उठीं जब वे लगातार एक-दो PAC बैठकों में अनुपस्थित रहे। इस अनुपस्थिति को उनकी नाराज़गी और भाजपा में जाने की तैयारी के रूप में व्याख्यायित किया गया।

अरुख ने इस व्याख्या को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा, 'निजी कारणों से मैं एक-दो बैठकों में शामिल नहीं हो सका। अगर इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि मैं नाराज़ या असंतुष्ट हूं, तो ऐसे दावे बिल्कुल गलत हैं।'

अरुख का स्पष्ट बयान

वीडियो संदेश में अरुख ने कहा, 'आज मैंने विभिन्न मीडिया आउटलेट्स में सुना कि मैं किसी अन्य पार्टी में शामिल होने जा रहा हूं। यह केवल एक अफवाह है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। मैं बीजद में था, हूं और हमेशा रहूंगा।' उन्होंने नवीन पटनायक को अपना 'पसंदीदा नेता' और बीजद को अपनी 'पसंदीदा पार्टी' बताया।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा के ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल से जब अरुख के संभावित प्रवेश के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि सत्तारूढ़ पार्टी के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं — एक बयान जिसे राजनीतिक हलकों में सांकेतिक माना जा रहा है।

बीजद में हलचल का व्यापक संदर्भ

यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब बीजद 2024 के ओडिशा विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक हार के बाद से आंतरिक उथल-पुथल से गुज़र रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस्तीफा दे चुके हैं या भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में अरुख जैसे संस्थापक सदस्य का पार्टी के प्रति वफादारी दोहराना बीजद नेतृत्व के लिए राहत की बात मानी जा रही है।

गौरतलब है कि अरुख पार्टी की स्थापना के समय से ही बीजद से जुड़े हैं और ओडिशा की राजनीति में उनका अनुभव और प्रभाव उन्हें एक महत्वपूर्ण नेता बनाता है। आने वाले हफ्तों में बीजद के संगठनात्मक पुनर्गठन पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ही बीजद की कमज़ोर होती साख का आईना भी है — जब एक संस्थापक सदस्य को सार्वजनिक वीडियो जारी कर वफादारी साबित करनी पड़े, तो यह पार्टी के भीतर विश्वास के संकट को उजागर करता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का 'दरवाजे खुले हैं' वाला बयान भी महज शिष्टाचार नहीं लगता — यह एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है जो बीजद के असंतुष्ट नेताओं को निरंतर संकेत देती रहती है। 2024 की हार के बाद बीजद का जो 'एग्ज़िट ब्लीड' जारी है, उसे रोकने के लिए नवीन पटनायक को संगठनात्मक ढाँचे से परे जाकर नेताओं को भावनात्मक और राजनीतिक रूप से जोड़ना होगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिक्रम केशरी अरुख कौन हैं और बीजद में उनकी भूमिका क्या है?
बिक्रम केशरी अरुख बीजू जनता दल के संस्थापक सदस्य और पूर्व मंत्री हैं। वे पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) के सदस्य हैं और ओडिशा की राजनीति में एक वरिष्ठ चेहरा माने जाते हैं।
अरुख के दल-बदल की अफवाहें क्यों उठीं?
बीजद की PAC की एक-दो बैठकों में अरुख की अनुपस्थिति को मीडिया के कुछ वर्गों ने उनकी नाराज़गी और भाजपा में जाने की तैयारी के रूप में व्याख्यायित किया। अरुख ने इसे निजी कारणों से हुई अनुपस्थिति बताया और अटकलों को पूरी तरह निराधार कहा।
भाजपा ने अरुख के संभावित प्रवेश पर क्या कहा?
भाजपा के ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि सत्तारूढ़ पार्टी के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं।
2024 की हार के बाद से बीजद की क्या स्थिति है?
2024 के ओडिशा विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक हार के बाद से बीजद के कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ चुके हैं या भाजपा में शामिल हो चुके हैं। पार्टी आंतरिक पुनर्गठन की प्रक्रिया में है।
क्या अरुख का बीजद में बने रहना तय है?
अरुख ने 19 जुलाई 2026 को जारी वीडियो में स्पष्ट रूप से कहा— 'मैं बीजद में था, हूं और हमेशा रहूंगा।' हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इस बयान को पार्टी के भीतर जारी दबाव के संदर्भ में देख रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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