ओडिशा: रवींद्र कुमार जेना ने बीजद से इस्तीफा देकर भाजपा में ली सदस्यता

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ओडिशा: रवींद्र कुमार जेना ने बीजद से इस्तीफा देकर भाजपा में ली सदस्यता

सारांश

भुवनेश्वर में रवींद्र कुमार जेना ने भाजपा में शामिल होने के साथ ही क्षेत्रीय विकास की दिशा में नए कदम उठाने की बात कही है। क्या यह कदम ओडिशा की राजनीति में बदलाव लाएगा?

Key Takeaways

  • रवींद्र कुमार जेना ने बीजद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।
  • उन्होंने क्षेत्रीय विकास के लिए भाजपा को प्राथमिकता दी।
  • बीजद में उत्तराधिकार की स्पष्ट योजना का अभाव है।
  • उनकी पत्नी सुबासिनी जेना बीजद में बनी रहेंगी।
  • भाजपा में उनके शामिल होने से पार्टी की क्षेत्रीय स्थिति मजबूत होगी।

भुवनेश्वर, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बीजू जनता दल (बीजद) से इस्तीफा देने के एक दिन बाद, बालासोर के पूर्व सांसद रवींद्र कुमार जेना ने बुधवार को यहां औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घोषणा की।

जेना, बीजद के अन्य कई नेताओं के साथ, बालासोर, मयूरभंज और भद्रक जिलों के 100 से अधिक सहयोगियों के साथ, भुवनेश्वर में भाजपा के स्टेट ऑफिस में एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर जेना ने कहा कि वह बालासोर, भद्रक और मयूरभंज जिलों के क्षेत्रीय विकास के लिए भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ओडिशा का विकास भाजपा के बिना संभव नहीं है।

जेना ने स्पष्ट किया, "मैंने व्यक्तिगत कारणों से बीजद से अपना इस्तीफा दिया है। आज, मैं अपने सीनियर साथियों, स्थानीय नेताओं और चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ भाजपा में शामिल हुआ हूं। इस निर्णय के पीछे मुख्य विचार हमारे क्षेत्र, जिले और इलाके में विकास को आगे बढ़ाना है।"

बालासोर के पूर्व सांसद, जिन्होंने बीजद में लगभग 12 साल बिताए, ने पार्टी में मौजूद संरचनात्मक समस्याओं को अपने इस्तीफे के कारणों में से एक बताया, जिसमें उत्तराधिकार की स्पष्ट योजना का अभाव भी शामिल है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजद आने वाले समय में ओडिशा के लोगों को सुशासन प्रदान नहीं कर पाएगी, क्योंकि एक पार्टी जो अपनी अगली पीढ़ी की नेतृत्व को सफलतापूर्वक योजना बनाती है, वह लंबे समय तक लोगों की सेवा करती है।

जेना ने कहा, "मैंने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक क्षेत्रीय पार्टी में सही उत्तराधिकार योजना होनी चाहिए। इसके अभाव में, विकास का एजेंडा प्रभावित होता है। मुझे ऐसे हालात में विकास का अच्छा भविष्य नहीं दिख रहा था।"

अपनी पत्नी सुबासिनी जेना, जो बस्ता सीट से बीजद विधायक हैं, के बारे में पूछे जाने पर, जेना ने स्पष्ट किया कि वह बीजद में बनी रहेंगी। उन्होंने कहा, "मेरी पत्नी सुबासिनी जेना बीजद में हैं, और वह वहीं रहेंगी।"

ओडिशा भाजपा के अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा कि जेना के साथ कई अन्य जमीनी नेता भी भाजपा में शामिल हुए हैं, जिनमें जिला स्तर के नेता, ब्लॉक चेयरपर्सन और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हैं।

सामल ने कहा, "उनके साथ, कई जिला नेता, ब्लॉक चेयरमैन और जिला परिषद के सदस्य भाजपा में शामिल हुए हैं। इससे क्षेत्र में पार्टी संगठन और मजबूत होगा।"

जेना के राजनीतिक अनुभव और प्रभाव के बारे में बताते हुए, राज्य भाजपा प्रमुख ने कहा कि उनके आने से बालासोर और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी की उपस्थिति काफी बढ़ जाएगी।

इस विकास का आगामी राज्यसभा चुनावों और जेना की पत्नी सुबासिनी जेना की उम्मीदवारी पर क्या असर पड़ेगा, इस सवाल के जवाब में सामल ने कहा कि पार्टी ने इस मामले पर अभी तक कोई चर्चा नहीं की है।

उन्होंने आगे कहा, "हमने इस स्तर पर राज्यसभा समर्थन या उससे जुड़े राजनीतिक हिसाब-किताब के बारे में कोई चर्चा नहीं की है।"

Point of View

बल्कि भाजपा की क्षेत्रीय स्थिति को भी सुदृढ़ बना सकता है।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

रवींद्र कुमार जेना ने क्यों बीजद छोड़ा?
जेना ने बीजद छोड़ने का कारण व्यक्तिगत और पार्टी में संरचनात्मक समस्याएं बताई हैं।
जेना का भाजपा में शामिल होने का क्या उद्देश्य है?
उनका उद्देश्य बालासोर, भद्रक और मयूरभंज जिलों के विकास को आगे बढ़ाना है।
क्या उनकी पत्नी बीजद में रहेंगी?
हाँ, जेना की पत्नी सुबासिनी जेना बीजद में बनी रहेंगी।
भाजपा में शामिल होने से क्या बदलाव आएगा?
जेना के भाजपा में शामिल होने से पार्टी की क्षेत्रीय उपस्थिति मजबूत होगी।
क्या इस घटनाक्रम का राज्यसभा चुनावों पर असर पड़ेगा?
भाजपा ने अभी तक इस संबंध में कोई चर्चा नहीं की है।
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