हैदराबाद में फर्जी फॉर्म-7 विवाद: भाजपा बूथ एजेंट पर केस, 30 मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद पुलिस ने 7 अक्टूबर 2026 को मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बूथ लेवल एजेंट (BLA) एस. बालाचंदर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि बालाचंदर ने 30 डिजिटल प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 जमा कर वोटर लिस्ट से 30 मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की, जो बाद में जाँच में अपने दर्ज पते पर ही रहते पाए गए। यह तेलंगाना में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आदेश के बाद दर्ज होने वाला पहला मामला है।
मुख्य घटनाक्रम
आरोपी एस. बालाचंदर 28 सितंबर 2026 को पोलिंग स्टेशन नंबर 210 पर 30 प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 लेकर पहुँचा था। इन फॉर्म में जिन मतदाताओं के नाम हटाने की माँग थी, उनमें कांग्रेस के एक बूथ लेवल एजेंट और उसके परिवार के सदस्य भी शामिल थे।
बालाचंदर ने स्वयं इन फॉर्म पर हस्ताक्षर किए और उन्हें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को सौंपने का प्रयास किया। BLO ने एक साथ इतनी बड़ी संख्या में फॉर्म लेने से मना कर दिया और कोई रसीद नहीं दी, जिसके बाद बालाचंदर फॉर्म वहीं छोड़कर चला गया।
कानूनी कार्रवाई
चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 और 318(2) तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत मुशीराबाद के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) टी. प्रवीण कुमार की ओर से दर्ज कराई गई।
गौरतलब है कि 5 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) सी. सुधर्शन रेड्डी ने सभी जिला चुनाव अधिकारियों को आदेश दिया था कि फॉर्म 6, 6A, 7 और 8 में जानबूझकर झूठी जानकारी देने वालों पर मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के नियम 20 के तहत जाँच कर कार्रवाई की जाए। बालाचंदर के खिलाफ दर्ज मामला उस आदेश के बाद तेलंगाना में पहला है।
व्यापक पैटर्न और सांप्रदायिक कोण
इसी प्रकार के प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 बहादुरपुरा और गोशामहल विधानसभा क्षेत्रों में भी सामने आए हैं। आरोपों के अनुसार, इन फॉर्म में जिन मतदाताओं के नाम हटाने की माँग की गई, वे सभी मुस्लिम समुदाय से थे — जिससे समुदाय विशेष को लक्षित करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को CEO को पत्र लिखकर बताया कि गोशामहल के पोलिंग स्टेशन नंबर 28 पर थुडुमु जनार्दन नामक व्यक्ति ने 122 फॉर्म-7 जमा किए हैं, जिनमें पहले से प्रिंटेड मुस्लिम मतदाताओं के नाम हैं। ओवैसी ने इसे 'मुस्लिम वोटर्स को मतदाता सूची से हटाने की गहरी साजिश' करार दिया।
कांग्रेस की भूमिका और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) ने इस मुद्दे पर पहले शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद CEO ने GHMC कमिश्नर, हैदराबाद के जिला चुनाव अधिकारी और सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी किए। पार्टी ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर से भी FIR दर्ज करने की माँग की थी।
आँकड़ों के अनुसार, पूरे तेलंगाना में अब तक कुल 28,753 फॉर्म-7 प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 5,000 अकेले हैदराबाद से हैं। इस पैमाने को देखते हुए चुनाव आयोग की सतर्कता बेहद ज़रूरी मानी जा रही है।
आगे की प्रक्रिया
विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के अंतर्गत दावे-आपत्ति का चरण 7 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा 5 नवंबर 2026 तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 9 नवंबर 2026 को जारी होगी। यह मामला आने वाले हफ्तों में मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी निष्पक्षता की बहस को और तेज कर सकता है।