भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का गोरखपुर दौरा: 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च और विधानसभा चुनाव रणनीति पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 5 नवंबर 2026 से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का दो दिवसीय संगठनात्मक दौरा शुरू करेंगे। इस दौरे में वे पार्टी के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च का नेतृत्व करेंगे और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।
पदयात्रा का कार्यक्रम
नितिन नवीन बुधवार सुबह गोरखपुर पहुँचेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यालय द्वारा एक्स पर साझा किए गए कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 12:10 बजे महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से पदयात्रा आरंभ होगी और सरदार पटेल की प्रतिमा के निकट स्थित माता काली मंदिर पर इसका समापन होगा। इस विशाल जन-आक्रोश पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी शामिल होंगे।
प्रबुद्ध वर्ग और जनप्रतिनिधियों से संवाद
पदयात्रा के बाद दोपहर 3:30 बजे नितिन नवीन तारामंडल स्थित एनेक्सी भवन में प्रबुद्ध वर्ग के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। इसी स्थान पर शाम 5 बजे जनप्रतिनिधियों के साथ भी बैठक निर्धारित है।
दूसरे दिन का कार्यक्रम
गुरुवार की सुबह भाजपा अध्यक्ष बाबा गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके उपरांत पार्टी के पूर्व पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें पिछले तीन कार्यकालों में कार्यरत रहे पूर्व प्रदेश व क्षेत्रीय पदाधिकारी, पूर्व जिला प्रभारी और पूर्व जिला अध्यक्ष भाग लेंगे। तत्पश्चात, लोकसभा और राज्यसभा के पूर्व सदस्य, पूर्व विधायक, विधान परिषद के पूर्व सदस्य, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष, तथा नगर पालिका और नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्षों के साथ संवाद कार्यक्रम है।
चुनावी रणनीति पर मंथन
दूसरे दिन नितिन नवीन प्रदेश अध्यक्ष, राज्य व क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ एक विस्तृत संगठनात्मक बैठक करेंगे। इस बैठक में आगामी संगठनात्मक अभियानों की रूपरेखा और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने पर केंद्रित चर्चा होगी।
अभियान की पृष्ठभूमि
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान भाजपा द्वारा उस विरोध-प्रदर्शन का जवाब देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है, जो 'इंडिया' गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ चुनावी अनियमितताओं के आरोपों पर चलाया है। गौरतलब है कि इससे पहले नितिन नवीन दिल्ली, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में इसी अभियान का नेतृत्व कर चुके हैं। गोरखपुर दौरा इस क्रम में अगला बड़ा पड़ाव है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश में पार्टी की जमीनी पकड़ को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।