रेखा गुप्ता का राहुल गांधी को ओपन चैलेंज: 'संसद में आइए, बहस करते हैं!'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 4 नवंबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संसद में खुली बहस की चुनौती दी। यह चुनौती एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दी गई, जो सीधे राहुल गांधी की उस पोस्ट का जवाब थी जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिबेट करने का आमंत्रण दिया था।
रेखा गुप्ता की खुली चुनौती
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'राहुल गांधी जी, ओपन चैलेंज। संसद में आइए। बहस करते हैं!' अपनी पोस्ट में उन्होंने 1975 की आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी की दादी ने विपक्ष को जेल में डाला, प्रेस का मुँह बंद किया और लोकतंत्र का गला घोंटा। इसके साथ ही उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का हवाला देते हुए कहा कि तब राहुल गांधी के पिता प्रधानमंत्री थे और हजारों बेगुनाह सिखों का कत्लेआम हुआ था।
रेखा गुप्ता ने आगे लिखा, '2014, 2019 और 2024 — लगातार तीन टर्म। चौथा टर्म तो आपका सबसे बड़ा बुरा सपना है। भागना मत! जगह भारत की संसद, नई दिल्ली। वीजा की जरूरत नहीं।' यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी राहुल गांधी की 'विदेशी' वाली छवि पर की गई एक सीधी चोट मानी जा रही है।
राहुल गांधी ने पहले मोदी को दिया था चैलेंज
इससे पहले मंगलवार की शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी को सीधी डिबेट की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा, '24 घंटे हो गए, मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हैं कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पर आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ।'
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि वे वित्तीय प्रणाली, अमेरिका से डील, कैबिनेट को बताए बिना किए गए फैसलों और 'एपस्टीन' जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जज के रूप में मोहन भागवत को बैठाया जा सकता है। गौरतलब है कि उन्होंने पोस्ट के अंत में 'हैप्पी दीपावली' लिखकर एक हल्का स्वर भी जोड़ा।
मानहानि केस का जिक्र
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि उनके खिलाफ कथित तौर पर लगभग 45 मानहानि के केस दर्ज हैं, परंतु 'विदेशी कनेक्शन' वाले मुद्दे पर मानहानि का केस नहीं लगाया गया। उन्होंने इसे भी डिबेट का हिस्सा बनाने की पेशकश की।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब संसद का शीतकालीन सत्र नजदीक है और विपक्ष सरकार पर कई मोर्चों पर हमलावर है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की सोशल मीडिया पर 'डिबेट चैलेंज' की राजनीति संसदीय प्रक्रियाओं को दरकिनार कर जनमत को प्रभावित करने की कोशिश है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक इसे विपक्ष की बौखलाहट बता रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी और BJP नेताओं के बीच इस तरह की सार्वजनिक बहस की चुनौतियाँ दी गई हों — लेकिन संसद को 'अखाड़ा' बताकर दी गई रेखा गुप्ता की यह चुनौती राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गई है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि क्या यह बहस सोशल मीडिया से आगे बढ़कर संसद की दीवारों तक पहुँचती है।