4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रेखा गुप्ता का राहुल गांधी को ओपन चैलेंज: 'संसद में आइए, बहस करते हैं!'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रेखा गुप्ता का राहुल गांधी को ओपन चैलेंज: 'संसद में आइए, बहस करते हैं!'

सारांश

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने राहुल गांधी की PM मोदी को दी डिबेट चुनौती का जवाब देते हुए उन्हें संसद में खुली बहस के लिए ललकारा — 1975 की आपातकाल और 1984 के दंगों को सामने रखते हुए। यह सोशल मीडिया पर 'चैलेंज-काउंटर चैलेंज' की राजनीति का ताजा अध्याय है।

मुख्य बातें

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 4 नवंबर 2026 को एक्स पर राहुल गांधी को संसद में खुली बहस की चुनौती दी।
रेखा गुप्ता ने 1975 की आपातकाल और 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की 'खूनी विरासत' पर सवाल उठाए।
यह पोस्ट राहुल गांधी की उस एक्स पोस्ट का जवाब थी जिसमें उन्होंने PM मोदी को डिबेट की चुनौती दी थी।
राहुल गांधी ने डिबेट के एजेंडे में वित्तीय प्रणाली, अमेरिका डील और 'एपस्टीन' जैसे मुद्दे शामिल करने की बात कही।
राहुल गांधी ने कहा कि उनके खिलाफ कथित तौर पर 45 मानहानि के केस हैं, लेकिन 'विदेशी कनेक्शन' पर केस नहीं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 4 नवंबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संसद में खुली बहस की चुनौती दी। यह चुनौती एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दी गई, जो सीधे राहुल गांधी की उस पोस्ट का जवाब थी जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिबेट करने का आमंत्रण दिया था।

रेखा गुप्ता की खुली चुनौती

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'राहुल गांधी जी, ओपन चैलेंज। संसद में आइए। बहस करते हैं!' अपनी पोस्ट में उन्होंने 1975 की आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी की दादी ने विपक्ष को जेल में डाला, प्रेस का मुँह बंद किया और लोकतंत्र का गला घोंटा। इसके साथ ही उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का हवाला देते हुए कहा कि तब राहुल गांधी के पिता प्रधानमंत्री थे और हजारों बेगुनाह सिखों का कत्लेआम हुआ था।

रेखा गुप्ता ने आगे लिखा, '2014, 2019 और 2024 — लगातार तीन टर्म। चौथा टर्म तो आपका सबसे बड़ा बुरा सपना है। भागना मत! जगह भारत की संसद, नई दिल्ली। वीजा की जरूरत नहीं।' यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी राहुल गांधी की 'विदेशी' वाली छवि पर की गई एक सीधी चोट मानी जा रही है।

राहुल गांधी ने पहले मोदी को दिया था चैलेंज

इससे पहले मंगलवार की शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी को सीधी डिबेट की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा, '24 घंटे हो गए, मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हैं कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पर आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ।'

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि वे वित्तीय प्रणाली, अमेरिका से डील, कैबिनेट को बताए बिना किए गए फैसलों और 'एपस्टीन' जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जज के रूप में मोहन भागवत को बैठाया जा सकता है। गौरतलब है कि उन्होंने पोस्ट के अंत में 'हैप्पी दीपावली' लिखकर एक हल्का स्वर भी जोड़ा।

मानहानि केस का जिक्र

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि उनके खिलाफ कथित तौर पर लगभग 45 मानहानि के केस दर्ज हैं, परंतु 'विदेशी कनेक्शन' वाले मुद्दे पर मानहानि का केस नहीं लगाया गया। उन्होंने इसे भी डिबेट का हिस्सा बनाने की पेशकश की।

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब संसद का शीतकालीन सत्र नजदीक है और विपक्ष सरकार पर कई मोर्चों पर हमलावर है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की सोशल मीडिया पर 'डिबेट चैलेंज' की राजनीति संसदीय प्रक्रियाओं को दरकिनार कर जनमत को प्रभावित करने की कोशिश है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक इसे विपक्ष की बौखलाहट बता रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी और BJP नेताओं के बीच इस तरह की सार्वजनिक बहस की चुनौतियाँ दी गई हों — लेकिन संसद को 'अखाड़ा' बताकर दी गई रेखा गुप्ता की यह चुनौती राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गई है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि क्या यह बहस सोशल मीडिया से आगे बढ़कर संसद की दीवारों तक पहुँचती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उसका सरलीकृत प्रतिस्थापन है — जहाँ जवाबदेही की जगह वायरल होने की होड़ है। रेखा गुप्ता का राहुल गांधी को 'वीजा की जरूरत नहीं' वाला व्यंग्य तीखा है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये चुनौतियाँ संसद के फ्लोर पर कभी पहुँचती हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस 'चैलेंज-काउंटर चैलेंज' को रोमांचक नाटक की तरह पेश करती है, जबकि जनता के असली मुद्दे — महँगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था — इस शोर में दब जाते हैं। राजनीतिक जवाबदेही के लिए संसद सबसे उपयुक्त मंच है — सोशल मीडिया की पोस्ट नहीं।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेखा गुप्ता ने राहुल गांधी को बहस की चुनौती क्यों दी?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राहुल गांधी की उस एक्स पोस्ट का जवाब देते हुए उन्हें संसद में बहस की चुनौती दी, जिसमें राहुल ने PM मोदी को डिबेट के लिए ललकारा था। रेखा गुप्ता ने 1975 की आपातकाल और 1984 के सिख विरोधी दंगों का हवाला देते हुए कांग्रेस की ऐतिहासिक नीतियों पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने PM मोदी को डिबेट चैलेंज में क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक्स पर मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि वे किसी भी मंच पर, मीडिया और देश के युवाओं के सामने बहस करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने डिबेट के एजेंडे में वित्तीय प्रणाली, अमेरिका से डील और 'एपस्टीन' जैसे विषय शामिल किए और जज के रूप में मोहन भागवत को बैठाने का सुझाव दिया।
रेखा गुप्ता ने 1975 और 1984 का उल्लेख क्यों किया?
रेखा गुप्ता ने 1975 की आपातकाल को इंदिरा गांधी के शासन की 'लोकतंत्र विरोधी नीति' और 1984 के सिख विरोधी दंगों को कांग्रेस की 'खूनी विरासत' के रूप में पेश किया। उनका उद्देश्य यह बताना था कि कांग्रेस उन घटनाओं की जवाबदेही से आज भी बच नहीं सकती।
राहुल गांधी ने मानहानि केस का जिक्र क्यों किया?
राहुल गांधी ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि उनके खिलाफ कथित तौर पर लगभग 45 मानहानि के केस दर्ज हैं, लेकिन 'विदेशी कनेक्शन' के मुद्दे पर कोई केस नहीं लगाया गया। उन्होंने इसे बहस में शामिल करने की पेशकश की।
क्या यह बहस संसद में वास्तव में होगी?
फिलहाल यह चुनौती सोशल मीडिया तक सीमित है और किसी भी पक्ष ने आधिकारिक संसदीय प्रक्रिया के तहत बहस का प्रस्ताव नहीं रखा है। आने वाले शीतकालीन सत्र में इन मुद्दों के उठने की संभावना है, लेकिन सोशल मीडिया पर दी गई चुनौतियाँ संसदीय कार्यसूची का हिस्सा नहीं बनतीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले