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एसआईआर विवाद: CM रेखा गुप्ता बोलीं — राहुल गांधी और विपक्ष पर लगे देशद्रोह का मुकदमा

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एसआईआर विवाद: CM रेखा गुप्ता बोलीं — राहुल गांधी और विपक्ष पर लगे देशद्रोह का मुकदमा

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एसआईआर विवाद पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर देशद्रोह के मुकदमे की माँग की। चुनाव आयोग का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता सूची अपडेट प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है।

मुख्य बातें

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 27 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की माँग की।
गुप्ता ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से काम कर रहा है; आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।
एसआईआर और फॉर्म-6 से जुड़े विपक्ष के आरोपों को मुख्यमंत्री ने 'बेबुनियाद' करार दिया।
मतदाता सूची से मृत, डुप्लीकेट और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया को 'वोट चोरी' कहना गलत बताया।
विपक्ष पर आरोप — जनता को गुमराह कर विकास कार्यों से ध्यान भटकाने की कोशिश।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवाल बेबुनियाद हैं और ऐसी गतिविधियाँ 'देशद्रोह से कम नहीं' हैं।

मुख्यमंत्री का सीधा प्रहार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया के सामने बेबाकी से कहा कि विपक्ष देश में ऐसी स्थितियाँ बनाने की कोशिश कर रहा है जिनका कोई ठोस आधार नहीं है। उनके अनुसार, इस रणनीति का एकमात्र उद्देश्य जनता को गुमराह करना और देश में हो रहे विकास कार्यों से ध्यान भटकाना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की इन गतिविधियों पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

चुनाव आयोग के बचाव में उतरीं गुप्ता

मुख्यमंत्री ने भारत निर्वाचन आयोग की जमकर तारीफ की और कहा कि यह एक संवैधानिक संस्था है जो पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ काम कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस पारदर्शिता से चुनाव आयोग आज काम कर रहा है, क्या ऐसी पारदर्शिता विपक्ष के शासनकाल में संभव थी? गुप्ता ने यह भी कहा कि चुनाव आयुक्तों की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।

एसआईआर और फॉर्म-6 पर सफाई

मुख्यमंत्री ने फॉर्म-6 से जुड़े विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रक्रियाओं को पहले से ही सरल किया गया है और इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मृत, डुप्लीकेट और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया लंबे समय से चली आ रही है। इसे 'वोट चोरी' कहना सरासर गलत है; इसका उद्देश्य हर पात्र नागरिक का नाम सूची में सुनिश्चित करना है।

विपक्ष के आरोपों को बताया निराधार

गुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को समझना ज़रूरी है। उनके अनुसार, विपक्ष जानबूझकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है ताकि राजनीतिक लाभ उठाया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में एसआईआर को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है और कई विपक्षी दल चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहे हैं।

आगे क्या

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं। विपक्ष की ओर से जवाबी प्रतिक्रिया अपेक्षित है। गौरतलब है कि एसआईआर विवाद अब केवल तकनीकी मतदाता सूची प्रक्रिया नहीं रह गया — यह बड़े संवैधानिक और राजनीतिक टकराव का रूप लेता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सत्तापक्ष की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें संवैधानिक संस्थाओं की आलोचना को ही राष्ट्रविरोधी गतिविधि बताया जाता है — यह लोकतांत्रिक जवाबदेही की दृष्टि से एक चिंताजनक प्रवृत्ति है। एसआईआर विवाद की असल बहस मतदाता सूची की सटीकता और पात्र मतदाताओं के नाम कटने की आशंका पर है, जिसे तकनीकी सफाई तक सीमित करना पर्याप्त नहीं। गौरतलब है कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सवाल उठाना और उसके कामकाज की निगरानी करना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है — इसे देशद्रोह की श्रेणी में रखना बहस को तथ्य से दूर और ध्रुवीकरण की ओर ले जाता है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर विवाद क्या है और इस पर राजनीति क्यों गर्म है?
एसआईआर यानी विशेष सारांश पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत भारत निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अद्यतन करता है — मृत, डुप्लीकेट और अपात्र नाम हटाए जाते हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर पात्र मतदाताओं के नाम भी काटे जा रहे हैं, जबकि सरकार और चुनाव आयोग इसे नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया बताते हैं।
CM रेखा गुप्ता ने राहुल गांधी पर देशद्रोह की माँग क्यों की?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं द्वारा चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर बेबुनियाद आरोप लगाना और जनता में भ्रम फैलाना देशद्रोह के समान है। उनके अनुसार, इसका एकमात्र उद्देश्य देश के विकास कार्यों से ध्यान भटकाना है।
चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 विवाद पर क्या स्पष्ट किया है?
मुख्यमंत्री गुप्ता के अनुसार, चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि फॉर्म-6 से जुड़ी प्रक्रियाओं को मतदाता सूची अधिक सटीक और सुविधाजनक बनाने के लिए सरल किया गया है और इसमें किसी अनियमितता की गुंजाइश नहीं है।
क्या चुनाव आयोग के फैसले सर्वसम्मति से होते हैं?
हाँ, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि चुनाव आयुक्तों की ओर से पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि आयोग के सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं, जो इसकी संस्थागत स्वायत्तता और पारदर्शिता को दर्शाता है।
मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया क्या है?
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मृत व्यक्तियों, डुप्लीकेट प्रविष्टियों और अन्य अपात्र नामों को हटाना एक दीर्घकालिक नियमित प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य किसी पात्र नागरिक का नाम हटाना नहीं, बल्कि सूची को त्रुटि-मुक्त बनाकर वास्तविक मतदाताओं को बेहतर सुविधा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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