एबीवीपी स्थापना दिवस पर BJP नेताओं की बधाई, योगी-रेखा-भजनलाल समेत 6 मुख्यमंत्रियों ने सराहा
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के स्थापना दिवस पर 9 जुलाई 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से परिषद के राष्ट्र निर्माण, युवा नेतृत्व और छात्र हितों के प्रति दशकों के समर्पण की सराहना की।
मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रियाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एबीवीपी को 'विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन' बताते हुए कहा, 'ज्ञान, शील और एकता के मंत्र को आत्मसात कर परिषद देश ही नहीं, दुनिया भर की युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा दे रही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करती रहे, यही मंगल कामना है।'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परिषद की भूमिका को विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रवाद, अनुशासन और सेवा की भावना विकसित करने वाला बताया। उन्होंने कहा, 'परिषद से मिले संस्कार मेरे सार्वजनिक जीवन की अमूल्य पूंजी हैं।' गुप्ता ने यह भी कहा कि एबीवीपी के कार्यकर्ता 'विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने परिषद को 'राष्ट्रनिष्ठ, जागरूक एवं संस्कारित युवा शक्ति के निर्माण' में अहम भूमिका निभाने वाला संगठन करार दिया। उन्होंने राष्ट्र निर्माण, छात्र हितों के संरक्षण और शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन के लिए एबीवीपी के योगदान को 'अत्यंत सराहनीय' बताया।
अन्य BJP नेताओं के संदेश
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'ज्ञान, शील, एकता' के ध्येय वाक्य का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं से देश के नवनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एबीवीपी को 'केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त अभियान' बताया, जो युवाओं में नेतृत्व, सामाजिक चेतना और भारतीय संस्कारों का विकास कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का संदर्भ देते हुए कहा कि एबीवीपी 'राष्ट्रभाव और सेवा की चेतना को युवा शक्ति के माध्यम से निरंतर सशक्त करता रहे।'
एबीवीपी का परिचय और महत्व
एबीवीपी की स्थापना 9 जुलाई 1949 को हुई थी और यह देश के सबसे बड़े छात्र संगठनों में से एक है। संगठन का ध्येय वाक्य 'ज्ञान, शील और एकता' है। गौरतलब है कि BJP और RSS से वैचारिक रूप से जुड़े इस संगठन ने दशकों में देश को कई राजनीतिक और सामाजिक नेता दिए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र संगठनों की भूमिका और विश्वविद्यालय राजनीति पर बहस तेज है। एबीवीपी के स्थापना दिवस पर BJP नेताओं की एकजुट प्रतिक्रिया संगठन के साथ पार्टी के गहरे संबंध को रेखांकित करती है।
आगे की राह
स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर में परिषद के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं की शुभकामनाओं के साथ एबीवीपी के आगामी शैक्षणिक वर्ष में छात्र हित के मुद्दों पर सक्रिय रहने की उम्मीद जताई जा रही है।