एसआईआर पर विपक्ष का हंगामा हार छिपाने की कोशिश: भाजपा नेता खंडेलवाल और गिरिराज सिंह
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 28 मई 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला। दोनों नेताओं ने कहा कि विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर शोर मचाकर चुनावी हार की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस पर खंडेलवाल का हमला
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे को कांग्रेस के आंतरिक संकट का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस में कुछ तो गड़बड़ चल रही है। कांग्रेस का पतन तय है और इसी वजह से पार्टी दुविधा से जूझ रही है। नेता इस्तीफा देकर पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है, जिस पर कोई भी ज्यादा देर तक नहीं रहना चाहता।'
खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के निकट अवैध ढाँचों को ध्वस्त करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा, 'अमित शाह का बयान पूरी तरह तार्किक और मौजूदा हालात के हिसाब से बिल्कुल सही है। देश की सीमाएँ पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए। कुछ घुसपैठिए सीमा के उस पार कुछ किलोमीटर के दायरे में ठिकाने बनाने की कोशिश करते हैं, इसलिए घुसपैठ को जड़ से खत्म करने के लिए गृह मंत्री का बयान बिल्कुल सही है।'
एसआईआर पर गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एसआईआर को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के संदर्भ में विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर एक सतत और जारी प्रक्रिया है और विपक्षी दल इसे अपनी चुनावी पराजय का बहाना बना रहे हैं। उनके शब्दों में, 'वे अपनी हार का ठीकरा एसआईआर पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। चाहे ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की अगुवाई करें या तेजस्वी यादव, इससे हमारा क्या लेना-देना? देश की जनता ने नकारात्मक सोच वाले लोगों को पहले ही नकार दिया है।'
गिरिराज सिंह ने आगे कहा, 'एसआईआर के नाम पर बिहार, पश्चिम बंगाल और पूरे देश में चुनाव लड़े गए थे। लालू यादव हों, तेजस्वी यादव, राहुल गांधी या कोई और — वे सब अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। अब सबकी असलियत सामने आ चुकी है।'
एसआईआर और सीमा सुरक्षा का संदर्भ
गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि एसआईआर के माध्यम से अवैध घुसपैठियों की पहचान की जा रही है, जिसके कारण विपक्ष असहज है। यह ऐसे समय में आया है जब सर्वोच्च न्यायालय ने एसआईआर प्रक्रिया पर अपना रुख स्पष्ट किया है। गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों ने पहले भी कई राज्यों में आंदोलन किए थे।
केंद्र सरकार की सीमा सुरक्षा और मतदाता सूची शुद्धिकरण की नीतियों का समर्थन करते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि ये कदम देश की अखंडता और लोकतंत्र को मजबूत बनाएंगे।
आगे क्या
भाजपा के इस आक्रामक रुख से स्पष्ट है कि आने वाले समय में एसआईआर और सीमा सुरक्षा के मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहेंगे। विपक्ष की प्रतिक्रिया और सर्वोच्च न्यायालय की आगामी सुनवाई इस विवाद की दिशा तय करेगी।