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BJP अल्पसंख्यक मोर्चे के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली बोले — 'BJP कार्यकर्ताओं की पार्टी, परिवारवाद की नहीं'

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BJP अल्पसंख्यक मोर्चे के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली बोले — 'BJP कार्यकर्ताओं की पार्टी, परिवारवाद की नहीं'

सारांश

2027 यूपी चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव — कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। बासित अली ने सपा पर मुसलमानों को वोट बैंक बनाने का आरोप लगाया और BJP को 'कार्यकर्ताओं की पार्टी' बताया।

मुख्य बातें

कुंवर बासित अली को BJP अल्पसंख्यक मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया — 18 अगस्त को नई जिम्मेदारी संभाली।
बासित अली ने कहा — BJP में दायित्व काम के आधार पर मिलते हैं, परिवारवाद या खानदान के आधार पर नहीं।
उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार की योजनाओं में मुस्लिम समुदाय को 30 से 40 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल रही है, जो सपा शासन में केवल 4 से 5 प्रतिशत थी।
समाजवादी पार्टी पर आरोप — मुसलमानों को वोट बैंक बनाकर शोषण किया, झूठे मुकदमे दर्ज किए।
2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले BJP की मुस्लिम आउटरीच रणनीति को नई गति देने के उद्देश्य से यह नियुक्ति की गई है।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी मुस्लिम आउटरीच रणनीति को नई धार देते हुए यूपी के वरिष्ठ मुस्लिम नेता कुंवर बासित अली को BJP अल्पसंख्यक मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। 18 अगस्त को नई जिम्मेदारी संभालने के बाद बासित अली ने कहा कि BJP किसी परिवार की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की पार्टी है।

नई नियुक्ति और पार्टी का संदेश

राष्ट्रीय अध्यक्ष पद मिलने के बाद कुंवर बासित अली ने स्पष्ट किया कि BJP में दायित्व काम के आधार पर मिलते हैं, खानदान या परिवारवाद के आधार पर नहीं। उन्होंने कहा, 'मैं कार्यकर्ता हूं और आज मेरा दायित्व जरूर बदला है लेकिन जो मेरा काम है भारतीय जनता पार्टी के लिए वह लगातार वही रहेगा।' उनके अनुसार पार्टी में प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी समाज सेवा और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हैं।

2027 चुनाव की रणनीति

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पूछे गए सवाल पर बासित अली ने कहा कि पार्टी के दिशानिर्देशों के अनुसार काम किया जाएगा। उन्होंने तीन प्रमुख कार्यक्षेत्र गिनाए — लोगों से सीधा संवाद, सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार और लाभार्थियों से मुलाकात। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे अभियान में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का मार्गदर्शन भी मिलेगा।

समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला

बासित अली ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सपा मुसलमानों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही है। उनके शब्दों में, 'समाजवादी पार्टी मुसलमान को लटकाना, भटकाना, दंगाई बनाना और लगातार मुसलमान के नाम पर सरकार बनाना चाहती है — सरकार बनने के बाद उनका शोषण करना, उन पर झूठे मुकदमे करना।' उन्होंने दावा किया कि आज मुसलमान समाज सपा की इस रणनीति को भली-भाँति समझ चुका है।

सरकारी योजनाओं में मुस्लिम हिस्सेदारी का दावा

बासित अली ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं में मुस्लिम समुदाय को 30 से 40 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी मिल रही है, जबकि उनके अनुसार सपा के शासनकाल में यह आंकड़ा केवल 4 से 5 प्रतिशत था। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने स्कॉलरशिप प्रदान करने के साथ-साथ हज कोटा भी बढ़ाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के नारे को मुस्लिम समावेश की दिशा में एक ठोस प्रतिबद्धता बताया।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यूपी में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या कुल मतदाताओं का लगभग 19 प्रतिशत है और 2027 के चुनाव में यह वर्ग निर्णायक भूमिका निभा सकता है। BJP का यह कदम ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल भी अल्पसंख्यक समुदाय तक अपनी पहुँच बढ़ाने में जुटे हैं। बासित अली की नियुक्ति पार्टी की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है जिसमें मुस्लिम मतदाताओं को सीधे संबोधित किया जाए — न केवल चुनाव से पहले, बल्कि ज़मीनी स्तर पर निरंतर संवाद के ज़रिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह केवल चुनावी चक्र में दिखने वाली सक्रियता बनकर रह जाएगी। सपा पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप BJP के लिए नया नहीं है, लेकिन मुस्लिम समुदाय में पार्टी की वास्तविक स्वीकार्यता अभी भी सीमित रही है — 2022 के यूपी चुनाव के नतीजे इसके प्रमाण हैं। बासित अली के दावे तब ज़्यादा वजन रखेंगे जब लाभार्थी आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि हो सके।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुंवर बासित अली को कौन सा पद दिया गया है?
कुंवर बासित अली को BJP अल्पसंख्यक मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 18 अगस्त को की गई और उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP की मुस्लिम आउटरीच रणनीति के तहत यह कदम उठाया गया है।
बासित अली ने BJP को 'कार्यकर्ताओं की पार्टी' क्यों कहा?
बासित अली ने कहा कि BJP में दायित्व काम के आधार पर मिलते हैं, न कि परिवारवाद या खानदान के आधार पर। उनके अनुसार पार्टी में हर स्तर पर — प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक — समाज सेवा और जनकल्याण को प्राथमिकता दी जाती है।
बासित अली ने समाजवादी पार्टी पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती है, उनका शोषण करती है और उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सपा के शासनकाल में मुस्लिम समुदाय को सरकारी योजनाओं में केवल 4 से 5 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलती थी।
BJP अल्पसंख्यक मोर्चा 2027 यूपी चुनाव में क्या भूमिका निभाएगा?
बासित अली के अनुसार मोर्चा लोगों से सीधा संवाद, सरकारी योजनाओं का प्रचार और लाभार्थियों से मुलाकात — इन तीन मोर्चों पर काम करेगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन में रणनीति तय की जाएगी।
मोदी सरकार ने मुस्लिम समुदाय के लिए क्या कदम उठाए हैं, BJP का क्या दावा है?
बासित अली ने दावा किया कि मोदी सरकार की योजनाओं में मुस्लिम समुदाय को 30 से 40 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल रही है। इसके अलावा स्कॉलरशिप और हज कोटे में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया गया — हालाँकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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