BJP अल्पसंख्यक मोर्चे के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली बोले — 'BJP कार्यकर्ताओं की पार्टी, परिवारवाद की नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी मुस्लिम आउटरीच रणनीति को नई धार देते हुए यूपी के वरिष्ठ मुस्लिम नेता कुंवर बासित अली को BJP अल्पसंख्यक मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। 18 अगस्त को नई जिम्मेदारी संभालने के बाद बासित अली ने कहा कि BJP किसी परिवार की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की पार्टी है।
नई नियुक्ति और पार्टी का संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष पद मिलने के बाद कुंवर बासित अली ने स्पष्ट किया कि BJP में दायित्व काम के आधार पर मिलते हैं, खानदान या परिवारवाद के आधार पर नहीं। उन्होंने कहा, 'मैं कार्यकर्ता हूं और आज मेरा दायित्व जरूर बदला है लेकिन जो मेरा काम है भारतीय जनता पार्टी के लिए वह लगातार वही रहेगा।' उनके अनुसार पार्टी में प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी समाज सेवा और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हैं।
2027 चुनाव की रणनीति
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पूछे गए सवाल पर बासित अली ने कहा कि पार्टी के दिशानिर्देशों के अनुसार काम किया जाएगा। उन्होंने तीन प्रमुख कार्यक्षेत्र गिनाए — लोगों से सीधा संवाद, सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार और लाभार्थियों से मुलाकात। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे अभियान में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला
बासित अली ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सपा मुसलमानों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही है। उनके शब्दों में, 'समाजवादी पार्टी मुसलमान को लटकाना, भटकाना, दंगाई बनाना और लगातार मुसलमान के नाम पर सरकार बनाना चाहती है — सरकार बनने के बाद उनका शोषण करना, उन पर झूठे मुकदमे करना।' उन्होंने दावा किया कि आज मुसलमान समाज सपा की इस रणनीति को भली-भाँति समझ चुका है।
सरकारी योजनाओं में मुस्लिम हिस्सेदारी का दावा
बासित अली ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं में मुस्लिम समुदाय को 30 से 40 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी मिल रही है, जबकि उनके अनुसार सपा के शासनकाल में यह आंकड़ा केवल 4 से 5 प्रतिशत था। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने स्कॉलरशिप प्रदान करने के साथ-साथ हज कोटा भी बढ़ाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के नारे को मुस्लिम समावेश की दिशा में एक ठोस प्रतिबद्धता बताया।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यूपी में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या कुल मतदाताओं का लगभग 19 प्रतिशत है और 2027 के चुनाव में यह वर्ग निर्णायक भूमिका निभा सकता है। BJP का यह कदम ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल भी अल्पसंख्यक समुदाय तक अपनी पहुँच बढ़ाने में जुटे हैं। बासित अली की नियुक्ति पार्टी की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है जिसमें मुस्लिम मतदाताओं को सीधे संबोधित किया जाए — न केवल चुनाव से पहले, बल्कि ज़मीनी स्तर पर निरंतर संवाद के ज़रिए।