पंजाब का औद्योगिक गौरव बहाल करना BJP का संकल्प: नितिन नवीन का लुधियाना उद्योगपतियों को आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 22 जून 2026 को लुधियाना में उद्योगपतियों के साथ बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि पंजाब के औद्योगिक और वाणिज्यिक गौरव को पुनर्स्थापित करना BJP का अटल संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाना पार्टी की प्राथमिकता है, और यह लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
नवीन ने लुधियाना के उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि कृषि और उद्योग दोनों को समानांतर रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र की समस्याएँ अलग-अलग होती हैं, लेकिन उन्हें हल करने के लिए सरकार की नीति, इरादा और निर्णायक नेतृत्व की भूमिका सर्वोपरि होती है।
नवीन ने आरोप लगाया कि पंजाब की राज्य सरकार केंद्र को उचित सहयोग नहीं दे रही, जिससे औद्योगिक प्रगति बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रगति के लिए संवाद अनिवार्य है, परंतु यदि कोई सरकार इसे नकारात्मक दृष्टि से देखे तो विकास संभव नहीं।
उद्योगों के पलायन का संदर्भ
नवीन ने याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान, जब वे बिहार में मंत्री पद पर थे, उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि किस तरह उद्योग पंजाब से बिहार की ओर पलायन कर रहे थे। उनके अनुसार, राज्य में उद्योगों के लिए सहायक वातावरण और सुदृढ़ व्यवस्था का अभाव इसका प्रमुख कारण रहा है।
उन्होंने कहा, 'राज्य में एक मज़बूत औद्योगिक नीति के बिना उद्योग आगे नहीं बढ़ सकता। इसके साथ ही उचित कानून-व्यवस्था और सुशासन भी उतने ही ज़रूरी हैं।'
उद्योगपतियों की चिंताएँ
बैठक में उद्योगपतियों ने कानून-व्यवस्था, संगठित अपराध, जबरन वसूली और बिगड़ती शासन व्यवस्था पर गहरी चिंता जताई। मंडी गोविंदगढ़ के उद्योगपतियों ने बताया कि लौह पुनर्चक्रण उद्योग में फर्जी GST बिलिंग के कारण सरकारी खजाने को लगभग ₹2 लाख करोड़ का नुकसान हो रहा है।
साइकिल उद्योग के प्रतिनिधियों ने रेखांकित किया कि जहाँ चीन सालाना 30 करोड़ साइकिलें बनाता है, वहीं भारत केवल 3 करोड़ का उत्पादन करता है। उन्होंने इस अंतर को पाटने के लिए एक नई नीतिगत योजना की माँग की।
कृषि-कंबाइन उद्योग ने प्रमाणन प्रक्रिया की समय-सीमा में कटौती पर आपत्ति जताई, जबकि चावल मिल मालिकों ने अमेरिका-ईरान तनाव और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण उत्पादन लागत में वृद्धि का मुद्दा उठाया और बासमती चावल के निर्यात पर सब्सिडी की माँग की।
आम जनता और उद्योग पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में उद्योगों का पलायन और रोज़गार के अवसरों में कमी एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। आलोचकों का कहना है कि राज्य की कमज़ोर औद्योगिक नीति और कानून-व्यवस्था की स्थिति ने निवेशकों का भरोसा तोड़ा है।
गौरतलब है कि लुधियाना को 'भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता है और यह साइकिल, होज़री और इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए देशभर में जाना जाता है। यदि यहाँ के उद्योगों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो इसका असर लाखों श्रमिकों की आजीविका पर पड़ सकता है।
क्या होगा आगे
नवीन ने संकेत दिया कि BJP इन मुद्दों को संसद और केंद्र सरकार के स्तर पर उठाएगी। उद्योगपतियों ने माँग की है कि केंद्र सरकार राज्य सरकार पर दबाव बनाए ताकि औद्योगिक सुधारों को गति मिले। आने वाले हफ्तों में BJP की ओर से एक विस्तृत औद्योगिक रोडमैप प्रस्तुत किए जाने की संभावना जताई जा रही है।