लुधियाना साइकिल उद्योग संकट: बिजली कटौती से बढ़ती लागत, अवतार सिंह भोगल ने दी दूसरे राज्य में शिफ्ट की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
लुधियाना के साइकिल उद्योग पर बिजली कटौती का गहरा संकट मंडरा रहा है। उद्योगपति अवतार सिंह भोगल के अनुसार, पिछले कई दिनों से लुधियाना के औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है और निर्माताओं को जनरेटर पर निर्भर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 13 सितंबर 2026 को भोगल ने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो उद्योगपतियों को अपनी इकाइयाँ पंजाब से दूसरे राज्यों में स्थानांतरित करनी पड़ सकती हैं।
मुख्य समस्या: बिजली व्यवधान और बढ़ती लागत
भोगल ने बताया कि बिजली आपूर्ति में बार-बार और दीर्घकालिक रुकावटें औद्योगिक इकाइयों के सुचारू संचालन में बड़ी बाधा बन रही हैं। जब भी बिजली गुल होती है, निर्माताओं को जनरेटर चलाने के लिए विवश होना पड़ता है, जिससे उत्पादन लागत में भारी वृद्धि हो जाती है।
उन्होंने कहा, 'आज भी बिजली न होने के कारण हमारे कामगार प्रभावित हो रहे हैं। हम जनरेटरों के ज़रिए काम पूरा कर रहे हैं, लेकिन उत्पादन लागत बहुत अधिक है।' यह स्थिति उन निर्माताओं के लिए विशेष रूप से कठिन है जो पहले से ही पतले मार्जिन पर काम करते हैं।
कामगारों पर असर
बिजली संकट का असर केवल मशीनों तक सीमित नहीं है — श्रमिकों और कामगारों के नियमित कामकाज पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। भोगल के अनुसार, बिजली व्यवधान की स्थिति में श्रम बल की उत्पादकता भी घट जाती है, क्योंकि जनरेटर से चलने वाला संचालन उतना सुगम नहीं होता जितना नियमित बिजली आपूर्ति से।
गौरतलब है कि लुधियाना का साइकिल उद्योग देश के सबसे बड़े साइकिल विनिर्माण केंद्रों में गिना जाता है और यहाँ लाखों मज़दूरों की आजीविका इससे जुड़ी है। ऐसे में उत्पादन में व्यवधान का असर व्यापक है।
उद्योग जगत की सरकार से गुहार
भोगल ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से माँग की है कि औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले व्यवधानों से उत्पादन की निरंतरता बनाए रखना बेहद कठिन हो गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब के विभिन्न हिस्सों से बिजली की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। लुधियाना जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्र के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति न केवल उत्पादन बनाए रखने के लिए, बल्कि परिचालन लागत को नियंत्रित रखने के लिए भी अनिवार्य है।
दूसरे राज्य में शिफ्ट की चेतावनी
भोगल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि वर्तमान बिजली संकट जारी रहा, तो उद्योगपतियों के पास पंजाब से बाहर अपनी इकाइयाँ स्थानांतरित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उनके अनुसार, 'अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो हमें अपने उद्योग को किसी दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने की तैयारी करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।'
आलोचकों का कहना है कि यदि लुधियाना से साइकिल उद्योग का पलायन शुरू हुआ, तो इससे न केवल स्थानीय रोज़गार को गहरा आघात लगेगा, बल्कि राज्य की औद्योगिक पहचान भी कमज़ोर होगी। अब सरकार की प्रतिक्रिया और ठोस कदम ही यह तय करेंगे कि यह संकट और गहराता है या समय रहते टलता है।