31 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हिमाचल विधानसभा: स्पीकर पठानिया ने बिजली संकट, SC रिकॉर्ड गड़बड़ी और चिट्टा तस्करी पर विभागों से माँगा जवाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हिमाचल विधानसभा: स्पीकर पठानिया ने बिजली संकट, SC रिकॉर्ड गड़बड़ी और चिट्टा तस्करी पर विभागों से माँगा जवाब

सारांश

हिमाचल विधानसभा के शून्य काल में एक साथ तीन बड़े संकट सामने आए — बिलासपुर में बिजली की बदहाली, 'फलेडा' समुदाय के SC रिकॉर्ड में कम्प्यूटरीकरण की भूल, और ऊपरी बल्ह में 'चिट्टा' का कहर। स्पीकर पठानिया ने तत्काल जवाब माँगा।

मुख्य बातें

स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने 31 अगस्त को शून्य काल में उठे मुद्दों पर संबंधित विभागों से तत्काल जवाब माँगा।
बिलासपुर विधायक त्रिलोक जमवाल ने कम वोल्टेज और अनिर्धारित बिजली कटौती से पेयजल योजनाओं और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहे असर की शिकायत की।
बरसर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कम्प्यूटरीकरण में वर्तनी की त्रुटि से 'फलेडा' समुदाय को SC प्रमाण-पत्र में हो रही परेशानी उजागर की।
बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी ने ऊपरी बल्ह में 'चिट्टा' के बढ़ते प्रसार और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते हुए नए पुलिस स्टेशन की माँग की।
गांधी ने बताया कि पूर्व जयराम सरकार द्वारा स्वीकृत पुलिस स्टेशन को वर्तमान सरकार ने रद्द कर दिया।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सोमवार, 31 अगस्त को 'शून्य काल' के दौरान उठाए गए जनहित के मुद्दों पर संबंधित विभागों से तत्काल जवाब तलब किया। बिजली आपूर्ति की बदहाली, राजस्व रिकॉर्ड में तकनीकी गड़बड़ियाँ और ऊपरी बल्ह क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग 'चिट्टा' के बढ़ते प्रसार — तीनों मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने सदन का ध्यान खींचा और स्पीकर ने शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बिजली संकट: पीने का पानी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

बिलासपुर से विधायक त्रिलोक जमवाल ने अपने क्षेत्र में कम वोल्टेज और बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कटौती का मुद्दा सदन में उठाया। उनके अनुसार, अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण पेयजल योजनाएँ बाधित हो रही हैं और बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई व कोचिंग पर गंभीर असर पड़ रहा है। कई इलाकों में पूरे दिन बिजली नहीं रहती।

जमवाल ने सरकार से माँग की कि विश्व बैंक से वित्त पोषित परियोजनाओं सहित सभी बिजली परियोजनाओं के टेंडर समय पर पूरे किए जाएँ, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

SC रिकॉर्ड में स्पेलिंग की गलती से 'फलेडा' समुदाय परेशान

बरसर से विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने अनुसूचित जाति के 'फलेडा' समुदाय की गंभीर समस्या सदन के सामने रखी। उन्होंने बताया कि पुराने राजस्व अभिलेखों में इस समुदाय का नाम 'फलेडा' सही दर्ज था, परंतु कम्प्यूटरीकरण के दौरान वर्तनी की त्रुटि के कारण इसे 'पापेडा' के रूप में दर्ज कर दिया गया।

इस तकनीकी चूक के चलते समुदाय के सदस्यों को नए अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र बनवाने और पुराने प्रमाण-पत्रों का सत्यापन कराने में भारी कठिनाइयाँ झेलनी पड़ रही हैं। लखनपाल ने माँग की कि कम्प्यूटर रिकॉर्ड को पुराने राजस्व अभिलेखों के आधार पर तत्काल सुधारा जाए।

ऊपरी बल्ह में 'चिट्टा' का कहर, पुलिस स्टेशन की माँग

बल्ह से विधायक इंद्र सिंह गांधी ने ऊपरी बल्ह क्षेत्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और सिंथेटिक ड्रग 'चिट्टा' के बढ़ते इस्तेमाल पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अपराध पर लगाम लगाने के लिए क्षेत्र में एक नया पुलिस स्टेशन खोलने की तत्काल माँग की।

गांधी ने सदन को याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार ने इस इलाके के लिए पुलिस स्टेशन को मंजूरी दी थी, जिसे वर्तमान सरकार ने रद्द कर दिया। उनका तर्क था कि बिगड़ते हालात को देखते हुए यह फैसला पुनः विचार की माँग करता है।

स्पीकर की प्रतिक्रिया और आगे की राह

स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने तीनों मुद्दों की गंभीरता को स्वीकार करते हुए संबंधित विभागों को शीघ्र जवाब देने के निर्देश दिए। यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार विपक्ष के बढ़ते दबाव का सामना कर रही है। गौरतलब है कि शून्य काल में उठाए गए मुद्दे अक्सर जमीनी स्तर पर प्रशासनिक विफलताओं का आईना होते हैं — और इन तीन मुद्दों का एक साथ उठना संकेत देता है कि सुशासन की चुनौतियाँ कई मोर्चों पर एक साथ हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासनिक डेटा-त्रुटि और ड्रग तस्करी — तीन अलग-अलग विभागीय विफलताओं का एक साथ सामने आना हिमाचल में सुशासन की व्यापक चुनौती को रेखांकित करता है। 'फलेडा' समुदाय की SC रिकॉर्ड समस्या विशेष रूप से चिंताजनक है — कम्प्यूटरीकरण, जो पारदर्शिता का औज़ार माना जाता था, यहाँ हाशिए के समुदाय के अधिकारों की राह में रोड़ा बन गया। ऊपरी बल्ह में पुलिस स्टेशन रद्द करने और 'चिट्टा' के प्रसार के बीच का संबंध सरकार के लिए असहज सवाल खड़े करता है — क्या सुरक्षा बुनियादी ढाँचे में कटौती की कीमत आम जनता चुका रही है?
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल विधानसभा के शून्य काल में 31 अगस्त को कौन-से मुद्दे उठाए गए?
31 अगस्त को शून्य काल में मुख्य रूप से तीन मुद्दे उठाए गए — बिलासपुर में बिजली की अनियमित आपूर्ति, 'फलेडा' अनुसूचित जाति समुदाय के कम्प्यूटरीकृत रिकॉर्ड में वर्तनी की गलती, और ऊपरी बल्ह में 'चिट्टा' ड्रग के बढ़ते प्रसार व कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति।
'फलेडा' समुदाय की SC रिकॉर्ड समस्या क्या है?
कम्प्यूटरीकरण के दौरान 'फलेडा' समुदाय का नाम गलती से 'पापेडा' दर्ज हो गया, जबकि पुराने राजस्व अभिलेखों में नाम सही था। इस तकनीकी त्रुटि के कारण समुदाय के सदस्यों को नए SC प्रमाण-पत्र बनवाने और पुराने प्रमाण-पत्रों का सत्यापन कराने में भारी परेशानी हो रही है।
बल्ह में पुलिस स्टेशन की माँग क्यों की जा रही है?
ऊपरी बल्ह क्षेत्र में 'चिट्टा' नामक सिंथेटिक ड्रग का प्रसार बढ़ रहा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है। विधायक इंद्र सिंह गांधी के अनुसार, पूर्व जयराम सरकार ने इस क्षेत्र के लिए पुलिस स्टेशन को मंजूरी दी थी, जिसे वर्तमान सरकार ने रद्द कर दिया — इसी फैसले को पलटने की माँग की जा रही है।
बिलासपुर में बिजली संकट से क्या-क्या प्रभावित हो रहा है?
विधायक त्रिलोक जमवाल के अनुसार, कम वोल्टेज और बिना शेड्यूल के बिजली कटौती से पेयजल योजनाएँ बाधित हो रही हैं, पानी की आपूर्ति में रुकावट आ रही है और बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई व कोचिंग प्रभावित हो रही है। कई इलाकों में पूरे दिन बिजली नहीं रहती।
स्पीकर पठानिया ने इन मुद्दों पर क्या कार्रवाई की?
स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने तीनों मुद्दों की गंभीरता को स्वीकार करते हुए संबंधित विभागों को शीघ्र जवाब देने के निर्देश दिए, ताकि जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले