9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिलासपुर समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएम अरुण साव सख्त, 4 अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस के निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिलासपुर समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएम अरुण साव सख्त, 4 अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस के निर्देश

सारांश

डिप्टी सीएम अरुण साव ने बिलासपुर में बैठक से गैरहाजिर 4 अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस के निर्देश दिए, सड़क पर बिजली खंभे मामले में जांच के आदेश दिए और जलभराव की स्थायी कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया — यह संकेत है कि राज्य सरकार जिला प्रशासन में जवाबदेही को लेकर सख्त हो रही है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने 8 अगस्त 2026 को बिलासपुर के मंथन सभाकक्ष में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।
बैठक से अनुपस्थित 4 अधिकारियों पर नाराजगी; बिल्हा, कोटा, तखतपुर जनपद पंचायत सीईओ और रतनपुर नगरपालिका सीएमओ को शो-कॉज नोटिस के निर्देश।
बिल्हा के बरतोरी-मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीच बिजली खंभे मामले में जांच के आदेश, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी।
कोटा विकासखंड में मलेरिया के 48 मरीज मिले; 1,500 मच्छरदानियों का वितरण जारी।
जल जीवन मिशन की 804 में से 310 योजनाएं पूर्ण; 219 ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित।
धान खरीदी के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान पंजीयन अनिवार्य; गांव-गांव शिविर लगाने के निर्देश।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने 8 अगस्त 2026 को बिलासपुर के जिला कार्यालय स्थित मंथन सभाकक्ष में अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।

अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई

बैठक से चार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर प्रभारी मंत्री साव ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायत के सीईओ तथा रतनपुर नगरपालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साव ने अधिकारियों को नियमित रूप से विभागीय कार्यों की समीक्षा करने और मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

सड़क पर बिजली खंभे का मामला — जांच के आदेश

बिल्हा के बरतोरी से मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीचोबीच बिजली के खंभे खड़े किए जाने के मामले को साव ने अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने पर बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जलभराव और सड़क मरम्मत की तैयारी

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर शहर में पहली ही बारिश में जलभराव की स्थिति उजागर हो गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे आने वाले वर्षों में नागरिकों को इस समस्या का सामना न करना पड़े। साव ने यह भी कहा कि बारिश समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत तत्काल शुरू हो सके, इसके लिए निर्माण विभाग अभी से तैयारी रखें।

स्वास्थ्य, कृषि और जल जीवन मिशन की समीक्षा

मौसमी बीमारियों की रोकथाम के संदर्भ में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि कोटा विकासखंड में अब तक मलेरिया के 48 मरीज मिले हैं, जिनमें 6 मरीज उपचाररत हैं और शेष स्वस्थ हो चुके हैं। रोटरी क्लब के सहयोग से प्रभावित क्षेत्र में 1,500 मच्छरदानियों का वितरण किया जा रहा है। साव ने गांव स्तर पर निगरानी और मितानिन स्तर तक आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कृषि विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में पर्याप्त वर्षा से फसलों की स्थिति अच्छी है। समितियों में लगभग 300 क्विंटल बीज तथा 10,000 मीट्रिक टन डीएपी, यूरिया सहित अन्य उर्वरक उपलब्ध हैं। साव ने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है और पंजीयन के अभाव में एक भी किसान धान बेचने से वंचित नहीं रहना चाहिए।

जल जीवन मिशन की समीक्षा में जानकारी दी गई कि जिले की 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और 219 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं।

ऐतिहासिक नगरियों का मास्टर प्लान और आगे की राह

साव ने ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर के समन्वित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, अधोसंरचना विकास और साफ-सफाई कार्यों में तेजी लाने को कहा। आईएसडीपी योजना के तहत निर्मित आवासों की मरम्मत कराकर पात्र गरीब परिवारों को शीघ्र आवंटित करने के भी निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक के बाद जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति और शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की आयुष समिति की बैठक में कई विकास प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। यह स्पष्ट है कि बिलासपुर में प्रशासनिक जवाबदेही और जन-केंद्रित विकास को लेकर साव का रुख सख्त बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जांच के आदेश, और सड़क-बिजली खंभे विवाद — प्रशासनिक जवाबदेही के प्रतीकात्मक संकेत हैं, लेकिन असली परीक्षा यह है कि ये निर्देश जमीन पर कितने उतरते हैं। बिलासपुर में पहली बारिश में जलभराव यह दर्शाता है कि बुनियादी नागरी अधोसंरचना में वर्षों की उपेक्षा है, जिसे महज बैठकों से नहीं सुधारा जा सकता। जल जीवन मिशन की 804 में से केवल 310 योजनाओं का पूरा होना और एग्रीस्टैक पंजीयन की अनिवार्यता — दोनों ही क्रियान्वयन की धीमी गति को उजागर करते हैं। जब तक जवाबदेही के तंत्र में पारदर्शी अनुवर्ती कार्रवाई नहीं होती, ऐसी समीक्षा बैठकें नौकरशाही रिवाज बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिप्टी सीएम अरुण साव ने बिलासपुर बैठक में किन अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस के निर्देश दिए?
साव ने बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायत के सीईओ तथा रतनपुर नगरपालिका के सीएमओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। ये अधिकारी 8 अगस्त 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहे थे।
बिल्हा के बरतोरी-मोहतरा मार्ग पर बिजली खंभे विवाद क्या है?
बिल्हा के बरतोरी से मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीचोबीच बिजली के खंभे खड़े कर दिए गए, जो यातायात के लिए खतरनाक स्थिति उत्पन्न करते हैं। साव ने इस पर गंभीर नाराजगी जताते हुए जिला पंचायत सीईओ को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और दोषी बिजली विभाग अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
बिलासपुर में मलेरिया की स्थिति क्या है?
कोटा विकासखंड में अब तक मलेरिया के 48 मरीज सामने आए हैं, जिनमें 6 अभी उपचाररत हैं और बाकी स्वस्थ हो चुके हैं। रोटरी क्लब के सहयोग से प्रभावित क्षेत्र में 1,500 मच्छरदानियों का वितरण किया जा रहा है।
जल जीवन मिशन बिलासपुर में कितना आगे बढ़ा है?
जिले में कुल 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 पूर्ण हो चुकी हैं और 219 ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। साव ने योजनाओं के निरंतर संचालन के लिए जनभागीदारी से जल अर्पण अभियान चलाने पर जोर दिया।
धान खरीदी के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन क्यों जरूरी है?
इस वर्ष धान खरीदी के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। साव ने स्पष्ट किया कि पंजीयन के अभाव में कोई भी किसान धान बेचने से वंचित न रहे, इसके लिए गांव-गांव शिविर लगाकर पंजीयन कराया जाए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले