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क्या नोएडा में सीईओ ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जल प्रदूषण पर दिए कड़े निर्देश?

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क्या नोएडा में सीईओ ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जल प्रदूषण पर दिए कड़े निर्देश?

सारांश

नोएडा में सीईओ द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जल प्रदूषण, बुनियादी ढांचे और स्वच्छता पर कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई, और जल विभाग के लिए तकनीकी समिति का गठन किया गया, ताकि भविष्य में जल प्रदूषण की घटनाओं को रोका जा सके।

मुख्य बातें

जल प्रदूषण की गंभीरता पर चर्चा हुई।
तकनीकी समिति का गठन किया गया।
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
गंगा जल परियोजना की समयसीमा निर्धारित की गई।
स्वच्छता के लिए नए उपकरणों की खरीद का निर्देश।

नोएडा, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शहर में जनहित से जुड़े मुद्दों, बुनियादी ढांचे और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) महोदय द्वारा आज विभिन्न विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सीईओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सार्वजनिक सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को समयबद्धगुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना होगा। बैठक के दौरान हाल ही में इंदौर में जल प्रदूषण के कारण हुई जनहानि को अत्यंत गंभीरता से लिया गया।

इस घटना को देखते हुए सीईओ महोदय ने जल विभाग के अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति के गठन के निर्देश दिए। यह समिति शहर की पाइपलाइनों में संभावित रिसाव, जंग लगने की समस्या, जलाशयों की स्थिति तथा वॉटर एटीएम में उपलब्ध पानी की शुद्धता की गहन जांच करेगी। समिति विभिन्न क्षेत्रों से पानी के सैंपल एकत्र कर उनकी वैज्ञानिक जांच करेगी और जल्द से जल्द एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

इसके साथ ही गंगा जल परियोजना के संबंध में भी सीईओ ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि 80 क्यूसेक गंगा जल परियोजना से जुड़े सभी कार्य जनवरी 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। समीक्षा बैठक में सड़क बुनियादी ढांचे की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सड़कों के सुधार और रखरखाव के लिए एसीईओ वंदना त्रिपाठी और ओएसडी महेंद्र प्रसाद की सदस्यता वाली एक विशेष टीम का गठन किया गया है।

सीईओ के निर्देशों के अनुपालन में इस टीम ने आज ही मास्टर प्लान रोड-3 के पूरे स्ट्रेच का निरीक्षण किया और यह निर्णय लिया गया कि 15 दिनों के भीतर सड़क सुधार के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की जाएगी। इसके अतिरिक्त, तालाबों के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर सीईओ ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्माण कार्य में देरी करने वाले ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि कार्य में तेजी लाई जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान शहर की स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सीईओ ने सफाई व्यवस्था के लिए अत्याधुनिक ‘मैकेनाइज्ड मशीनों’ और नालों की सफाई हेतु ‘मीडियम साइज’ उपकरणों की खरीद के निर्देश दिए। शहर में व्याप्त गंदगी और कार्य में शिथिलता को गंभीर मानते हुए जन स्वास्थ्य विभाग के चार में से तीन सहायक परियोजना अभियंताओं उमेश चंद, राहुल गुप्ता और सुशील कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

साथ ही, इनके वेतन आहरण पर अगले आदेश तक रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सीईओ ने अंत में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, जनहित को सर्वोपरि रखने और तय समय सीमा में योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीईओ की समीक्षा बैठक में क्या मुख्य मुद्दे उठाए गए?
बैठक में जल प्रदूषण, बुनियादी ढांचे और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
जल विभाग के लिए तकनीकी समिति का गठन क्यों किया गया?
पाइपलाइनों में रिसाव और जल की गुणवत्ता की जांच के लिए तकनीकी समिति का गठन किया गया है।
गंगा जल परियोजना की समयसीमा क्या है?
गंगा जल परियोजना के सभी कार्य जनवरी 2026 तक पूरे करने का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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