बिहार: राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में 181 मामले निपटाए, CM सम्राट चौधरी का 30 दिन में समाधान का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में राज्यभर से आए 181 आवेदकों के मामलों का निष्पादन कराया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समाधान 30 दिनों के भीतर पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम का उद्देश्य और स्वरूप
राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम उन आवेदकों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया जाता है, जो जिला स्तरीय सहयोग शिविरों में अपने मामलों के निर्णय से संतुष्ट नहीं होते। इस मंच पर उनकी शिकायतों का पुनः परीक्षण कर न्यायसंगत निर्णय लेने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचाकर जनता के विश्वास को और मजबूत करना है।
मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृद्धा पेंशन और राशन कार्ड के पात्र आवेदकों को शीघ्र लाभ दिलाया जाए और किसी भी पात्र व्यक्ति को तकनीकी कारणों से योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद यह सुनिश्चित किया जाए कि वह पुनः अतिक्रमण की चपेट में न आए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निष्पादन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवेदन निष्पादन में सहयोग न करने या कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
आम जनता पर असर
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए आवेदकों ने सहयोग शिविर की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम उन नागरिकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो नौकरशाही की जटिलताओं में अपनी शिकायत का समाधान नहीं पा सके थे। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करें।
उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने बरसात के बाद नई सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। राज्य सरकार जनसेवा के संकल्प के साथ काम कर रही है और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताई जा रही है। यह देखना होगा कि 30 दिन की समयसीमा का पालन ज़मीनी स्तर पर कितनी प्रभावी ढंग से सुनिश्चित हो पाता है।