10 अक्टूबर 2026
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भाकियू टिकैत का मतदाता सूची त्रुटियों पर विरोध, गौतम बुद्ध नगर में राष्ट्रपति को ज्ञापन

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भाकियू टिकैत का मतदाता सूची त्रुटियों पर विरोध, गौतम बुद्ध नगर में राष्ट्रपति को ज्ञापन

सारांश

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने गौतम बुद्ध नगर में मतदाता सूची की कथित अनियमितताओं के विरुद्ध राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष मनोज मावी के नेतृत्व में पात्र नागरिकों के नाम बहाल करने और प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की माँग उठाई गई।

मुख्य बातें

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने 10 अक्टूबर 2026 को गौतम बुद्ध नगर में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिला अध्यक्ष मनोज मावी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता को ज्ञापन सुपुर्द किया।
संगठन ने कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए गए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में बहाल करने की माँग की।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी माँग रखी गई।
पुलिस और प्रशासन के समझाने के बाद किसान शांतिपूर्वक सहमत हुए और ज्ञापन सौंपा गया।

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने 10 अक्टूबर 2026 को गौतम बुद्ध नगर में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और पात्र नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाए जाने के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिला अध्यक्ष मनोज मावी के नेतृत्व में किसानों और यूनियन पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने यह ज्ञापन एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता को सुपुर्द किया। संगठन ने मतदाता सूची की समीक्षा और पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की माँग की है।

मुख्य घटनाक्रम

शनिवार को बड़ी संख्या में किसान और यूनियन पदाधिकारी एकत्रित हुए। पुलिस व प्रशासन द्वारा समझाने के प्रयास के बाद किसान शांतिपूर्वक सहमत हुए और प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सदर गौतम बुद्ध नगर आशुतोष गुप्ता के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भिजवाया।

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कई प्रकार की त्रुटियाँ सामने आई हैं और अनेक पूर्णतः पात्र नागरिकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।

संगठन की माँगें

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने ज्ञापन में तीन प्रमुख माँगें रखी हैं। पहली माँग — जारी मतदाता सूची की दोबारा समीक्षा की जाए। दूसरी माँग — जिन पात्र नागरिकों के नाम कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए गए हैं, उनकी जाँच कर नियमानुसार नाम पुनः शामिल किए जाएँ। तीसरी माँग — नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतें उत्पन्न न हों।

जिला अध्यक्ष का बयान

जिला अध्यक्ष मनोज मावी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार प्रत्येक पात्र नागरिक का महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा, 'यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम बिना उचित कारण के मतदाता सूची से हटा दिया जाता है, तो इससे उसके लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित होते हैं।'

मावी ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। गौरतलब है कि यह माँग ऐसे समय में उठाई गई है जब राज्य में आगामी चुनावों की तैयारियाँ होती हैं और मतदाता सूची अद्यतन की प्रक्रिया चलती रहती है।

आम जनता पर असर

यूनियन का कहना है कि मतदाता सूची में अनियमितताएँ केवल किसानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम नागरिक भी प्रभावित हैं। संगठन के अनुसार, लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो।

संगठन ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जाँच के बाद आवश्यक सुधार करने चाहिए और प्रभावित नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जाना चाहिए।

क्या होगा आगे

यूनियन ने प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की माँग की है और कहा है कि संगठन लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और चुनाव आयोग इस ज्ञापन पर क्या कदम उठाते हैं और मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया कब शुरू की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि प्रशासन इस ज्ञापन पर ठोस कार्रवाई करता है या नहीं। चुनाव आयोग की मतदाता सूची अद्यतन प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग जायज़ है, पर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है — इसलिए यह देखना ज़रूरी होगा कि कितने नाम वास्तव में गलत तरीके से हटाए गए और कितने नियमित समीक्षा के तहत।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाकियू टिकैत ने मतदाता सूची को लेकर क्या माँग की है?
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने माँग की है कि जारी मतदाता सूची की दोबारा समीक्षा की जाए और कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए गए पात्र नागरिकों के नाम नियमानुसार पुनः शामिल किए जाएँ। साथ ही नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी माँग रखी गई है।
यह ज्ञापन किसे और कहाँ सौंपा गया?
यह ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम लिखा गया था और गौतम बुद्ध नगर के एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता को 10 अक्टूबर 2026 को सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला अध्यक्ष मनोज मावी ने किया।
भाकियू टिकैत के अनुसार मतदाता सूची में क्या गड़बड़ियाँ हैं?
संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची में कई प्रकार की त्रुटियाँ हैं और अनेक ऐसे नागरिकों के नाम हटा दिए गए हैं जो मतदान करने के लिए पूरी तरह पात्र हैं। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
इस विरोध प्रदर्शन में क्या हुआ?
शनिवार को बड़ी संख्या में किसान और यूनियन पदाधिकारी एकत्रित हुए। पुलिस और प्रशासन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद किसान शांतिपूर्वक सहमत हुए और प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपा।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
यूनियन ने प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की माँग की है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन और चुनाव आयोग इस ज्ञापन पर क्या कदम उठाते हैं और मतदाता सूची की समीक्षा कब शुरू की जाती है। संगठन ने कहा है कि वह अपना संघर्ष जारी रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
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