8 अगस्त 2026
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क्या बीएमसी चुनाव में वोटर्स की अंगुलियों से मिट रहा मार्कर इंक? राज ठाकरे का धांधली का आरोप

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क्या बीएमसी चुनाव में वोटर्स की अंगुलियों से मिट रहा मार्कर इंक? राज ठाकरे का धांधली का आरोप

सारांश

क्या बीएमसी चुनाव में वोटर्स की अंगुलियों पर लगा मार्कर इंक आसानी से मिट रहा है? राज ठाकरे ने इस पर गंभीर चिंता जताई है। जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठाए गए कदम।

मुख्य बातें

मार्कर इंक के उपयोग पर विवाद उठ रहा है।
राज ठाकरे ने आरोप लगाया है कि चुनाव में धांधली हो रही है।
चुनाव आयोग ने सुरक्षा के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।

मुंबई, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया जारी है। इस दौरान कुछ वोटर्स ने चौंकाने वाला दावा किया है कि उनकी अंगुलियों पर लगाया गया मार्कर का निशान आसानी से मिट जाता है। इस पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने भी चिंता व्यक्त की है।

मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में राज ठाकरे ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह वही तरीका है जो उन्होंने विधानसभा चुनावों में अपनाया था। पहले अमिट स्याही का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब मार्कर का उपयोग किया जा रहा है, जो सैनेटाइजर से आसानी से साफ हो जाता है। ऐसे चुनाव जीतना लोकतंत्र नहीं कहलाएगा।

राज ठाकरे ने बीजेपी पर तंज कसते हुए पूछा कि अगर विकास की बात करने वाले लोग वोट की सच्चाई मिटाकर दोबारा वोट डाल सकते हैं, तो यह किस तरह का विकास है?

उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये मिलकर लोकतंत्र के नियमों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बीएमसी चुनाव में सत्ता को जीत मिल सके। उन्होंने वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई और कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस की सरकार जानबूझकर विपक्ष को हाशिए पर डाल रही है।

मनसे प्रमुख ने कहा कि जब उन्होंने डुप्लिकेट वोटर्स का मुद्दा उठाया, तो चुनाव आयोग ने दूरी बना ली। वीवीपीएटी मशीनों पर सवाल उठाए जाने पर अनसुना कर दिया गया।

राज ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद भी उम्मीदवार घर-घर जाकर मिल रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने सत्ताधारी पार्टी को पैसे बांटने की अनुमति दी है।

उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन पूरी तरह से सत्ता पक्ष के हाथों में है। यह मरते हुए लोकतंत्र का संकेत है।

हालांकि, दादर के छाबिलदास स्कूल में एक डुप्लिकेट वोटर पकड़े जाने के बाद राज ठाकरे ने कहा कि कार्यकर्ताओं को सतर्क रहना चाहिए और वोटिंग बूथों की निगरानी करनी चाहिए।

राज ठाकरे ने जोर देकर कहा कि धोखाधड़ी से चुनाव जीतना असली जीत नहीं है। उनकी पार्टी इन गड़बड़ियों को रोकने के लिए काम कर रही है, लेकिन लोकतंत्र की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि चुनाव आयोग ही चुनाव से जुड़ी सभी चीजों का फैसला करता है। उन्होंने कहा कि अगर संदेह है तो आयोग अलग पेन का उपयोग कर सकता है।

बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी ने जांच का आदेश दिया है। कई शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने नए निर्देश दिए हैं कि वोटर्स की अंगुलियों पर जो इंक लगाई जाए, वह त्वचा में अच्छी तरह से लगे ताकि आसानी से न मिट सके।

नगर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पारंपरिक इंडलेबल इंक की जगह मार्कर किट उपलब्ध कराई थी। चुनाव आयोग का कहना है कि ये मार्कर 2012 से हर स्थानीय चुनाव में इस्तेमाल हो रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएमसी चुनाव में क्या हुआ?
बीएमसी चुनाव के दौरान वोटर्स ने आरोप लगाया है कि उनके अंगुलियों पर लगाया गया मार्कर का निशान आसानी से मिट जाता है।
राज ठाकरे ने क्या कहा?
राज ठाकरे ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह किसी भी कीमत पर चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है।
चुनाव आयोग का इस पर क्या कहना है?
चुनाव आयोग ने कहा है कि मार्कर का उपयोग पहले भी होता रहा है और यह 2012 से स्थानीय चुनावों में इस्तेमाल हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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