इमरान खान की बहन अलीमा का बयान: 'ईद पर भी भाई की रिहाई नहीं होगी'
सारांश
Key Takeaways
- इमरान खान की बहनें अडियाला जेल के बाहर धरने पर हैं।
- उन्होंने कहा कि ईद पर भाई की रिहाई की उम्मीद नहीं है।
- पुलिस ने पीटीआई कार्यकर्ताओं को रोका।
- अलीमा ने कानूनी और चिकित्सा सहायता में रुकावटों पर चिंता जताई।
- पत्र में इमरान खान के इलाज की तुलना नवाज शरीफ से की गई।
इस्लामाबाद, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनें अडियाला जेल के बाहर फिर से धरने पर बैठ गई हैं। तीनों को चेक पोस्ट पर रोका गया, जिसकी खिलाफ उन्होंने धरना दिया। स्थानीय मीडिया ने बताया कि पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं को भी पीछे धकेल दिया, जो जेल की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे।
मंगलवार को जेल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, अलीमा खान ने इसे बेहद निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद परिवार के सदस्यों को पीटीआई संस्थापक से मिलने नहीं दिया गया।
पीटीआई के आधिकारिक एक्स हैंडल पर अलीमा की एक वीडियो क्लिप साझा की गई है, जिसमें वह गुस्से और हताशा में कह रही हैं कि उन्हें विश्वास है कि भाई को ईद में भी रिहा नहीं किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में, उन्होंने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उनके भाई को ईद से पहले रिहा किया जाएगा।
पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन के अनुसार, अलीमा ने उन खबरों पर टिप्पणी की कि इमरान खान को ईद में रिहा किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "वे उसे रिहा नहीं करना चाहते। आजकल जो दुनिया में हो रहा है उस पर ध्यान देने से, आपको पता चल जाएगा कि इमरान खान जेल में क्यों हैं? उनके साथ जो हो रहा है उसे तारीख याद रखेगी।"
इससे पहले फरवरी में, जेल में बंद पीटीआई के नेताओं ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था, जिसमें इमरान खान को कानूनी और चिकित्सा मदद में कथित रुकावटों पर चिंता जताई गई थी।
नेताओं ने चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी को लिखे अपने खत में उनसे इस मामले में दखल देने की अपील की ताकि इंसाफ हो सके। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अफरीदी से अनुरोध किया कि इमरान खान को कानून के अनुसार निजी चिकित्सक, कानूनी सलाहकार और परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति मिले।
पत्र में, पीटीआई नेताओं ने इमरान खान के इलाज की तुलना पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के २०१९ में हुए चिकित्सा उपचार से की। उन्होंने कहा कि तब की सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि नवाज शरीफ को लाहौर के सर्विसेज हॉस्पिटल ले जाया जाए, और उन्हें सही चिकित्सा देखभाल मिले।