क्या ब्रेल डे पर 'स्पर्श' से 'श्रीकांत' तक, इन सितारों ने ब्लाइंड रोल में किया कमाल?
सारांश
Key Takeaways
- ब्रेल लिपि दृष्टिहीनों के लिए ज्ञान का एक महत्वपूर्ण साधन है।
- बॉलीवुड ने दृष्टिहीन किरदारों के माध्यम से समाज में महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाया है।
- दृष्टिहीन किरदारों को निभाने के लिए एक्टर्स ने ब्रेल लिपि सीखी।
- फिल्में केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के मुद्दों की भी चर्चा करती हैं।
- दिव्यांगों की ताकत और संघर्ष को उजागर करने की आवश्यकता है।
मुंबई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हर साल 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस मनाया जाता है। यह दिन ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने दृष्टिहीनों के लिए स्पर्श से पढ़ने-लिखने का माध्यम प्रदान किया। बॉलीवुड में कई फिल्मों ने दृष्टिहीन किरदारों की जिंदगी को गहराई से प्रदर्शित किया है। इन किरदारों को जीवंत बनाने के लिए कई एक्टर्स ने ब्रेल लिपि सीखी और दृष्टिहीनों की दुनिया को समझा। इस प्रकार के किरदारों ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि दिव्यांगों के संघर्ष और ताकत को भी उजागर किया।
ब्रेल लिपि उभरे हुए बिंदुओं से निर्मित होती है, जिसे स्पर्श से पढ़ा जाता है। यह दृष्टिहीनों को स्वतंत्र रूप से ज्ञान प्राप्त करने की क्षमता प्रदान करती है। आज के हाईटेक समय में भी ब्रेल का महत्व बना हुआ है। बॉलीवुड में अनेक एक्टर्स ने दृष्टिबाधित किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया है। इनमें से कई ने अपने किरदार को और वास्तविक बनाने के लिए ब्रेल लिपि सीखी। इस सूची में अभिनेत्री नikita दत्ता से लेकर काजल अग्रवाल तक का नाम शामिल है।
साल 1980 में रिलीज हुई फिल्म 'स्पर्श' में नसीरुद्दीन शाह ने एक दृष्टिहीन स्कूल प्रिंसिपल अनिरुद्ध का किरदार निभाया। फिल्म में वह शबाना आजमी के साथ रोमांस करते दिखाई दिए। अनिरुद्ध एक स्वाभिमानी और मजबूत इंसान है, जो अपनी कमजोरी को ताकत में बदलता है। 'स्पर्श' एक विधवा और दिव्यांग व्यक्ति की कहानी बयां करती है। नसीरुद्दीन की सूक्ष्म एक्टिंग ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिलाया। यह फिल्म दृष्टिहीनों की भावनाओं को संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करती है।
साल 2005 में संजय लीला भंसाली की 'ब्लैक' में रानी मुखर्जी ने मूकबधिर और दृष्टिहीन लड़की मिशेल का रोल किया। अमिताभ बच्चन उनके शिक्षक के रूप में थे। रानी की परफॉर्मेंस शानदार थी। उन्होंने साल के लगभग सभी बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड्स जीते, जिनमें फिल्मफेयर, आईफा और जी सिने शामिल हैं। यह फिल्म दृष्टिबाधित लोगों की चुनौतियों और सपनों को खूबसूरती से दर्शाती है।
साल 2006 में आई 'फना' में काजोल ने कश्मीरी दृष्टिहीन लड़की जूनी का किरदार निभाया। फिल्म में आमिर खान उनके गाइड बने थे। काजोल की संवेदनशील एक्टिंग ने उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड दिलाया। फिल्म में जूनी का किरदार कई उतार-चढ़ाव से गुजरता है, जिसे काजोल ने बखूबी पर्दे पर निभाया।
साल 2010 में आई फिल्म 'लफंगे परिंदे' में दीपिका पादुकोण ने दृष्टिहीन स्केटर पिंकी पालकर का रोल किया। नील नितिन मुकेश ने उनके कोच का किरदार निभाया। दीपिका ने सपनों को हार न मानने वाली लड़की के किरदार को बखूबी निभाया। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत रही, लेकिन दीपिका की परफॉर्मेंस की प्रशंसा हुई।
साल 2016 में आई 'दो लफ्जों की कहानी' में काजल अग्रवाल ने दृष्टिहीन जेनी का किरदार निभाया। फिल्म में रणदीप हुड्डा उनके साथ लीड रोल में थे। काजल ने रोल की तैयारी के लिए ब्रेल लिपि सीखी और स्पेशल वर्कशॉप भी की। उन्होंने दृष्टिहीन लड़की की जिंदगी को समझने के लिए खास मेहनत की थी।
ऋतिक रोशन और यामी गौतम ने साल 2017 की फिल्म 'काबिल' में दृष्टिबाधित कपल का रोल किया। ट्रेजेडी के बाद ऋतिक बदला लेते हैं। दोनों की एक्टिंग सराही गई। ऋतिक ने कमजोर प्रेमी से खतरनाक इंसान तक का सफर शानदार तरीके से निभाया। दोनों ने इस रोल के लिए विशेष मेहनत की थी।
साल 2024 में रिलीज 'श्रीकांत' में राजकुमार राव ने रियल लाइफ दृष्टिबाधित उद्यमी श्रीकांत बोला का किरदार निभाया। फिल्म उनकी सफलता की कहानी कहती है। राजकुमार की एक्टिंग को दर्शकों का खूब प्यार मिला।
अभिनेत्री नikita दत्ता ने 'ड्रीम गर्ल' में दृष्टिहीन लेखिका का रोल किया और इसके लिए ब्रेल सीखी थी। कहानी दृष्टिबाधित लोगों की मजबूती और संघर्ष को सलाम करती है।