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BS-6 वाहन प्रतिबंध से विपक्षी रैली रोकने की साजिश? कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद का आरोप

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BS-6 वाहन प्रतिबंध से विपक्षी रैली रोकने की साजिश? कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद का आरोप

सारांश

कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने 1 नवंबर से लागू BS-6 वाहन प्रतिबंध की टाइमिंग को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि यह कदम उसी दिन की विपक्षी रैली को बाधित करने की साजिश है। साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने की माँग भी दोहराई।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने 28 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि BS-6 वाहन प्रतिबंध की 1 नवंबर की तारीख विपक्षी रैली को बाधित करने के लिए तय की गई हो सकती है।
1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कांग्रेस और विपक्षी दलों की रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाए जाने की योजना है।
शमा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिससे BJP को फायदा पहुँचाने की कोशिश हुई।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए केंद्र, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सरकारों के बीच संयुक्त कार्ययोजना की माँग की गई।
दिल्ली पुलिस ने मॉक पार्लियामेंट सत्र की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद कांग्रेस ने मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर सत्र आयोजित करने का फैसला किया।

कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आरोप लगाया कि 1 नवंबर से लागू होने वाले BS-6 वाहन प्रतिबंध की तारीख और समय के पीछे कांग्रेस व विपक्षी दलों की प्रस्तावित रैली में जन-भागीदारी को प्रभावित करने की मंशा हो सकती है। उन्होंने साफ कहा कि 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित इस रैली को बाधित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

BS-6 प्रतिबंध पर कांग्रेस का रुख

शमा मोहम्मद ने कहा कि केवल कुछ श्रेणी के वाहनों पर रोक लगाने से दिल्ली में प्रदूषण का स्थायी समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार प्रतिबंध के कुछ दिनों बाद वही वाहन फिर सड़कों पर उतर आएंगे। उन्होंने तर्क दिया कि प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सरकारों को मिलकर व्यापक योजना बनानी होगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माँग की कि वे संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर युद्धस्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। शमा ने पराली जलाने, टूटी सड़कों और फुटपाथों से उड़ने वाली धूल, निर्माण गतिविधियों और सार्वजनिक परिवहन की कमी को भी प्रदूषण के प्रमुख कारणों में गिनाया।

प्रतिबंध की तारीख पर सवाल

शमा मोहम्मद ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली में प्रदूषण अक्टूबर से ही बढ़ने लगता है, तो प्रतिबंध 1 नवंबर से रात 12 बजे से लागू करने का निर्णय क्यों लिया गया। उनका आरोप है कि यह समय-सीमा संयोगवश नहीं, बल्कि जानबूझकर चुनी गई हो सकती है, ताकि कांग्रेस और विपक्षी दलों की उस दिन प्रस्तावित रैली में लोगों की आवाजाही बाधित हो सके। इस रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी आवाज उठाए जाने की योजना है।

चुनाव आयोग और मतदाता सूची विवाद

कांग्रेस प्रवक्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को फायदा पहुँचाने की कोशिश की गई है। शमा ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से जुड़े मामले और फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर न्यायपालिका और चुनाव आयोग के बीच उठे सवालों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार 1 नवंबर की रैली नहीं चाहती, तो ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए — यह माँग कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी पहले उठा चुके हैं।

BJP के 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' और व्यापारियों का मुद्दा

शमा मोहम्मद ने आरोप लगाया कि BJP अपने कार्यक्रम बिना किसी रोक-टोक के आयोजित करती है, लेकिन जब विपक्ष कार्यक्रम करता है, तब व्यापारियों की परेशानियों का हवाला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी दलों को अपनी बात रखने का समान अधिकार होना चाहिए। चांदनी चौक में होने वाले कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं पर सभी राजनीतिक दलों के आयोजनों को एक ही पैमाने से परखा जाना चाहिए।

मॉक पार्लियामेंट सत्र और आगे की राह

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट सत्र के बारे में शमा ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पार्टी ने खड़गे के आवास को विकल्प के रूप में चुना। उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्षी नेता लोकतांत्रिक तरीके से संवाद करना चाहते हैं, तो उन्हें रोका क्यों जाता है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह चुनाव आयोग की जवाबदेही की माँग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उतना ही सच है कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या वर्षों से नीतिगत उपेक्षा का शिकार रही है, और विपक्ष स्वयं भी जब सत्ता में रहा, इस मोर्चे पर उल्लेखनीय काम नहीं कर सका। मतदाता सूची से 13 करोड़ नामों के विलोपन का आरोप गंभीर है और स्वतंत्र सत्यापन की माँग करता है — महज़ राजनीतिक बयानबाजी से आगे जाकर। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इन मुद्दों को सड़क पर नहीं, बल्कि संस्थागत मंचों पर भी उतनी ही शिद्दत से उठाएगा।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने BS-6 वाहन प्रतिबंध पर क्या आरोप लगाया है?
कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने आरोप लगाया है कि 1 नवंबर से रात 12 बजे लागू होने वाले BS-6 वाहन प्रतिबंध की टाइमिंग जानबूझकर तय की गई हो सकती है, ताकि उसी दिन की विपक्षी रैली में लोगों की भागीदारी कम हो सके। उनके अनुसार दिल्ली में अक्टूबर से ही प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए इतनी देर से प्रतिबंध लागू करना संदिग्ध है।
1 नवंबर की विपक्षी रैली किस मुद्दे पर है?
1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कांग्रेस और विपक्षी दलों की रैली का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा। मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने का आरोप इस रैली का केंद्रीय मुद्दा है।
कांग्रेस दिल्ली प्रदूषण पर क्या समाधान सुझा रही है?
कांग्रेस प्रवक्ता ने माँग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर युद्धस्तर पर कार्रवाई करें। उन्होंने पराली जलाने, टूटी सड़कों से उठती धूल और निर्माण गतिविधियों को भी प्रदूषण का कारण बताते हुए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।
मॉक पार्लियामेंट सत्र को लेकर क्या विवाद है?
कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस से मॉक पार्लियामेंट सत्र की अनुमति माँगी थी, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया। इसके बाद पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर यह सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया।
व्यापारियों की शिकायतों पर कांग्रेस का क्या कहना है?
शमा मोहम्मद ने कहा कि व्यापारियों की परेशानियों को केवल विपक्ष की रैली से जोड़ना उचित नहीं है। उनका तर्क है कि BJP के कार्यक्रमों के दौरान भी यातायात बाधित होती है, लेकिन तब इसी तरह की चिंता नहीं जताई जाती — सभी राजनीतिक दलों के आयोजनों को एक ही पैमाने से परखा जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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