बक्सर में ₹50,000 की रिश्वत लेते सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार गिरफ्तार, विजिलेंस टीम ने बिछाया था जाल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार को 16 अक्टूबर 2026 को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की नौ सदस्यीय टीम ने यह कार्रवाई एक पूर्व-नियोजित जाल के तहत अंजाम दी।
कैसे बिछाया गया जाल
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग को सूचित किया था कि सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने एक मामले में हस्तक्षेप करने के बदले ₹50,000 की माँग की है। इस शिकायत के आधार पर डीएसपी विनोद कुमार के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने रणनीति तैयार की और शिकायतकर्ता को पूर्व-निर्धारित स्थान पर रिश्वत की राशि सौंपने के लिए कहा।
जैसे ही आरोपी अधिकारी ने ₹50,000 की नकद राशि स्वीकार की, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। विजिलेंस टीम के सदस्य आशीष चौबे ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के बाद की गई।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
डुमरांव के एसडीपीओ भास्कर रंजन ने गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की और कहा कि मामले की विस्तृत जाँच जारी है। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने ब्रह्मपुर में नेशनल हाईवे के निकट एक निजी होटल में आरोपी सब-इंस्पेक्टर से पूछताछ की, जिसमें रिश्वत की माँग और उससे जुड़े मामले के बारे में अधिक जानकारी जुटाई गई।
आगे की कानूनी कार्रवाई
आरोपी अधिकारी नीरज कुमार को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना की विशेष विजिलेंस कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, मामले से संबंधित सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ताज़ा कार्रवाइयाँ
गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी बिहार में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान की एक ताज़ा कड़ी है। इससे पहले 10 अक्टूबर 2026 को बिहार की आर्थिक अपराध इकाई ने तत्कालीन जाँच अधिकारी राजेंद्र राम को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी गोपालगंज में शराब की खेप के साथ जब्त एक स्कॉर्पियो गाड़ी की पहचान और नीलामी में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में हुई थी, और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में पुलिस महकमे में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।