ब्यावरा में गैस सिलेंडर विस्फोट: सुरेंद्र सिंह भल्ला की मौत, पत्नी गंभीर
सारांश
Key Takeaways
- 25 अप्रैल, सुबह 5 बजे ब्यावरा की शिवधाम कॉलोनी में एलपीजी सिलेंडर विस्फोट हुआ।
- 60 वर्षीय सुरेंद्र सिंह भल्ला की मौत नरसिंहगढ़ के पास अस्पताल ले जाते समय हुई।
- पत्नी पदमा भल्ला गंभीर रूप से झुलसी हैं और भोपाल में उपचाराधीन हैं।
- घर में पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन होने से विस्फोट का सटीक कारण अस्पष्ट।
- पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया; फोरेंसिक टीम जांच में जुटी।
- शव को पोस्टमार्टम के लिए बियाओरा सिविल अस्पताल भेजा गया।
ब्यावरा (राजगढ़), 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के ब्यावरा कस्बे में शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसे में एलपीजी गैस सिलेंडर विस्फोट से 60 वर्षीय सुरेंद्र सिंह भल्ला की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी पदमा भल्ला गंभीर रूप से झुलस गईं और उनका उपचार भोपाल के एक अस्पताल में जारी है। यह विस्फोट राजगढ़ बाईपास रोड स्थित शिवधाम कॉलोनी में हुआ, जिसने पूरे मोहल्ले को हिलाकर रख दिया।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तड़के सुबह सुरेंद्र सिंह भल्ला के घर की रसोई में रखे एलपीजी सिलेंडर में अचानक आग भड़क उठी। देखते-देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के निवासी दहशत में अपने घरों से बाहर भाग खड़े हुए।
दंपति दोनों उस समय घर पर ही थे और विस्फोट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। पड़ोसियों ने सतर्कता दिखाते हुए तत्काल बचाव कार्य किया और सुरेंद्र सिंह तथा पदमा भल्ला को ब्यावरा सिविल अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में रेफर, रास्ते में हुई मौत
सिविल अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल भोपाल के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। हालांकि, सुरेंद्र सिंह भल्ला भोपाल पहुंचने से पहले ही नरसिंहगढ़ के निकट रास्ते में ही दम तोड़ गए।
उनकी पत्नी पदमा भल्ला की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उनका उपचार जारी है। परिवार और पड़ोसियों में शोक की लहर है।
जांच में पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन का खुलासा
प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी दी कि सुरेंद्र सिंह भल्ला के घर में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन के साथ-साथ एलपीजी सिलेंडर भी मौजूद था। इस दोहरी गैस आपूर्ति व्यवस्था ने आग लगने के सटीक स्रोत को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन विस्फोट का असली कारण अभी तक स्थापित नहीं हो पाया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए।
फोरेंसिक जांच और कानूनी कार्रवाई
सुरेंद्र सिंह भल्ला के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए बियाओरा सिविल अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है। विस्फोट के कारणों की गहन जांच के लिए एक फोरेंसिक टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर से जुड़े हादसे पिछले कुछ वर्षों में चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही घर में पीएनजी और एलपीजी दोनों का एक साथ उपयोग तकनीकी रूप से जोखिमभरा हो सकता है और इस पर नियामक निगरानी की आवश्यकता है।
व्यापक संदर्भ: घरेलू गैस हादसों की बढ़ती चिंता
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में हर साल एलपीजी सिलेंडर से जुड़े सैकड़ों हादसे दर्ज होते हैं, जिनमें से अधिकांश गैस रिसाव या रेगुलेटर खराबी के कारण होते हैं। मध्य प्रदेश में भी ऐसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञ नागरिकों से अपील करते हैं कि रसोई में उपयोग के बाद सिलेंडर का रेगुलेटर बंद करें और गैस रिसाव की स्थिति में तत्काल आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें।
इस घटना की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। पदमा भल्ला की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनी हुई है और प्रशासन ने परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।