कोयंबटूर में तीन बकरियों की संदिग्ध मौत, मदुक्कराई वन रेंज ने लगाए चार कैमरा ट्रैप
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के कोयंबटूर ज़िले की मावुथांपथी पंचायत के राम्या गार्डन इलाके में तीन बकरियों की संदिग्ध मौत के बाद मदुक्कराई वन रेंज हरकत में आई है और घटनास्थल के आसपास चार कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। स्थानीय निवासियों को आशंका है कि यह किसी तेंदुए का काम है, हालाँकि वन विभाग ने अभी तक हमलावर जानवर की पहचान की पुष्टि नहीं की है।
घटनाक्रम: क्या हुआ राम्या गार्डन में
बकरियों के मालिक वेलुसामी ने सोमवार सुबह जब अपने बाड़े का मुआयना किया, तो उन्हें दो बकरियाँ मृत अवस्था में मिलीं। तीसरी बकरी का कोई सुराग नहीं था और अधिकारियों के अनुसार, संभावना है कि उसे कोई जंगली जानवर उठा ले गया। वेलुसामी ने तत्काल वन विभाग के कर्मचारियों को सूचित किया।
वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुँचकर जानवरों के पैरों के निशान खोजे, परंतु निशान इतने अस्पष्ट थे कि उनके आधार पर प्रजाति की पुष्टि संभव नहीं हो सकी। कर्मचारियों ने गायब बकरी के अवशेष तलाशने के लिए आसपास के वन क्षेत्र की भी छानबीन की।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
एक वन अधिकारी ने बताया, "मालिक का मानना है कि तेंदुआ एक बकरी को उठा ले गया। लेकिन पैरों के निशानों से हम इसकी पुष्टि नहीं कर सकते।" विभाग को उम्मीद है कि मंगलवार तक कैमरा फुटेज की जाँच से यह स्पष्ट हो जाएगा कि क्षेत्र में तेंदुआ सक्रिय है या नहीं।
इलाके में गश्त के लिए एक विशेष टीम भी तैनात की गई है, जिसे किसी भी संदिग्ध दिखावट या हमले की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गश्त में क्यों आई थी कमी
गौरतलब है कि अधिकारियों ने स्वीकार किया कि वन विभाग के कर्मचारी लगभग एक महीने पहले तक इस क्षेत्र में नियमित गश्त करते थे। हाल के हफ्तों में उन्हें जंगली हाथियों को मानव बस्तियों से दूर भगाने के अभियान में लगाया गया, जिससे इस इलाके में निगरानी अस्थायी रूप से कम हो गई। यह तथ्य महत्त्वपूर्ण है क्योंकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की ये दोनों चुनौतियाँ एक साथ सामने आई हैं।
आम जनता पर असर और वन विभाग की अपील
विभाग ने इलाके के पशुपालकों से अपील की है कि वे अपनी बकरियों और मवेशियों को, विशेषकर रात के समय, मज़बूत और सुरक्षित बाड़ों में रखें। अधिकारियों ने कहा कि यह सलाह पहले भी कई बार दी जा चुकी है, लेकिन पशुओं को खुले में छोड़ने की प्रवृत्ति जारी है।
निवासियों से अनुरोध किया गया है कि यदि कोई संदिग्ध जानवर दिखे, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें ताकि समय पर उचित कदम उठाए जा सकें।
मुआवज़ा और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पशुपालक वेलुसामी विभाग में आवेदन देकर अपनी बकरियों के नुकसान के लिए मुआवज़ा माँग सकते हैं और विभाग तय प्रक्रिया के अनुसार उनके दावे पर कार्रवाई करेगा। आगे के कदम पूरी तरह कैमरा ट्रैप की फुटेज और क्षेत्र से आने वाली नई रिपोर्टों पर निर्भर करेंगे।